
Maharashtra Deputy CM: भारत के सबसे राजनीतिक रूप से सक्रिय राज्यों में से एक महाराष्ट्र का परिदृश्य हमेशा से ही दिलचस्प रहा है। मुंबई, पुणे, नागपुर और अन्य महत्वपूर्ण केंद्रों से प्रकाशित होने वाली राजनीतिक खबरें न केवल राज्य बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बनती हैं। महाराष्ट्र की राजनीति में गठबंधन, पार्टी विभाजन, सत्ता परिवर्तन और सशक्त नेतृत्व की भूमिका हमेशा से महत्वपूर्ण रही है। भारतीय राजनीति के बड़े दलों जैसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और शिव सेना के बीच सत्ता संघर्ष और सहयोग की राजनीति समय-समय पर महाराष्ट्र की राजनीति को नए मोड़ देती रही है।
हाल ही में, इस राजनीतिक रंगमंच में एक बड़ा हादसा हुआ, जिसने राज्य की राजनीति की दिशा ही बदल दी है एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजित पवार का आकस्मिक निधन। उनके असामयिक निधन ने न केवल परिवार को दुःख की गहराइयों में धकेल दिया है, बल्कि राजनीतिक दलों और गठबंधनों के भीतर नई लहरें भी पैदा कर दी हैं। अब इस घटना के बाद महाराष्ट्र की सत्ता संरचना में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद जताई जा रही है। अजित पवार का नाम महाराष्ट्र की राजनीति में एक मजबूत नेतृत्व के रूप में लिया जाता था। उन्होंने वर्षो तक राज्य के शासन और प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, खासकर कृषि, ग्रामीण विकास और वित्त जैसे क्षेत्रों में। उनकी राजनीतिक पहचान सिर्फ एक मुख्यमंत्री या नेता के रूप में नहीं, बल्कि एक अनुभवी रणनीतिकार के रूप में भी थी। इसलिए उनके निधन का प्रभाव पार्टी कार्यकर्ताओं, गठबंधन सहयोगियों और आम जनता पर गहरा दिखाई दिया।
अब, अजित पवार के जाने के बाद, राजनीतिक वैकेंसी और नेतृत्व के खाली पड़े पदों को भरने की पहल तेज हो गई है। इस बीच, उनके परिवार में राजनीतिक उत्तराधिकार को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इसके तहत सबसे प्रमुख नाम सामने आया है सुनेत्रा पवार, जो अजित पवार की पत्नी हैं और वर्तमान में राज्यसभा सांसद के रूप में सक्रिय राजनीति का हिस्सा हैं। राजनीतिक विश्लेषक और पार्टी सूत्रों का मानना है कि सुनेत्रा पवार को उप मुख्यमंत्री के रूप में लाने की दिशा में एनसीपी के भीतर व्यापक समर्थन बन रहा है।



