देहरादून. उत्तराखंड में भू-धंसाव से प्रभावित जोशीमठ में बृहस्पतिवार को दरार वाले भवनों की संख्या बढ़कर 760 हो गयी जबकि 145 परिवारों के 589 सदस्यों को अब तक सुरक्षा के मद्देनजर अस्थायी रूप से सुरक्षित जगहों पर भेजा गया है. यहां संवाददाता सम्मेलन में आपदा प्रबंधन सचिव रंजीत सिन्हा ने कहा कि विस्थापन के संबंध में अंतरिम राहत के रूप में 42 परिवारों को 63 लाख रुपये की धनराशि वितरित की जा चुकी है. उन्होंने बताया कि केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान द्वारा दरार वाली इमारतों को गिराने की कार्रवाई की निगरानी के अलावा अस्थायी पुनर्वास के लिए ‘अस्थायी आश्रय स्थल’ की डिजाइन तैयार की जा रही है.
सिन्हा ने कहा कि वर्तमान समय में जोशीमठ में राज्य आपदा मोचन बल की दो और राज्य आपदा प्रतिवादन बल की आठ टुकड़ियां तैनात की गई हैं जबकि किसी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सेना और भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के हेलीकॉप्टर तैनात हैं.
अधिकारी ने कहा कि जोशीमठ की जे पी कॉलोनी में भू-धंसाव वाली जगह से पानी निकलने की मात्रा कम हुई है और छह जनवरी के मुकाबले आधे से भी घटकर केवल 240 लीटर प्रति मिनट हो गयी है. उन्होंने कहा कि केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान द्वारा मकानों को हुए नुकसान का जायजा लिया जा रहा है जिसके लिए लोक निर्माण विभाग के 30 इंजीनियर मदद कर रहे हैं.