संबलपुर. ओडिशा के हिंसा प्रभावित संबलपुर शहर जा रहे भारतीय जनता पार्टी के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को मंगलवार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. केंद्रीय मंत्री बिश्वेश्वर टुडू, सांसद जुएल ओराम (सुंदरगढ़) और सुरेश पुजारी (बरगढ़), विधायक नाउरी नायक, शंकर ओराम और कुसुम टेटे, भाजपा की ओडिशा इकाई के प्रमुख मनमोहन सामल इस उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं. ये लोग संबलपुर जाने की कोशिश कर रहे थे जिन्हें झारसुगुड़ा-संबलपुर मार्ग पर श्रीपुरा चौक पर रोक दिया गया और आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई. इसके बाद उन्हें पास के थेलकोली थाने ले जाया गया और हिरासत में लिया गया.
संबलपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तपन कुमार मोहंती ने यह जानकारी देते हु बताया, ‘‘ भाजपा प्रतिनिधिमंडल को शहर में प्रवेश करने से मना कर दिया गया क्योंकि वहां धारा 144 लागू है. कर्फ्यू के समय उन्हें शहर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जा सकती.’’
श्रीपुरा चौक पर पुलिस द्वारा रोके जाने पर टुडू ने पत्रकारों से कहा, ‘‘ मैं संबलपुर में एक केंद्रीय मंत्री को जाने से रोकने के लिए ओडिशा सरकार की कड़ी ंिनदा करता हूं जहां हिंसा के दौरान एक आदिवासी युवक मारा गया था. देश के आदिवासी मामलों का मंत्री होने के अलावा, मैं खुद एक आदिवासी हूं… जान गंवाने वाले आदिवासी युवक के परिवार से मिलना मेरा कर्तव्य है. हालांकि पुलिस ने मुझे रास्ते में ही रोक दिया.’’ केंद्र सरकार के समक्ष यह मुद्दा उठाने की बात कहते हुए टुडू ने कहा, ‘‘ यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि संबलपुर जिला प्रशासन ने मुझे और मेरे सहयोगियों को शहर में प्रवेश करने से रोक दिया. उन्हें (प्रशासन को) हमारे दौरे के बारे में पहले ही सूचना दी गई थी.’’ सुंदरगढ़ से सांसद जुएल ओराम ने कहा, ‘‘ यह दुखद है कि पुलिस ने भाजपा सांसदों और विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल को रोका. हमें शहर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है, जबकि दंगाई खुलेआम घूम रहे हैं.’’
बरगढ़ से सांसद सुरेश पुजारी ने भी राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘ उन्हें डर था कि पुलिस की कमियां सामने आ जाएंगी इसलिए उन्होंने हमें रोका. पुलिस अभी तक हिंसा के दौरान एक आदिवासी युवक की हत्या करने वालों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है. संबलपुर के जिला अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कदम उठा रहे हैं.’’
इससे पहले पुजारी ने आरोप लगाया था कि उन्हें सखिपदा में उनके आवास से बाहर नहीं आने दिया गया. उन्होंने कहा था, ‘‘ मैं यह मुद्दा संसद में उठाऊंगा.’’ भाजपा की ओडिशा इकाई के अध्यक्ष मनमोहन सामल भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे. सामल ने आरोप लगाया, ‘‘ मुख्यमंत्री को डर है कि भाजपा के नेता संबलपुर में बड़े पैमाने पर हुई हिंसा से निपटने में उनकी अक्षमताओं को उजागर कर सकते हैं.’’
हिंसा प्रभावित संबलपुर में इंटरनेट सेवाओं के निलंबन की अवधि और 24 घंटे बढ़ाई गई
ओडिशा में हिंसा प्रभावित संबलपुर के जिला प्रशासन ने इंटरनेट सेवाओं के निलंबन की अवधि को और 24 घंटे के लिए बढ़ा दिया है, जबकि कर्फ्यू में कुछ ढील दी है. एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी. इंटरनेट सेवाएं अब बुधवार को सुबह 10 बजे तक निलंबित रहेंगी. जिला प्रशासन ने कर्फ्यू के समय में कुछ ढील दी है. अब सुबह साढ़े सात बजे से अपराह्न एक बजे तक और दोपहर साढ़े तीन से शाम छह बजे तक जनता की सुविधा के लिए कर्फ्यू में ढील दी जाएगी.
शहर में 12 अप्रैल को और फिर 14 अप्रैल को व्यापक स्तर पर हुई हिंसा में 10 पुलिस र्किमयों सहित कई लोग घायल हो गए थे. इस दौरान आगजनी की गई और कई संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया. हनुमान जयंती (14 अप्रैल) से एक दिन पहले निकाली जा रही ‘बाइक रैली’ के दौरान हुई हिंसा के बाद 13 अप्रैल से इंटरनेट सेवाएं निलंबित हैं. यहां चौथी बार इंटरनेट सेवाएं निलंबित की गई हैं, ताकि किसी भी आपत्तिजनक या भड़काऊ संदेश को सोशल मीडिया पर प्रसारित होने से रोका जा सके.
इस बीच, केंद्रीय मंत्री बिश्वेश्वर टुडू, सांसद जुएल ओराम और सुरेश पुजारी, विधायक नाउरी नायक, शंकर ओरम और कुसुम टेटे, भाजपा की ओडिशा इकाई के प्रमुख मनमोहन सामल सहित भाजपा का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल संबलपुर पहुंच रहा है. प्रतिनिधिमंडल के हिंसा में घायल हुए लोगों से मिलने की योजना भी है. संबलपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) बी. गंगाधर ने कहा कि हिंसा से जुड़े मामलों में अभी तक 85 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.