
करंजिया/धामनगर/नयी दिल्ली. ओडिशा सरकार ”बाहरी” लोगों द्वारा चलाए जाने का आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने बृहस्पतिवार को दावा किया विधायक और सांसद जैसे जन प्रतिनिधि भी मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से नहीं मिल पा रहे हैं. करंजिया और धामरा में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए नड्डा ने कहा कि इस चलन से छुटकारा पाने के लिए राज्य में सरकार बदलने की जरूरत है.
करंजिया में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ”ओडिशा सरकार को बाहरी व्यक्ति चला रहा है. ओडिशा का कोई ऐसा बेटा या बेटी नहीं है जो कि सरकार को चला सके. ओडिशा के विधायक और सांसदों को मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचने से कौन रोक रहा है?” हालांकि, नड्डा ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा साफ तौर पर मुख्यमंत्री के करीबी सहयोगी नौकरशाह से बीजू जनता दल (बीजद) नेता बने वी.के. पांडियन की तरफ था.
भाजपा पांडियन को ओडिशा की राजनीति में ”बाहरी” बताती रही है. पांडियन का जन्म तमिलनाडु में हुआ, उन्होंने दिल्ली में पढ़ाई की और पंजाब कैडर में भारतीय प्रशासनिक अधिकारी (आईएएस) अधिकारी के रूप में अपना करियर शुरू किया, लेकिन एक ओडिशा की लड़की से शादी करने के बाद वह ओडिशा कैडर में आ गए. लोगों से भाजपा को वोट देने का आग्रह करते हुए नड्डा ने कहा कि वह सभा को आश्वासन देते हैं कि केवल ओडिशा का बेटा या बेटी ही राज्य पर शासन करेगा. नड्डा ने यह भी दावा किया कि सभी सरकारी ठेके बाहरी लोगों को दिये जा रहे हैं.
उन्होंने धामनगर में एक अन्य रैली में कहा, ”यहां तक कि स्कूल वर्दी, बच्चों के लिए साइकिल और स्कूल में भोजन की आपूर्ति का ठेका भी बाहरी ठेकेदारों को दिया जाता है.” भाजपा अध्यक्ष ने पुरी में भगवान जगन्नाथ के रत्न भंडार (खजाना भंडार) की चाबियां गायब होने को लेकर बीजद सरकार पर भी हमला बोला और कहा कि चुनाव के बाद भाजपा द्वारा गठित नयी सरकार उन चाबियों का पता लगाएगी.
‘इंडी’ गठबंधन मुस्लिम लीग के एजेंडे को आगे बढ़ा रहा है: नड्डा
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर ग.ैर-संवैधानिक तरीक.े से तुष्टीकरण की नीति को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया और दावा किया इसी प्रकार ‘इंडिया’ गठबंधन मुस्लिम लीग के एजेंडे को आगे बढ़ाने का काम कर रहा है. कलकत्ता उच्च न्यायालय की ओर से पश्चिम बंगाल में 2010 से कई वर्गों को दिए गए ओबीसी दर्जे को अवैध करार दिए जाने के एक दिन बाद नड्डा ने एक बयान में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और इस मामले में उनकी चुप्पी पर सवाल उठाया.
उन्होंने कहा, ”कलकत्ता उच्च न्यायालय का ये निर्णय बताता है कि ममता सरकार ग.ैर-संवैधानिक तरीक.े से तुष्टीकरण की नीति को आगे बढ़ा रही थी. एक तरह से कहा जाये तो तृणमूल कांग्रेस, मुस्लिम लीग के एजेंडा को आगे बढ़ा रही थी.” भाजपा अध्यक्ष ने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि इसमें साफ लिखा है कि धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता ‘लेकिन ये ‘इंडी’ गठबंधन मुस्लिम लीग के एजेंडे (जिस एजेंडे के तहत भारत का विभाजन हुआ) को फिर से आगे बढ़ाने का काम कर रहा है’. कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बुधवार को पश्चिम बंगाल में 2010 से कई वर्गों को दिए गए ओबीसी दर्जे को अवैध करार दिया. अदालत ने कहा कि सूची में मुसलमानों के 77 वर्गों को शामिल करना उन्हें वोट बैंक के रूप में मानने के लिए था.
इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए बनर्जी ने कहा था कि वह आदेश को ‘स्वीकार नहीं करेंगी’ और इसे ऊपरी अदालत में चुनौती देंगी.
बनर्जी के इस बयान को संविधान का ‘अपमान’ करार देते हुए नड्डा ने सवाल किया कि क्या मुख्यमंत्री संविधान से ऊपर हैं? उन्होंने पूछा, ”क्या संविधान के तहत काम करना उनका (बनर्जी) काम नहीं है? क्या संविधान की रक्षा करना उनका काम नहीं है? ममता बनर्जी जी को पता होना चाहिए कि संविधान से ऊपर कोई भी नहीं है. ममता बनर्जी भी संविधान की रक्षा की शपथ लेकर ही मुख्यमंत्री बनी हैं. ममता बनर्जी का यह बयान संविधान का अपमान है.”



