पीएसी करेगी संसद के अधिनियमों द्वारा स्थापित नियामक निकायों के कामकाज की समीक्षा

नयी दिल्ली: भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) की अध्यक्ष माधबी बुच के खिलाफ हितों के टकराव के आरोपों को लेकर मचे बवाल के बीच संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) ने संसद के अधिनियमों द्वारा स्थापित नियामक निकायों के कामकाज की समीक्षा करने का फैसला किया है।

कांग्रेस नेता और लोकसभा सदस्य के सी वेणुगोपाल की अध्यक्षता वाली पीएसी ने स्वत: संज्ञान लेते हुए अपने एजेंडे में संसद के कानूनों द्वारा स्थापित नियामक निकायों के कामकाज की समीक्षा, बैंंिकग और बीमा क्षेत्र में सुधार, केंद्र प्रायोजित कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा जैसे विषयों को शामिल करने का फैसला किया।

बुच, अदाणी समूह के खिलाफ ंिहडनबर्ग रिसर्च के दावों की सेबी की जांच को लेकर हितों के टकराव के आरोपों का सामना कर रही हैं। कांग्रेस ने बुच के सेबी का पूर्णकालिक सदस्य बनने के बाद उनके पूर्व नियोक्ता आईसीआईसीआई बैंक द्वारा किए गए भुगतान पर सवाल उठाया है और मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है।

पीएसी की अगली बैठक 10 सितंबर को होगी जब जल शक्ति मंत्रालय के प्रतिनिधि नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) रिपोर्ट के आधार पर ‘राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम (जल जीवन मिशन) पर प्रदर्शन लेखा परीक्षा’ पर समिति को जानकारी देंगे।

पीएसी हवाई अड्डों जैसे सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर लगाए गए ‘शुल्क, टैरिफ (आयातित या निर्यातित वस्तुओं पर लगाया जाने वाला शुल्क), उपयोगकर्ता शुल्क इत्यादि’ का भी आॅडिट करेगी। वर्तमान में, सात भारतीय हवाई अड्डों का प्रबंधन अदाणी समूह द्वारा किया जाता है।

पीएसी सरकार के राजस्व और व्यय के आॅडिट के लिए जिम्मेदार है। अन्य विषयों में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा भारत-चीन सीमा के साथ सीमा सड़कों के निर्माण पर प्रदर्शन लेखा परीक्षा की समीक्षा, रेलवे द्वारा यात्रियों और अन्य सेवाओं की क्रॉस-सब्सिडी की समीक्षा, स्मारकों और पुरावशेषों के संरक्षण और संरक्षण का प्रदर्शन आॅडिट और धर्मार्थ ट्रस्टों और संस्थानों को छूट पर प्रदर्शन लेखा परीक्षा शामिल है।

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