नयी दिल्ली/नागपुर. पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने मंगलवार को कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वी. डी. सावरकर का नाम उन लोगों द्वारा ‘अनावश्यक रूप से धूमिल’ किया जा रहा है जो स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उनके ‘अतुलनीय बलिदान’ से अनजान हैं. उन्होंने किसी का नाम लिये बिना कहा कि देश के नायक और राष्ट्रवादी अत्यंत सम्मान के पात्र हैं.
नायडू ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘‘वीर सावरकर की आलोचना करने वालों को पहले स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान और नि:स्वार्थ बलिदान के बारे में जानना चाहिए, इससे पहले कि वे उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास करें.’’ पूर्व उपराष्ट्रपति की यह टिप्पणी कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा सावरकर के नाम का इस्तेमाल कर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधने को लेकर उठे राजनीतिक विवाद के बीच आई है.
वीडी सावरकर का अपमान बर्दाश्त नहीं होता है तो एमवीए छोड़ क्यों नहीं देते हैं: बावनकुले ने उद्धव से कहा
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले ने मंगलवार को शिवसेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे को चुनौती दी कि अगर वह वास्तव में कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा दिवंगत ंिहदुत्व विचारक वी डी सावरकर के “अपमान” को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं तो महा विकास आघाड़ी (एमवीए) से अलग हो जाएं.
बावनकुले ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि देश सावरकर के योगदान को कभी नहीं भूल सकता. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने 2019 के मानहानि मामले में सूरत की एक अदालत द्वारा दो वर्ष की जेल की सजÞा सुनाए जाने के चलते लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य करार दिए जाने के बाद कहा था, ‘‘ मेरा नाम सावरकर नहीं है. मेरा नाम गांधी है, और गांधी किसी से भी माफी नहीं मांगते हैं.’’ उन्होंने यह टिप्पणी ‘मोदी उपनाम’ टिप्पणी को लेकर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के अपमान का आरोप लगाकर कांग्रेस नेता से माफी की मांग कर रही भाजपा के लिए की थी.
इस पृष्ठभूमि में, ठाकरे ने रविवार को महाराष्ट्र में एक रैली में कहा कि वह सावरकर को अपना “आदर्श” मानते हैं और उन्होंने गांधी से उनका “अपमान” करने से बचने को कहा था. बावनकुले ने आरोप लगाया, ‘‘ उद्धव ठाकरे यह कहकर सिर्फ नाटक कर रहे हैं कि सावरकर का अपमान का स्वीकार्य नहीं है जबकि राहुल गांधी पिछले तीन वर्षों से सावरकर को निशाना बना रहे हैं. उन्हें (ठाकरे को मुख्यमंत्री रहने के दौरान) सिर्फ अपने और अपने बेटे के मंत्री पद को लेकर ंिचता थी.’’ उन्होंने कहा कि शिवसेना के संस्थापक दिवंगत बालासाहेब ठाकरे ने सावरकर का अपमान कभी बर्दाश्त नहीं किया लेकिन उद्धव हर दिन इसे बर्दाश्त कर रहे हैं.
भाजपा ने कहा, ‘‘ आप कहते हैं कि सावरकर का अपमान अस्वीकार्य है. अगर ऐसा है तो आप एमवीए क्यों नहीं छोड़ रहे हैं?’’ एमवीए 2019 के महाराष्ट्र चुनाव के बाद बना था जो जून 2022 तक सत्ता में रहा जब ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार गिर गई. इसमें शिवसेना (यूबीटी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और कांग्रेस शामिल है.
बावनकुले ने कहा कि भाजपा 30 मार्च से छह अप्रैल तक महाराष्ट्र के सभी 288 विधानसभा क्षेत्रों में ‘वीर सावरकर गौरव यात्रा’ निकालेगी. उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समेत भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के अलावा मुख्यमंत्री एकनाथ ंिशदे और शिवसेना के 40 विधायक भी इसमें शिरकत करेंगे.
उन्होंने कहा, ‘‘ हम सावरकर का इतिहास लेकर लोगों तक पहुंचेंगे और बताएंगे कि कैसे कांग्रेस नेता राहुल गांधी और महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले द्वारा उनका अपमान किया जा रहा है.’’ बावनकुले ने दावा किया कि उद्धव ठाकरे उन पर हमला करने के लिए उनके उपनाम का इस्तेमाल कर रहे हैं जो ओबीसी समुदाय का अपमान करने के बराबर है.
राहुल की सावरकर पर टिप्पणी: पवार ने कांग्रेस से रुख नरम करने को कहा
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा वीडी सावरकर की आलोचना करने के बाद महाराष्ट्र विकास आघाड़ी गठबंधन में आए तनाव को कम करने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस (राकांपा) प्रमुख शरद पवार सक्रिय हो गए हैं और उन्होंने इस मुद्दे पर शिवसेना की ंिचताओं से कांग्रेस नेतृत्व को अवगत कराया है.
विपक्षी नेताओं ने कहा कि कांग्रेस सावरकर को लेकर अपना रुख नरम करने पर सहमत हो गई है. पार्टी द्वारा सावरकर की आलोचना की वजह से महाराष्ट्र में उसके गठबंधन साझेदार राकांपा और शिवसेना में बेचैनी पैदा हो गई है. दो नेताओं ने पीटीआई-भाषा से कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से सोमवार शाम बुलाई गई विपक्षी नेताओं की बैठक में पवार ने यह मुद्दा उठाया और कहा कि महाराष्ट्र में श्रद्धेय माने जाने वाले सावरकर को निशाना बनाना महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन की मदद नहीं करेगा. ये दोनों नेता इस बैठक में शामिल हुए थे.
बैठक में विपक्षी दलों के नेताओं के साथ कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी मौजूद थे. पवार ने राहुल गांधी को यह भी बताया कि सावरकर कभी भी आरएसएस के सदस्य नहीं थे और इस बात को रेखांकित किया कि विपक्षी दलों की असली लड़ाई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ है.
भाजपा ने राहुल गांधी पर ब्रिटेन के दौरे के दौरान भारत को ‘बदनाम’ करने का आरोप लगाया था और उनसे माफी की मांग की थी. लोकसभा के पूर्व सदस्य ने कहा कि वह सावरकर नहीं हैं और माफी नहीं मांगेंगे. महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सावरकर पर हमले के लिए राहुल गांधी की आलोचना की थी और कहा था कि उनकी पार्टी स्वतंत्रता सेनानी का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगी. शिवसेना का उद्धव ठाकरे गुट विरोध स्वरूप खरगे की ओर से बुलाई गई बैठक में शामिल नहीं हुआ.