जयपुर. राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने बृहस्पतिवार को जयपुर में आत्महत्या करने वाले युवक रामप्रसाद मीणा के परिवार के सदस्यों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी. पायलट ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में निष्पक्ष, संवेदनशील जांच होनी चाहिए व पीड़ित को न्याय मिलना चाहिए. युवक ने एक कथित वीडियो जारी कर कैबिनेट मंत्री महेश जोशी और अन्य को जिम्मेदार ठहराने के बाद सोमवार को फांसी लगाकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी.
पायलट सुभाष चौक स्थित चांदी की टकसाल में घटनास्थल पर पहुंचे जहां रामप्रसाद के परिवार के सदस्य भाजपा के राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा के साथ धरना दे रहे हैं. ये लोग एक मंत्री सहित सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं. पायलट ने मृतक के परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी.
किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि रामप्रसाद मीणा मंत्री महेश जोशी से मिलने गए थे, क्योंकि उनके परिवार को कहीं से मदद नहीं मिली. उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्यों ने उन्हें बताया कि मंत्री ने उनका अपमान किया और उन्हें धक्का दिया. भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि ”मंत्री की प्रताड़ना से वह (मृतक रामप्रसाद) अवसाद में आ गया और उसने मौत को गले लगा लिया.” जलदाय मंत्री और स्थानीय विधायक (हवा महल सीट से) महेश जोशी ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि जब परिवार 13 अप्रैल को उनसे मिलने आए तो उन्होंने उनके साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं किया.
देर शाम घटनास्थल पर ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कराई गई. अतिरिक्त जिलाधिकारी (दक्षिण) मोहम्मद अबुबक्र ने बताया कि मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम किये जाने के बाद भी परिजनों ने शव को अंतिम संस्कार करने के लिये स्वीकार नहीं किया है और उन्हें समझाने का प्रयास किया जा रहा है.
परिजनों से मुलाकात के बाद में संवाददाताओं से बातचीत में पायलट ने कहा, ‘मैं (मृत) युवक के पिताजी, बेटे, बेटी से मिला हूं और उन्होंने कुछ बातें बोली है और मैं कहूंगा कि उनका दुख बांटने हम सब लोग आये थे.. इस पूरे प्रकरण में एक बहुत ही निष्पक्ष और संवेदनशील जांच होनी चाहिए और जो भी तथ्य इस प्रकरण के अभी तक सामने आये है उस पर संज्ञान लेते हुए पूरा अनुसंधान हो और मुझे लगता कि पीड़ितों को न्याय मिलना चाहिए.’ उन्होंने कहा कि न्याय देने के लिये न्यायपालिका है, पुलिस है, प्रशासन है और सरकार है.. मैं चाहता हूं कि जिम्मेदारी से इस पूरे प्रकरण का क्योंकि इसमें बहुत सी ऐसी बातें कही गई है.. बहुत से ऐसे आरोप लगाये गये है.. बयान है.. कुछ वीडियो बयान है उन सब की जांच होनी चाहिए .. सच्चाई का पता लगाया जाना चाहिए.’
पायलट ने कहा, ‘जो भी आरोपी है ..इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और इस परिवार को विश्वास लाना हम सब की जिम्मेदारी है कि न्याय मिलेगा.. और न्याय में देरी नहीं होनी चाहिए.’ उन्होंने कहा कि परिजनों की ओर से बताया गया कि मामले में कुछ लीपापोती करने की बात सामने आयी है या कुछ उनकी सुनवाई ढंग से नहीं हो रही है तो मैंने उनसे मुलाकात कर उनका दुख बांटने की कोशिश की है और मैं उम्मीद करता हूं कि इस प्रकरण में बहुत जल्द न्याय मिलेगा और जो भी सरकार को कदम उठाने हैङ्घ उठाने चाहिए और पुलिस प्रशासन को बिना दबाव के निष्पक्ष होकर एक जांच गठित करनी चाहिए ताकि लोगों के मन विश्वास कायम रहे.
पायलट के जाने के बाद किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि अच्छा हुआ कि कांग्रेस पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने परिवार के सदस्यों से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि पायलट ने मीडिया से उन चीजों के बारे में बात की है जो रामप्रसाद मीणा का परिवार कहता रहा है.
उन्होंने कहा कि मीणा समाज 50 लाख रुपये की राशि एकत्रित कर परिजनों को देगा. उन्होंने कहा कि मुख्य मांग आरोपियों की गिरफ्तारी की है.
मीणा ने दावा किया कि तीन आरोपियों राकेश टांक, देव अवस्थी और लाल देवनानी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, लेकिन किसी पुलिस अधिकारी ने इसकी पुष्टि नहीं की है. इससे पहले दिन में पायलट के करीबी माने जाने वाले कांग्रेस विधायक हरीश मीणा ने भी मृतक के परिजनों से मुलाकात की थी. उल्लेखनीय है कि पायलट ने पूर्ववर्ती वसुंधरा राजे सरकार के कार्यकाल में कथित भ्रष्टाचार मामलों की जांच करवाने में गहलोत सरकार द्वारा ‘निष्क्रियता’ का आरोप लगाते हुए पिछले सप्ताह जयपुर में एक दिन का अनशन रखा था.