चीन की आक्रामकता पर प्रधानमंत्री को चुप्पी तोड़नी चाहिए: कांग्रेस

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 12 Apr 2023 08:16 PM
चीन की आक्रामकता पर प्रधानमंत्री को चुप्पी तोड़नी चाहिए: कांग्रेस
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नयी दिल्ली. कांग्रेस ने डोकलाम के निकट चीन द्वारा सैन्य निर्माण किए जाने के दावे वाली एक खबर का हवाला देते हुए बुधवार को कहा कि यह गंभीर ंिचता का विषय है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को चीन की आक्रामकता पर अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने एक बयान में कहा, ‘‘ हाल ही में प्रकाशित एक खबर के अनुसार भारतीय सशस्त्र बलों ने डोकलाम पठार के करीब भूटान के अमु चू में बड़े पैमाने पर चीनी सैन्य निर्माण को लेकर ंिचता व्यक्त की है. रिपोर्ट में कहा गया है कि चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने बड़ी संख्या में सैनिकों के रहने के लिए 1,000 स्थायी एवं कई अस्थायी शेड्स बनाए हैं.’’

उन्होंने यह भी कहा, ‘‘भारतीय सेना ने 2017 में डोकलाम में पीएलए को रिज के पास पहुंचने से रोकने के लिए हस्तक्षेप किया था. लेकिन अब ऐसा लगता है कि इस रिज तक पहुंचने के लिए पीएलए ने भूटान की भूमि का इस्तेमाल करके एक अलग रास्ता अपनाया है. ये घटनाक्रम भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक स्पष्ट ख़तरे की ओर इशारा करते हैं.’’

रमेश ने दावा किया, ‘‘मई 2020 के बाद से चीन ने हमारे सैनिकों को 2,000 वर्ग किलोमीटर भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने से रोका. आज भी, चीन के गश्ती दल डेपसांग, डेमचोक, हॉट स्प्रिंग्स (कुंगरंग नाला) और गोगरा पोस्ट में कई पेट्रोंिलग पॉइंट्स तक हमें नहीं जाने दे रहे हैं.’’ उन्होंने आरोप लगाया कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर पहले की स्थिति बहाल करने में मोदी सरकार तीन साल से विफल रही है.

रमेश ने कहा, ‘‘हम गृह मंत्री अमित शाह से अनुरोध करते हैं कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए बयान “ना कोई हमारी सीमा में घुसा है, ना ही कोई घुसा हुआ है” से प्रेरित होकर भ्रामक बयानबाजÞी करने के बजाय भारत चीन सीमा पर पहले की स्थिति बहाल करें.’’ उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री को भी इस मामले पर चुप्पी तोड़नी चाहिए. उनका यह भी कहना है, ‘‘हम इस बात को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त हैं कि चीन के किसी भी दुस्साहस का जवाब देने में भारतीय सशस्त्र बल सक्षम हैं. ठीक उसी तरह जैसे उन्होंने 9 दिसंबर 2022 को अरुणाचल प्रदेश के तवांग में उन्हें जवाब दिया था.’’

राहुल को सजा सुनाए जाने का मामला न्यायपालिका के लिए अग्निपरीक्षा: आनंद शर्मा

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने राहुल गांधी को मानहानि के मामले में सूरत की एक अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के मामले को भारतीय न्यायापालिका के लिए ‘अग्निपरीक्षा’ करार देते हुए बुधवार को उम्मीद जताई कि ऊपरी अदालत में यह निर्णय बदलेगा.
उन्होंने यह भी कहा कि जो पैमाना राहुल गांधी के मामले में लागू किया गया है, अगर वही सभी मामलों में लागू कर दिया जाए तो संसद खाली हो जाएगी.

शर्मा ने कांग्रेस मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा, ‘‘जिस ढंग से फैसला आया और जिस तेजी से सदस्यता खत्म कर दी गई, वो कोई अच्छा संदेश नहीं है. अगर यही पैमाना सब पर लागू कर दिया जाए तो संसद खाली हो जाएगी.’’ उन्होंने कहा कि निर्णय गलत था, वो निर्णय बदला जरूर जाएगा. कांग्रेस नेता ने कहा कि यह मामला भारतीय न्यायापालिका के लिए ‘अग्निपरीक्षा’ है.

शर्मा ने सरकार से सवाल किया, ‘‘क्या भारत की संसद में सरकारों ने पहले आलोचना का सामना नहीं किया था? क्या पहले के प्रधानमंत्रियों ने जेपीसी नहीं बनाई थी?’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत के अंदर दो विचारधाराओं की लड़ाई चल रही है. आज ऐसा समय है जब सरकार खुद ही संसद नहीं चलने दे रही है. यह बड़ा सैद्धांतिक विषय है कि हम किस दिशा में जा रहे हैं. केवल बड़ी इमारत खड़ी कर देने से प्रजातंत्र मजबूत नहीं होता.’’

राज्यसभा सदस्य के रूप में अपना कार्यकाल खत्म होने के बाद भी सरकारी आवास में रहने से जुड़े सवाल पर शर्मा ने कहा, ‘‘किसी सांसद का कार्यकाल खत्म होने के बाद आवास की सुविधा अधिकृत रूप से दी जाती है, उसके नियम हैं. मैं जिस घर में रह रहा हूं, वहां अधिकृत रूप से रह रहा हूं. मैं अपना कार्यकाल खत्म होने के बाद मार्केट रेट पर किराया देकर रह रहा हूं.’’ उन्होंने देश में बेरोजगारी की स्थिति पर ंिचता जताते हुए दावा किया, ‘‘मार्च महीने में निर्माण उद्योग में 95 लाख रोजगार घट गये. औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 72 लाख रोजगार घटे. रिटेल क्षेत्र में करीब 65 लाख रोजगार कम हुए. मार्च में बेरोजगारी दर का आंकड़ा हम सबने देखा लेकिन अब सवाल है कि सरकार ने क्या कदम उठाए?’’

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