प्रयागराज : मकर संक्रांति पर 22 लाख लोगों ने संगम में लगाई डुबकी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 15 Jan 2023 08:03 PM
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प्रयागराज. प्रयागराज में संगम तट पर आयोजित वार्षिक माघ मेला के दूसरे स्रान पर्व मकर संक्रांति पर रविवार को शाम चार बजे तक करीब 22 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई. शनिवार को 14 लाख से अधिक लोगों ने यहां संगम स्रान किया था. इस प्रकार से दो दिनों में कुल 36 लाख से अधिक लोगों ने गंगा स्रान किया.

प्रयागराज मेला प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि रविवार को मकर संक्रांति पर शाम चार बजे तक करीब 22 लाख लोगों ने गंगा और संगम में स्रान किया. गंगा और संगम तट सभी 14 घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ भोर चार बजे से ही बनी रही. उन्होंने बताया कि इससे पूर्व, प्रथम स्रान पर्व पौष पूर्णिमा पर पांच लाख से अधिक लोगों ने गंगा स्रान किया था.

सनातन ज्ञान पीठ, कुरुक्षेत्र के धनंजय स्वरूप ब्रह्मचारी के मुताबिक, यदि संक्रांति अर्धरात्रि या उसके बाद हो तो संक्रांति जनित पुण्य काल दूसरे दिन ही मनाना चाहिए. अत: उदया तिथि अनुसार, मकर संक्रांति का पुण्यकाल 15 जनवरी को सूर्योदय से प्रारंभ होकर सायंकाल सूर्यास्त तक मान्य है.

उन्होंने कहा कि माघ मेले में शनिवार की तुलना में रविवार को कहीं अधिक लोगों ने गंगा में स्रान किया. इससे प्रतीत होता है कि ज्यादातर लोगों ने रविवार को ही मकर संक्रांति का पर्व मनाया. काशी सुमेरू पीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि पुराणों में मकर संक्रांति को देवताओं का दिन बताया गया है और इस दिन किया गया दान सौ गुना होकर वापस मिलता है. इस दिन शुद्ध घी और कंबल का दान मोक्ष की प्राप्ति कराता है.

हर वर्ष माघ मेला में अनुष्ठान के लिए आने वाले स्वामी अधोक्षजानंद देवतीर्थ जी महाराज ने कहा कि मकर संक्रांति के दिन ही गंगा जी भागीरथ के पीछे-पीछे चलकर कपिल मुनी के आश्रम से होते हुए सागर में मिली थीं. माघ मेला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि श्रद्धालुओं के सुगम स्रान के लिए इस वर्ष 14 घाट बनाए गए हैं जिनकी कुल लंबाई 6000 फुट से अधिक है. मेला क्षेत्र में सुगम आवागमन के लिए गंगा नदी पर पांच पांटून पुल बनाए गए हैं.

माघ मेले में कुल 13 थाने और 38 पुलिस चौकियां बनाई गई हैं. मेले में सुरक्षा व्यवस्था के लिए दो पुलिस अधीक्षक, तीन अवर पुलिस अधीक्षक, नौ क्षेत्राधिकारी और 5,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. माघ मेले का अगला स्रान 21 जनवरी को मौनी अमावस्या, 26 जनवरी को बसंत पंचमी, पांच फरवरी को माघी पूर्णिमा और 18 फरवरी को महाशिवरात्रि पर पड़ेगा जिसके साथ माघ मेला संपन्न होगा.

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