सिविल सेवा परीक्षा में महिलाओं की सफलता पर बोलीं राष्ट्रपति मुर्मू : यह भारत में हो रहे बदलाव की झलक

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 03 Jul 2023 09:24 PM
सिविल सेवा परीक्षा में महिलाओं की सफलता पर बोलीं राष्ट्रपति मुर्मू : यह भारत में हो रहे बदलाव की झलक

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बेंगलुरु. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को कहा कि महिलाओं द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में की गई तरक्की भारत में हो रहे बदलाव की झलक पेश करती है. इस साल सिविल सेवा परीक्षा में महिलाओं के शीर्ष चार स्थान हासिल करने का खासतौर पर जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि समान अवसर दिए जाने पर बेटियां लड़कों से बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं.

कर्नाटक के चिक्काबल्लापुरा जिले के मुद्देनाहल्ली में ‘श्री सत्य साईं यूनिर्विसटी फॉर ‘ूमन एक्सीलेंस’ (एसएसएसयूएचई) के दूसरे दीक्षांत समारोह में मुर्मू ने कहा, ”मैं बेहद खुश हूं कि इस साल की सिविल सेवा परीक्षा में हमारी बेटियों ने शीर्ष चार स्थान हासिल किए. यह दर्शाता है कि जब भी समान अवसर दिए जाते हैं, हमारी बेटियां लड़कों से बेहतर प्रदर्शन करती हैं.”

उन्होंने कहा, “यह भारत में हो रहे बदलाव और हमारे देश के उज्ज्वल भविष्य की झलक है.” राष्ट्रपति ने एक प्रसिद्ध हिंदी फिल्म का संवाद बोलते हुए कहा, “यह तो ट्रेलर है. पिक्चर अभी बाकी है.” उनकी इस टिप्पणी पर पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा. मुर्मू ने इस बात को रेखांकित किया कि एसएसएसयूएचई में छात्रों की कुल संख्या में लड़कियों की हिस्सेदारी 66 फीसदी है और संस्थान के 17 स्वर्ण पदक विजेताओं में 11 लड़कियां शामिल हैं.

उन्होंने याद किया कि पहले झारखंड की राज्यपाल के तौर पर और अब राष्ट्रपति के रूप में वह कई दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं, जिस दौरान उन्होंने देखा कि महिलाएं विश्वविद्यालयों में बेहद शानदार प्रदर्शन कर रही हैं. एसएसएसयूएचई की तारीफ करते हुए मुर्मू ने कहा कि इस निजी विश्वविद्यालय के 50 फीसदी छात्र उन्हीं (मुर्मू) की तरह डिग्री स्तर की शिक्षा हासिल करने वाले अपने परिवार के पहले सदस्य हैं.

By Yogesh Kumar Sahu