सवालों से ध्यान भटकाने के लिए भगवान गणेश के नाम का दुरुपयोग कर रहे प्रधानमंत्री : कांग्रेस

यदि मणिपुर में स्थिति सामान्य है तो प्रधानमंत्री ने दौरे की इच्छाशक्ति क्यों नहीं दिखाई: कांग्रेस

नयी दिल्ली. कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उनके अनुचित कदम को लेकर उठ रहे सवालों से ध्यान भटकाने के लिए भगवान गणेश के नाम का दुरुपयोग कर रहे हैं. पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने गणेश पूजन में शामिल होने के लिए प्रधान न्यायाधीश के घर को चुना जो न्यायिक व्यवस्था को मुक्त रखने के सभी सिद्धांतों का उल्लंघन है.

प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने पिछले दिनों गणेश पूजन में भाग लिया था इसलिए कांग्रेस और उसके ‘इकोसिस्टम’ के लोग उन पर भड़के हुए हैं तथा अंग्रेजों की तरह आज भी समाज को बांटने और तोड़ने में लगे ‘सत्ता के भूखे लोगों’ को गणेश पूजा से परेशानी हो रही है. प्रधानमंत्री ने प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ के आवास पर उनके गणेश पूजा अनुष्ठान में भाग लेने के लिए विपक्षी दलों द्वारा आलोचना किए जाने के संदर्भ में यह टिप्पणी की. इस विवाद पर पहली बार प्रधानमंत्री ने टिप्पणी की.

वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”सच्ची भक्ति और राजनीति के लिए धर्म के दुरुपयोग के बीच का अंतर किसी से छिपा नहीं है. ठीक उसी समय जब महाराष्ट्र में चुनाव नजदीक हैं, ‘नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री ने गणेश पूजा के लिए महाराष्ट्र के पारंपरिक पोशाक में कैमरा दल के साथ जाने का फैसला किया. इतना ही नहीं, यह प्रधान न्यायाधीश के घर पर हुआ जो न्यायिक व्यवस्था को मुक्त रखने के सभी सिद्धांतों का उल्लंघन है.” उन्होंने सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री ने उस समय यह नहीं सोचा कि इससे क्या संदेश जायेगा?

कांग्रेस के संगठन महासचिव ने कहा, ”कार्यपालिका और न्यायपालिका के प्रमुखों के बीच इतनी निकटता प्रधानमंत्री की मंशा पर संदेह पैदा करती है. संस्थागत अखंडता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति भाजपा-आरएसएस की उपेक्षा सर्वविदित है, जो इस बात पर और सवाल उठाती है कि प्रधानमंत्री ने प्रधान न्यायाधीश के घर को क्यों चुना.” वेणुगोपाल ने कहा, ”प्रधानमंत्री महोदय, अपने अनुचित कदम के बारे में उठाए गए वास्तविक सवालों से ध्यान भटकाने के लिए भगवान गणेश का दुरुपयोग करना बंद करें.”

यदि मणिपुर में स्थिति सामान्य है तो प्रधानमंत्री ने दौरे की इच्छाशक्ति क्यों नहीं दिखाई: कांग्रेस

कांग्रेस ने गृह मंत्री अमित शाह द्वारा मणिपुर को लेकर दिए गए बयान के बाद मंगलवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और सवाल किया कि यदि शाह के कहे मुताबिक पूर्वोत्तर के इस राज्य में स्थिति सामान्य है तो फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अब तक वहां जाने की इच्छाशक्ति क्यों नहीं दिखाई? पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने अब तक मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह समेत राज्य के नेताओं के साथ किसी भी तरह की सार्थक चर्चा के लिए बैठक क्यों नहीं की? केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि सरकार मणिपुर में स्थायी शांति के लिए मेइती और कुकी दोनों समुदायों से बातचीत कर रही है और उसने घुसपैठ रोकने के लिए म्यांमा से लगती देश की सीमा पर बाड़ लगाना शुरू कर दिया है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के तीसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने पर आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में शाह ने कहा कि पिछले सप्ताह तीन दिनों की हिंसा को छोड़ दिया जाए तो मणिपुर में स्थिति कुल मिलाकर शांतिपूर्ण रही है और सरकार अशांत पूर्वोत्तर राज्य में शांति बहाल करने के लिए काम कर रही है.

रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”यदि मणिपुर में स्थिति आज उतनी ही सामान्य है जितना स्वयंभू चाणक्य ने आज बताया है… यदि मणिपुर के मुख्यमंत्री अच्छा काम कर रहे हैं जैसा कि स्वयंभू चाणक्य ने आज कहा है…यदि विभिन्न समुदायों के साथ बातचीत की प्रक्रिया चल रही है जैसा कि आज स्वयंभू चाणक्य ने दावा किया है…, तब नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री को मणिपुर जाने का समय क्यों नहीं मिला या उन्होंने वहां जाने की इच्छाशक्ति क्यों नहीं दिखाई?”

उन्होंने सवाल किया, ”नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री समेत राज्य के नेताओं के साथ किसी भी तरह की सार्थक चर्चा के लिए बैठक क्यों नहीं की? वहां कोई पूर्णकालिक राज्यपाल क्यों नहीं है? और मुख्य सचिव पिछले 45 दिनों से राज्य में क्यों नहीं हैं?” रमेश ने यह सवाल भी किया कि कई विधायक और मंत्री अब राज्य में क्यों नहीं हैं और इंफाल में भाजपा के भव्य कार्यालय पर ताला क्यों लगा दिया गया है?

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button