
नई दिल्ली: भारत में पहली बार आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का आज पांचवां दिन है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में हो रहे इस ऐतिहासिक समागम में 100 से अधिक देशों के तकनीकी धुरंधर शिरकत कर रहे हैं।
भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को लेकर क्या बोले गोयल?
केंद्रीय उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर कहा कि पहली बार यूरोपीय संघ के सभी 27 देश इस समझौते को जल्द अंतिम रूप देने और आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने कहा कि यह 140 करोड़ भारतीयों की आर्थिक शक्ति और बढ़ते वैश्विक प्रभाव का परिणाम है। साथ ही गोयल ने कहा कि सरकार देशभर में 1000 युवा पुरुषों और महिलाओं को जोड़ने की योजना बना रही है, जिन्हें प्रशिक्षित कर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जाएगा ताकि वे पूरे देश में भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और सरकारी समर्थन से जुड़े संदेश को लोगों तक पहुंचा सकें।
भारत मंडपम के बाहर युवा कांग्रेस का प्रदर्शन
भारत मंडपम के बाहर भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर अर्धनग्न होकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी की।
सरकार ‘कंप्लीट AI स्टैक’ बनाने पर विचार में- जयंत चौधरी
केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि सरकार एक कंप्लीट AI स्टैक विकसित करने पर विचार कर रही है, जो अनाम (अनोनिमाइज्ड) डेटा सेट्स पर आधारित होगा और शोधकर्ताओं तथा स्टार्टअप्स के लिए सुलभ बनाया जाएगा, ताकि नवाचार की अगली लहर को गति दी जा सके।
उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य एआई पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना और डेटा तक सुरक्षित व जिम्मेदार पहुंच सुनिश्चित करना है, जिससे उभरती कंपनियां और शोध संस्थान उन्नत एआई समाधान विकसित कर सकें। मंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि एआई प्रणालियों के लिए एक ऑडिट ट्रेल मैकेनिज्म विकसित किया जाना चाहिए, जिससे एआई मॉडल के उपयोग, निर्णय प्रक्रिया और जवाबदेही को बेहतर ढंग से ट्रैक किया जा सके।
चौधरी ने भविष्य में संस्थागत जवाबदेही को मजबूत करने के लिए नियंत्रक व महालेखा परीक्षक (CAG) जैसी संस्थाओं द्वारा एआई मॉडलों पर ऑडिट रिपोर्ट जारी किए जाने की संभावना भी जताई। उनके अनुसार, इससे एआई के उपयोग में पारदर्शिता और भरोसा बढ़ेगा।
प्रधानमंत्री मोदी और लिकटेंस्टीन के प्रिंस एलोइस के बीच द्विपक्षीय बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद हाउस में लिकटेंस्टीन के प्रिंस एलोइस के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों को मजबूत करने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के मुद्दों पर चर्चा की।
भारत और लिकटेंस्टीन के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना वर्ष 1993 में हुई थी, जिसमें स्विट्जरलैंड में भारत के राजदूत को लिकटेंस्टीन में समवर्ती मान्यता प्राप्त राजदूत के रूप में नियुक्त किया गया। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, वर्ष 2023 में दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 30 वर्ष पूरे हुए।
प्रधानमंत्री मोदी ने एआई और डीपटेक स्टार्टअप्स के CEOs से की मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डीपटेक क्षेत्र के प्रमुख स्टार्टअप्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEOs) से मुलाकात कर उभरती तकनीकों और नवाचार पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में हेल्थकेयर, साइबर सिक्योरिटी, स्पेस टेक्नोलॉजी सहित विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे स्टार्टअप्स के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।



