प्रधानमंत्री मोदी ने बिश्केक में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी, ‘भारत के मित्रों’ से संवाद किया

Author: Nandkishoryadav
UPDATED: Mon, 31 Aug 2026 02:39 PM
प्रधानमंत्री मोदी ने बिश्केक में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी, ‘भारत के मित्रों’ से संवाद किया
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बिश्केक: शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए किर्गिस्तान आए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को यहां महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और भारतीय समुदाय के सदस्यों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं तथा योग प्रेमियों समेत भारत से करीबी जुड़ाव रखने वाले लोगों से बातचीत की।

मोदी ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देते हुए उनके विचारों के स्थायी प्रभाव को याद किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ”गांधी जी के विचारों का हमारे मन पर हमेशा अद्वितीय प्रभाव रहेगा।” विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि मोदी ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देते हुए ”शांति, अंिहसा और सद्भाव के उनके शाश्वत संदेश” को याद किया।

जायसवाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ”श्रद्धांजलि ने गांधी जी के आदर्शों की चिरस्थायी प्रासंगिकता और उनकी सार्वभौमिक स्वीकार्यता को दर्शाया।” प्रधानमंत्री ने बाद में ‘भारत के मित्रों’ के एक समूह से मुलाकात की, जिसमें भारतीय समुदाय के प्रमुख सदस्य, पर्यावरण प्रेमी, योग साधक, शिक्षाविद, भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) कार्यक्रम के पूर्व प्रतिभागी तथा शोधकर्ता शामिल थे।

मोदी ने कहा, ”भारत से करीबी जुड़ाव रखने वाले लोगों के एक समूह से मुलाकात की… भारत के साथ उनका इस तरह का निरंतर जुड़ाव देखकर खुशी हुई।” आईटीईसी के पूर्व प्रतिभागी 160 से अधिक साझेदार देशों के ऐसे पेशेवर हैं जिन्होंने भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग कार्यक्रम के तहत भारत में पूरी तरह वित्तपोषित तकनीकी और आर्थिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरा किया है।

मोदी ने बताया कि उनसे मिले योग साधकों में से एक ने विश्व योगासन चैंपियनशिप के लिए अहमदाबाद की यात्रा की थी और वहां पदक जीता था। जायसवाल ने कहा कि बिश्केक में ‘भारत के मित्रों’ के साथ सौहार्दपूर्ण बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने भारत और किर्गिज गणराज्य के बीच लंबे समय से बरकरार मित्रवत संबंधों एवं सहयोग पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करने तथा बहुआयामी साझेदारी का विस्तार करने के अवसरों पर भी चर्चा की।

प्रधानमंत्री एससीओ के 26वें शिखर सम्मेलन में भाग लेने और सदस्य देशों के नेताओं के साथ इसके इतर द्विपक्षीय बैठकें करने के लिए रविवार को बिश्केक पहुंचे थे। दस सदस्यीय एससीओ इस वर्ष अपनी स्थापना की 25वीं वर्षगांठ मना रहा है। इस संगठन की स्थापना 2001 में चीन, रूस, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने की थी। भारत और पाकिस्तान 2017 में इसके पूर्ण सदस्य बने। इसके बाद ईरान 2023 और बेलारूस 2024 में संगठन में शामिल हुए।

मोदी ने शनिवार को रवाना होने से पहले जारी अपने बयान में कहा था कि वह इस क्षेत्र के लिए भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने को लेकर उत्सुक हैं जो ”सुरक्षा, संपर्क और अवसरों” पर आधारित है। उन्होंने यह भी कहा था कि वह आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ के खतरे से मुक्त क्षेत्र बनाने के लिए साथी सदस्यों के साथ मिलकर काम करने के लिए भी तत्पर हैं।

मोदी उज्बेकिस्तान की दो दिवसीय यात्रा के बाद बिश्केक पहुंचे हैं। उज्बेकिस्तान की यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने और 2030 तक वार्षिक व्यापार को पांच अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया।

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