
नयी दिल्ली. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यह आरोप पूरी तरह झूठ है कि कांग्रेस अगर सत्ता में आयी तो राम मंदिर पर बुलडोजर चलवा देगी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस धर्म और सभी की आस्था का सम्मान करती है. खरगे ने यह भी कहा कि कांग्रेस 55 साल तक सत्ता में रही, लेकिन कभी किसी को पूजा करने से नहीं रोका या किसी का मंगलसूत्र नहीं छीना, जैसा कि प्रधानमंत्री ने दावा किया है.
खरगे ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में कहा, ”यह पूरी तरह से झूठ है. वे इस तरह ही बात करते हैं. हमारी पार्टी से किसी ने भी इस तरह की बात नहीं की है और न ही यह संविधान में लिखा है. हम सभी संप्रदायों और धर्मों का सम्मान करते हैं और सभी की आस्था का सम्मान करते हैं.” उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी समुदाय के गरीबों की मदद करना तुष्टीकरण नहीं है, जैसा कि भाजपा ने आरोप लगाया है.
खरगे ने कहा, ”लोग पहले खुशी से रह रहे थे, लेकिन भाजपा और मोदी जी ने वोटों के लिए लोगों को बांटने का काम किया है. वे वोट के लिए ऐसी चीजें करते हैं और दूसरों पर बुलडोजर के इस्तेमाल का आरोप लगाते हैं.” उन्होंने भाजपा पर संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दौरान गरीबों की मदद के लिए योजनाएं लाने पर हर बार कांग्रेस के खिलाफ गलत प्रचार करने का भी आरोप लगाया.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अब कांग्रेस पर मुफ्त उपहारों की राजनीति करने का आरोप लगा रहे हैं. कांग्रेस अध्यक्ष का कहना था कि जब पार्टी पहली बार मनरेगा, खाद्य सुरक्षा अधिनियम, ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन लेकर आई तो भाजपा ने उनका विरोध किया. उन्होंने भूमि सुधार और बैंकों के राष्ट्रीयकरण का भी हवाला दिया जिसका भाजपा ने विरोध किया था.
उन्होंने कहा, ”जब भी हमने गरीबों के लिए योजनाएं शुरू कीं, उन्होंने इसकी आलोचना की. अब हम गरीबों को दोगुना राशन देने की बात कर रहे हैं.” तुष्टीकरण की राजनीति के आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ”किसी भी समुदाय पर अन्याय को रोकना तुष्टीकरण नहीं है. वे (भाजपा) चुनावों के दौरान ध्रुवीकरण करने की कोशिश करते हैं. हम जो कुछ भी करते हैं उसे वे तुष्टिकरण के रूप में पेश करने की कोशिश करते हैं.” उनके मुताबिक, ” मैं केवल इतना कहूंगा कि भाजपा तुष्टीकरण की राजनीति करती है. गरीबों को कुछ देने या गरीबों को छात्रवृत्ति देने, मुसलमानों के लिए विशेष स्कूलों के माध्यम से शिक्षा देने को तुष्टीकरण नहीं कहा जा सकता है.” खरगे का कहना है कि आरक्षण की सीमा बढ़ाने का मतलब गरीबों को आरक्षण देना है.
उन्होंने कहा, ”तमिलनाडु में 69 प्रतिशत आरक्षण है. क्या यह मुसलमानों के लिए है? हम कह रहे हैं कि हम तमिलनाडु की तरह सीमा बढ़ा देंगे. मुसलमान इसमें कैसे आते हैं? हम आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण प्रदान करना चाहते हैं और क्या मुसलमान इसमें नहीं आते हैं?” कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ”वे हर चीज के बारे में गलतफहमी पैदा करने की कोशिश करते हैं और हम जो भी करेंगे, वह सभी को मिलेगा. यह सभी के लिए होगा.” जाति जनगणना कराने की मांग को उचित ठहराते हुए खरगे ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए है कि उन समुदायों को कुछ दिया जाए जो अतीत में छूट गए हैं.
खरगे ने कहा, ”जहां भी गरीबों को मदद की जरूरत है, पिछड़ों को मदद की जरूरत है, हम उनके लिए एक नीति बनाएंगे. जैसे जवाहरलाल नेहरू ने पांच साल की योजनाएं बनाईं, वैसे ही उन लोगों को भी देना होगा जिन्हें अब तक विकास का लाभ नहीं मिल पाया. हम किसी का अधिकार नहीं छीन रहे हैं.” उन्होंने कहा, ”पहले हमने 72,000 रुपये प्रति वर्ष देने का वादा किया था और अब हम कह रहे हैं कि हम गरीबों को एक-एक लाख रुपये देंगे. कांग्रेस ने कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना में ऐसा किया है.”



