इंदौर. इंदौर के एक निजी फार्मेसी महाविद्यालय के पूर्व छात्र द्वारा पेट्रोल छिड़क कर आग के हवाले कर दी गई 54 वर्षीय एक महिला प्राचार्य की बेटी ने ‘‘दोषी’’ को फांसी की सजा देने की शनिवार को मांग की। शर्मा की इकलौती संतान देवांशी ने अपने फार्मासिस्ट पिता मनोज शर्मा के साथ मां की चिता को मुखाग्नि दी। मां के अंतिम संस्कार के बाद भारी मन से घर लौटी बेटी ने ‘‘पीटीआई-भाषा’’ से कहा,‘‘श्रीवास्तव द्वारा पेट्रोल डालकर आग लगाए जाने से मेरी मां का 90 प्रतिशत शरीर जल चुका था। मैंने अस्पताल में अपनी मां को शरीर की भयंकर जलन और दर्द भोगते देखा है और इसके बदले इस शख्स को फांसी से कम सजा तो हो ही नहीं सकती।’’
इस बीच, इस घटना को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाये जा रहे हैं। दिवंगत प्राचार्य की बेटी देवांशी 23 फरवरी को ‘‘पीटीआई-भाषा’’ से बातचीत के दौरान कह चुकी हैं कि श्रीवास्तव ने इस जघन्य कृत्य से महीनों पहले उनकी मां को वॉट्सऐप पर धमकी भरे संदेश भेजे थे, लेकिन पुलिस ने इस बारे में शिकायत मिलने के बावजूद कोई कदम नहीं उठाया।