लखनऊ/सहारनपुर/मुरादाबाद/बहराइच/अलीगढ़. पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ डासना मंदिर के मुख्य पुजारी यति नरसिंहानंद के कथित आपत्तिजनक बयान के विरोध में सहारनपुर में प्रदर्शन के दौरान शेखपुरा पुलिस चौकी पर पथराव करने के मामले में पुलिस ने 13 लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी.
सहारनपुर के पुलिस अधीक्षक (शहर) अभिमन्यु मांगलिक ने सोमवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ”शेखपुरा चौकी पर पथराव मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत 20 नामजद एवं अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.” उन्होंने बताया, ”इन 20 नामजद व्यक्तियों में से 13 आरोपियों को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस टीमें गठित की गई हैं और अन्य आरोपियों को पकड़ने के प्रयास जारी हैं.” पुलिस के अनुसार, बीएनएस की धारा 190 (गैर कानूनी सभा में एकत्र लोगों में किसी भी व्यक्ति द्वारा किये गये अपराध के लिए दोषी), 191 (2) (दंगा), 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना), 351 (3) (आपराधिक धमकी), 125 (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाला कार्य), 223 (लोक सेवक द्वारा विधिवत आदेश की अवज्ञा), 121 (1) (लोक सेवक को उसके कर्तव्य से विरत करने के लिए स्वेच्छा से चोट पहुंचाना या गंभीर चोट पहुंचाना), 126 (1) (गलत तरीके से रोकना) और अन्य संबंधित अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.
मांगलिक ने बताया, ह्लरविवार को मुस्लिम समाज के लोग शेखपुरा कदीम चौकी पर ज्ञापन देने पहुंचे थे, तभी भीड़ में शामिल कुछ अराजक तत्वों ने पुलिस चौकी पर पथराव कर दिया.ह्व उन्होंने कहा कि पुलिस ने पथराव करने वाले अराजक तत्वों को हल्का बल प्रयोग कर वहां से खदेड़ा और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया. उन्होंने कहा कि पथराव में कोई घायल नहीं हुआ है.
उन्होंने बताया कि वीडियो के माध्यम से अराजक तत्वों की पहचान कराई जा रही है और जिले में हाई अलर्ट जारी किया गया है.
इस बीच सहारनपुर के जिलाधिकारी मनीष बंसल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि शेखपुरा कदीम चौकी पर रविवार को गांव के कुछ लोगों का एक ज्ञापन देने का कार्यक्रम था. ज्ञापन समाप्त होने के बाद जब ये लोग शांतिपूर्वक अपने घरों को लौट रहे थे, तो कुछ युवकों ने उन पर पथराव कर दिया. वहां मौजूद पुलिसर्किमयों ने उन्हें खदेड़ दिया.
बंसल ने बताया कि इस दौरान वहां की वीडियोग्राफी कराई गई, उसके आधार पर करीब 20 लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और कुछ अज्ञात पर भी मुकदमा पंजीकृत कर अभी तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. बंसल ने यह भी कहा कि सोमवार को उन्होंने और एसएसपी रोहित सजवाण ने इसी पुलिस चौकी पर गांव के सभी जनप्रतिनिधियों और संभ्रांत लोगों के साथ बैठक की, जिसमें उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए कि गांव में ऐसी कोई गतिविधि नहीं होनी चाहिए, जिससे शांति भंग हो और सभी एकजुट होकर शांति बनाए रखें.
इसके साथ ही उनसे इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने में सहयोग करने का भी अनुरोध किया गया है. जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि गांव में स्थिति पूरी तरह सामान्य है. उन्होंने कहा कि अन्य सभी थाना क्षेत्रों और तहसीलों में मजिस्ट्रेट और अधिकारी भी यहां शांति बनाए रखने के लिए लोगों के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं. गाजियाबाद के डासना मंदिर के मुख्य पुजारी यति नरसिंहानंद ने पिछली 29 सितंबर को गाजियाबाद के हिंदी भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. इस मामले में उनके खिलाफ देश के कई क्षेत्रों की पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है.
यति के खिलाफ मुरादाबाद, बहराइच, अलीगढ़ में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन, कार्रवाई की मांग
पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ डासना मंदिर के मुख्य पुजारी यति नरसिंहानंद के कथित आपत्तिजनक बयान के विरोध में चल रहे देशव्यापी आंदोलन के बीच सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद, बहराइच और अलीगढ़ में जनप्रतिनिधियों, धार्मिक संगठनों और छात्रों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की.
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के सैकड़ों छात्रों ने पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ नरसिंहानंद सरस्वती द्वारा हाल ही में की गयी टिप्पणियों के खिलाफ विश्वविद्यालय में विरोध मार्च निकाला. मुरादाबाद संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सदस्य रुचि वीरा ने पैगंबर मोहम्मद पर दिए गए विवादित बयान के लिए डासना मंदिर के मुख्य पुजारी नरसिंहानंद सरस्वती के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और पूछा कि योगी (आदित्यनाथ) सरकार का अपराध के खिलाफ कत्तई बर्दाश्त नहीं करने की नीति कहां है.
नगर मजिस्ट्रेट किंशुक श्रीवास्तव ने बताया कि मुरादाबाद की सांसद रुचि वीरा सोमवार को अपने समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचीं और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने नरसिंहानंद सरस्वती के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. रुचि ने कहा, “घृणास्पद बयान देने वाले महंत के खिलाफ कत्तई बर्दाश्त नहीं करने की नीति के तहत योगी आदित्यनाथ का बुलडोजर न्याय क्यों नहीं लागू किया गया.” महंत के बयान को लेकर जगह-जगह हुई पथराव की घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उन्होंने लोगों से कानून हाथ में न लेने की अपील की और कहा कि सभी को संयम बरतना चाहिए.
उन्होंने कहा, “चूंकि भारत गंगा-जमुनी तहजीब वाला देश है, इसलिए हमें भाईचारे के साथ रहना चाहिए.” बहराइच से मिली खबर के अनुसार यहां जमीयत उलेमा के सदस्यों ने नरसिंहानंद सरस्वती के खिलाफ उनके द्वारा दिए गए कथित विवादित बयानों के संबंध में कठोर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है.