
पटना. अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी 24 सितंबर को बिहार की राजधानी पटना में होने वाली कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में शामिल होंगे. कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू ने सोमवार को यह जानकारी दी. अल्लावरू ने पत्रकार वार्ता में कहा कि बिहार में कांग्रेस ”स्वतंत्रता की दूसरी लड़ाई” लड़ रही है और यही कारण है कि यह बैठक यहां बुलाई गई है.
उन्होंने कहा, ”सीडब्ल्यूसी बैठक में एआईसीसी अध्यक्ष खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मौजूद रहेंगे. सीडब्ल्यूसी के सभी अन्य सदस्यों को भी आमंत्रित किया गया है. बैठक में कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के भी शामिल होने की उम्मीद है.” अल्लावरू ने आरोप लगाया कि केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा ”वोट चोरी” में शामिल है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ”ऐसे विद्यार्थी की तरह हैं जो कड़ी मेहनत नहीं करता, बल्कि परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए गलत तरीकों का सहारा लेता है.” उन्होंने कहा कि बिहार ”राष्ट्रीय राजनीति का केंद्र” बन गया है.
अल्लावरू ने कहा, ”हम बिहार में दूसरी आजादी की लड़ाई रहे हैं और इसी कारण सीडब्ल्यूसी बैठक यहां हो रही है.” एक अन्य सवाल के जवाब में अल्लावरू ने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर सकारात्मक बातचीत जारी है और जल्द ही एक व्यावहारिक फार्मूला सामने आ जाएगा. उन्होंने दावा किया कि इसके विपरीत भाजपा के नेतृत्व वाले राजग में अव्यवस्था है.
यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस की सहमति से राजद नेता तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया जाएगा, अल्लावरु ने कहा, “उचित समय पर सभी गठबंधन सहयोगी एक साथ बैठकर निर्णय लेंगे.” उल्लेखनीय है कि बिहार में विधानसभा चुनाव इसी वर्ष होने हैं. बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार ने इसी पत्रकार वार्ता में कहा कि सदाकत आश्रम में कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक आयोजित होना पार्टी के लिए ऐतिहासिक पल है.
उन्होंने कहा, ”यह हमारे लिए ऐतिहासिक क्षण है कि सदाकत आश्रम सीडब्ल्यूसी की बैठक की मेजबानी कर रहा है, जहां महात्मा गांधी, डॉ. राजेंद्र प्रसाद और जवाहरलाल नेहरू जैसे महान नेताओं ने विचार-विमर्श किया था.” कुमार ने सदाकत आश्रम के ऐतिहासिक महत्व का भी उल्लेख किया और बताया कि इसका निर्माण लगभग 20 एकड़ भूमि पर हुआ था, जिसे प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी मौलाना मजहरुल हक ने दान में दिया था.



