राहुल, रेवंत रेड्डी को भाजपा के घोषणापत्र पर टिप्पणी करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं: किशन रेड्डी

हैदराबाद. केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के घोषणापत्र के बारे में बात करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. भाजपा की तेलंगाना इकाई के अध्यक्ष रेड्डी ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अन्य दलों के विपरीत, भाजपा जो वादा करती है उसे मजबूत संकल्प के साथ पूरा करती है.

रेड्डी ने कहा, ”मैं राहुल गांधी और रेवंत रेड्डी से पूछता हूं कि क्या उन्हें भाजपा द्वारा जारी संकल्प पत्र के बारे में बात करने का कोई नैतिक अधिकार है? उन्हें भाजपा की आलोचना करने से पहले यह समीक्षा करनी होगी कि विधानसभा चुनावों के दौरान उन्होंने क्या ‘गारंटी’ देने का वादा किया था और 100 दिन में उनके (गारंटी के) कार्यान्वयन की स्थिति क्या है?” मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने भाजपा के घोषणापत्र को ”दिवालिया हो रहे एक बैंक” का ‘पोस्ट डेटेड चेक’ करार दिया.

उन्होंने रविवार को कहा कि लोग भाजपा को खारिज कर देंगे और राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस लोगों के दुखों को खत्म करेगी.
केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी ने घोषणापत्र के बिंदुओं को सूचीबद्ध करते हुए कहा कि भाजपा ने अयोध्या में राम मंदिर बनाने और जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को रद्द करने का वादा किया था और उसने इन वादों को पूरा किया. उन्होंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि सरकार ने स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने का वादा किया था और परिणामस्वरूप भारत स्टार्टअप के लिए आवश्यक पारिस्थितिकी तंत्र के मामले में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश बन गया है.

उन्होंने एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि केंद्र ने तीन बार पेट्रोल की कीमतें कम की हैं और राज्य सरकारों से उपभोक्ताओं के लाभ के लिए स्थानीय करों में कटौती पर विचार करने का भी अनुरोध किया है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को भू-राजनीतिक तनाव से घिरी अनिश्चित दुनिया में एक मजबूत और स्थिर सरकार चुनने की वकालत की और लोकसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का घोषणापत्र जारी किया, जिसमें लोकलुभावन उपायों और एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक पंजी) जैसे विवादास्पद मुद्दों से परहेज करते हुए विकास और कल्याण को प्राथमिकता दी गई है.

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