तेंदूपत्ता पारिश्रमिक गबन मामले में सुकमा में 12 जगहों पर छापेमारी

रायपुर. छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी)/आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) ने बृहस्पतिवार को कथित तेंदूपत्ता पारिश्रमिक गबन मामले में राज्य के सुकमा जिले में पूर्व विधायक समेत कई अन्य लोगों के परिसरों पर छापेमारी की तथा वन विभाग के एक कर्मचारी के परिसर से 26.63 लाख रुपये की नकदी बरामद की.

एसीबी के एक अधिकारी ने बताया कि जांच एजेंसी ने पूर्व विधायक और आदिवासी नेता मनीष कुंजाम, सुकमा के वन मंडल अधिकारी (डीएफओ) कार्यालय के कर्मचारी राजशेखर पुराणिक और प्राथमिक लघु वनोपज समिति के प्रबंधकों के 12 परिसरों पर छापे की कार्रवाई की. उन्होंने बताया कि तलाशी के दौरान पुराणिक के आवास से 26,63,700 रुपये जब्त किए गए. उनके मुताबिक, छापेमारी के दौरान मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कई बैंक खातों और निवेश से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं. अधिकारी ने बताया कि दस्तावेजों का विश्लेषण और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.

उन्होंने बताया कि सुकमा वन मंडल के तत्कालीन डीएफओ अशोक कुमार पटेल ने अपने पद का कथित तौर पर दुरुपयोग किया और वन विभाग के अधिकारियों तथा सुकमा में विभिन्न प्राथमिक लघु वनोपज समितियों के प्रबंधकों और पदाधिकारियों के साथ मिलीभगत कर लगभग सात करोड़ रुपये का हिस्सा हड़प लिया, जो वर्ष 2021 और 2022 के लिए तेंदूपत्ता संग्राहकों को पारिश्रमिक के रूप में वितरित किया जाना था.

अधिकारी ने बताया कि गबन की गई राशि का एक हिस्सा कथित तौर पर कुछ निजी व्यक्तियों को भी दिया गया था. उन्होंने बताया कि इस संबंध में आठ अप्रैल को ईओडब्ल्यू में मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद बृहस्पतिवार को छापेमारी की गई. अधिकारी ने बताया कि हाल ही में मामले के मुख्य आरोपी पटेल (अब निलंबित) के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला भी दर्ज किया गया था और उनके परिसरों पर छापेमारी की गई थी.

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