अवैध कोयला खनन रोकने की जिम्मेदारी राज्यों की: केंद्र सरकार

नयी दिल्ली: केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि सभी तरह के अवैध कोयला खनन को रोकना राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है, जिसमें ‘‘रैट-होल’’ भी शामिल है। साथ ही, केंद्र ने इस बात पर जोर दिया कि वह कोयला खदानों में दुर्घटनाओं को कम करने के लिए राज्यों के साथ मिलकर काम कर रहा है।

असम में एक कोयला खदान में कथित तौर पर ‘‘रैट-होल’’ खनन से संबंधित हाल में हुई दुर्घटना और लोगों की जान जाने के बारे में एक सदस्य के पूरक प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी ने लोकसभा में कहा कि उन्होंने इस मामले पर मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा से बात की है।

उन्होंने कहा, ‘‘रैट-होल खनन को रोकना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।’’ रेड्डी ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया है कि राज्य में करीब 250 ‘‘रैट-होल’’ खनन स्थल बंद कर दिए गए हैं और इस संबंध में 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।’’ झारखंड में कथित अवैध खनन पर एक अन्य पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस और सरकार को इसके खिलाफ कार्रवाई करनी होगी क्योंकि यह उनकी जिम्मेदारी है।

रेड्डी ने कहा कि केंद्र सरकार कोयला माफिया और कोयला खनन गतिविधियों में ंिहसा के प्रति ‘कतई बर्दाश्त नहीं करने’ का दृष्टिकोण रखती है। उन्होंने कहा कि कोयला खदानों में सुरक्षा केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और वह कोयला खदानों में दुर्घटनाओं को कम करने के लिए काम कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘कोयला खदानों में दुर्घटनाओं को कम करने के लिए हमने कई कदम उठाए हैं और इसके नतीजे भी सामने आने लगे हैं।’’ झारखंड के झरिया में कोयला खदानों में आग लगने की घटना के बारे में पूछे जाने पर रेड्डी ने कहा कि यह आग एक सदी से भी अधिक समय से लगी हुई है और केंद्र सरकार इस आग को पूरी तरह से बुझाने के लिए कुछ कार्ययोजनाओं पर काम कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें राज्य सरकार के सहयोग की भी आवश्यकता है। मैंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ बैठक की थी और मुझे उम्मीद है कि हम अपनी योजनाओं में सफल होंगे।’’

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