
देहरादून. दंगाइयों पर नकेल कसने के उद्देश्य से कदम उठाते हुए, उत्तराखंड सरकार ने सोमवार को कहा कि ऐसे अपराधियों को सार्वजनिक संपत्ति को हुई क्षति की भरपाई करनी होगी. सरकार का यह फैसला हल्द्वानी में पथराव, आगजनी और गोलीबारी की घटनाओं के करीब एक महीने बाद आया है. इस घटना में छह लोगों की जान गई थी और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में एक अवैध मदरसे को तोड़े जाने को लेकर भड़की हिंसा के दौरान कई वाहनों और एक थाने को आग लगा दी गई थी.
राज्य मंत्रिमंडल ने एक विशेष दावा न्यायाधिकरण स्थापित करने के लिए एक अध्यादेश लाने को अपनी मंजूरी दे दी. यह दंगों और अशांति के मामले में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए दंगाइयों से ही धन की वसूली करेगा. कैबिनेट की बैठक में निर्णय लेने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ह्ल राज्य में शांति भंग करने वालों को अब इसकी कीमत चुकानी होगी” उन्होंने कहा कि दंगों और अशांति फैलाने के मामलों में सख़्ती से रोक लगाने के उद्देश्य से आज कैबिनेट बैठक के दौरान एक विशेष न्यायाधिकरण के गठन को मंजूरी दी गई है.
मुख्यमंत्री ने कहा, ह्लदंगों के दौरान होने वाले सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की क्षतिपूर्ति दंगाइयों से ही की जाएगी.” उन्होंने कहा, ह्ल प्रदेश की शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी और एक ऐसी मिसाल बनाएंगे जिससे देवभूमि की पवित्र भूमि को कलंकित करने वाले दंगाइयों की पीढि.यां भी वर्षों तक याद रखेंगी.”



