इंदौर/भोपाल/नयी दिल्ली/दुव्वा. इंदौर के एक मंदिर में रामनवमी पर बृहस्पतिवार को आयोजित हवन के दौरान पुरातन बावड़ी की छत धंसने से 10 महिलाओं समेत 11 लोगों की मौत हो गई. प्रशासन के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. वहीं, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हादसे पर दुख जताते हुए मारे गए लोगों के परिजनों को पांच- पांच लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है.
जिलाधिकारी डॉ. टी. इलैयाराजा ने “पीटीआई-भाषा” को बताया कि हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. उन्होंने बताया कि राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की मदद से चलाए गए बचाव अभियान के तहत करीब 20 लोगों को बावड़ी से बाहर निकालकर बचाया गया.
जिलाधिकारी ने बताया कि मंदिर में हुए हादसे की मजिस्ट्रेट जांच कराई जाएगी. उन्होंने बताया कि राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हादसे में मारे गए सभी 11 लोगों के परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं. जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन ऐसे सार्वजनिक स्थानों को चिह्नित करेगा, जहां इस तरह के हादसे होने की आशंका है.
अधिकारियों ने बताया कि मंदिर के संकरी जगह में बने होने के कारण बचाव कार्य में बाधा आई और इस दौरान मंदिर की एक दीवार तोड़ कर पाइप इसके भीतर डाला गया और बावड़ी का पानी मोटर से खींचकर बाहर निकाला गया. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि धार्मिक कार्यक्रम के दौरान मंदिर में पुरातन बावड़ी की छत पर श्रद्धालुओं की काफी भीड़ थी और छत ज्यादा लोगों का बोझ नहीं सहन कर सकी. रहवासियों ने बताया कि मंदिर पुरातन बावड़ी पर छत डालकर बनाया गया था.
हादसे के बाद मंदिर के आस-पास उन ंिचतित लोगों की भीड़ जुट गई जिनके परिजन हादसे के वक्त मंदिर में मौजूद थे. पटेल नगर रहवासी संघ के अध्यक्ष कांतिभाई पटेल ने इस बात पर नाराजगी जताई कि हादसे की सूचना दिए जाने के बाद भी एक घंटे तक मौके पर एम्बुलेंस नहीं पहुंची थी.
अधिकारियों ने बताया कि हादसे में मारे गए लोगों की पहचान लक्ष्मी पटेल (70), भारती कुकरेजा (58), जयवंती खूबचंदानी (84), दक्षा पटेल (60), मधु भम्मानी (48), मनीषा मोटवानी (40), गंगा पटेल (58), कनक पटेल (32), पुष्पा पटेल (49), भूमिका ख़ानचन्दानी (31) और इंद्र कुमार हरवानी (53) के रूप में हुई है.
चौहान ने भोपाल में मीडिया से कहा, ‘‘इंदौर में हुई दुर्घटना में नागरिकों के हताहत होने का समाचार अत्यंत दु:खद और हृदय विदारक है. ईश्वर से दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोकाकुल परिजनों को यह असीम दु:ख सहन करने की क्षमता प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं.’’
उन्होंने कहा, ‘‘दु:ख की इस घड़ी में हम सब शोकाकुल परिवारों के साथ हैं. मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जायेगी. घायलों के इलाज की समुचित व्यवस्था की जा चुकी है. चिकित्सा का संपूर्ण व्यय प्रदेश सरकार वहन करेगी.’’ वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस घटना पर दुख जताया और मुख्यमंत्री चौहान से बात कर हालात की जानकारी ली.
मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘‘इंदौर में हुए हादसे से बेहद दुखी हूं. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से बात की और ताजा स्थिति की जानकारी ली. सभी प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के साथ मेरी प्रार्थना.’’ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी घटना पर शोक व्यक्त करते हुए ट्वीट किया, ‘‘इंदौर में हुए हादसे में कई लोगों के निधन के समाचार से मुझे गहरा दु:ख हुआ है. सभी शोक-संतप्त परिवारों के प्रति मैं गहन शोक-संवेदनाएं व्यक्त करती हूं तथा घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं.’’
राष्ट्रपति ने इंदौर हादसे पर दु:ख जताया, घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मध्य प्रदेश के शहर इंदौर में स्थित एक मंदिर में रामनवमी के अवसर पर बृहस्पतिवार को आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के दौरान प्राचीन बावड़ी की छत धंसने से कुछ लोगों की मौत पर दु:ख जताया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की. राष्ट्रपति भवन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हवाले से ट्वीट किया, ‘‘ इंदौर में हुए हादसे में कई लोगों के निधन के समाचार से मुझे गहरा दु:ख हुआ है. ’’ उन्होंने कहा, ‘‘ सभी शोक-संतप्त परिवारों के प्रति मैं गहन शोक-संवेदनाएं व्यक्त करती हूं तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं.’’
आंध्र प्रदेश के मंदिर में आग लगी, कोई हताहत नहीं
आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले में राम नवमी उत्सव के अंत में बृहस्पतिवार को एक मंदिर में आग लग गई. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. अधिकारी ने बताया कि आग वेणुगोपाल स्वामी मंदिर परिसर में लगी थी. उन्होंने बताया कि परिसर से सभी भक्त पहले ही बाहर जा चुके थे, इसलिए हादसे में कोई घायल नहीं हुआ.
पश्चिम गोदावरी जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) यू रवि प्रकाश ने कहा “एक शॉर्ट-र्सिकट से यह आग लगी और इसमें जान-माल का नुकसान नहीं हुआ.” उन्होंने बताया कि आग दोपहर में पूजा (अनुष्ठान) के पूरा होने के बाद लगी. पुलिस के मुताबिक, आयोजकों ने ताड़ के पत्तों और फूस से एक तंबूनुमा ढांचा तैयार किया था, जिसमें बिजली की व्यवस्था की गई थी. पुलिस ने कहा कि भीषण गर्मी के कारण आग लगी होगी.
एसपी ने बताया कि ढांचा जलने के अलावा और कोई नुकसान नहीं हुआ है. उन्होंने बताया कि पुलिस और दमकल अधिकारी मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पा लिया. अधिकारी ने बताया कि चूंकि यह आग लगने की घटना थी इसलिए पुलिस विभाग ने कोई मामला दर्ज नहीं किया, लेकिन दमकल विभाग मामला दर्ज करेगा. इस बीच, घटना का एक वीडियो वायरल है जिसमें आग की लपटें और धुआं निकलते देखा जा सकता है.