रूस अपने सैनिकों की संख्या बढ़ा रहा और यूक्रेनी रक्षा पंक्ति को भेदने की कोशिश कर रहा : यूक्रेन

कीव/जिनेवा. यूक्रेन की सेना ने दावा किया है कि रूस अपने सैनिकों की संख्या बढ़ा रहा है और यूक्रेनी रक्षा पंक्ति को भेदने की कोशिश कर रहा है. यूक्रेनियाई सैन्य कमान ने रविवार को कहा कि रूसी सैनिक खारकीव के दक्षिण पूर्व में इजुम के नजदीक लगातार यूक्रेनी रक्षापंक्ति को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं. खबर है कि रूस इजुम में तैनाती के लिए सैनिकों को भेज रहा है जबकि खारकीव में गोलाबारी जारी है.
यूक्रेन की सेना ने बताया कि रूसी सैनिक आॅफ अजव पोर्ट मारियुपोल पर नियंत्रण करने का भी प्रयास कर रहे हैं जिसकी रूसी बलों ने करीब डेढ़ महीने तक घेराबंदी की थी.

रूसी सेना ने कीव और पूर्वोत्तर यूक्रेन के बड़े शहरों पर कब्जा करने की कोशिश की थी लेकिन वह असफल रही. यूक्रेन और पश्चिमी देशों के अधिकारियों को आशंका है कि रूस नए सिरे से पूर्वी यूक्रेन में कार्रवाई कर सकता है जहां पर मॉस्को सर्मिथत अलगाववादी पिछले आठ साल से यूक्रेन की सेना से लड़ रहे हैं.

यूक्रेन से विस्थापित होने वाले लोगों की संख्या 45 लाख पहुंची : संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी ने कहा है कि रूसी हमले के बाद से यूक्रेन छोड़कर जाने वालों की संख्या 45 लाख हो गई है. शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) द्वारा रविवार को अपने पोर्टल पर अद्यतन की गई जानकारी के मुताबिक 24 फरवरी से अबतक 45.04 लाख लोग यूक्रेन छोड़ चुके हैं. जानकारी के मुताबिक करीब 26 लाख लोग पोलैंड गए और 6,86,000 से अधिक रोमानिया गए हैं. हालांकि, यूएनएचसीआर ने रेखांकित किया कि यूरोपीय संघ के ऐसे बहुत कम देश हैं जो सीमा को नियंत्रित करते हैं और ऐसा माना जाता है कि ‘‘बड़ी संख्या में लोग रास्ते में सबसे पहले पड़ने वाले देशों में गए.

रूस-यूक्रेन युद्ध के अहम घटनाक्रम –

जेलेंस्की ने कहा कि रूसी आक्रमकता यूक्रेन तक सीमित नहीं है.
– जेलेंस्की ने समाचार एजेंसी एपी को दिए साक्षात्कार में कहा कि अत्याचार होने के बावजूद भी वह शांति चाहते हैं.
– पोलैंड व यूक्रेन के बीच संबंध को रूस की भ्रामक सूचना के निशाने के तौर पर देखा जा रहा है.

अन्य घटनाक्रम
कीव (यूक्रेन) — यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि उन्होंने जर्मन चांसलर ओलाफ स्कॉल्जÞ के साथ फोन पर की गई बातचीत युद्ध अपराध के अपराधियों पर नजर रखने की जरूरत पर केंद्रित रखा. जेलेंस्की ने ट्विटर पर कहा कि रविवार को फोन पर ‘‘हमने युद्ध अपराध के सभी अपराधियों की पहचान करने और उन्हें दंडित करने पर जोर दिया.’’ यूक्रेन ने रूस पर बुचा और कीव के नजदीक अन्य स्थानों पर आम लोगों पर अत्याचार करने का आरोप लगाया है, जहां पर सैकड़ों लोगों की हत्या कर दी गई. इनमें से कई के हाथ बंधे थे जो यातना के संकेत देते हैं. इसकी जानकारी रूसी सैनिकों की वापसी के बाद मिली.

वेटिकन सिटी–पोप फ्रांसिस ने पवित्र सप्ताह की शुरुआत ईस्टर पर यूक्रेन में संघर्ष विराम के आ’’ान के साथ की, ताकि शांति के लिए वार्ता की संभावना पैदा हो सके. उन्होंने नेताओं के लिए ‘‘ लोगों की भलाई के वास्ते कुछ बलिदान देने’’ की जरूरत को रेखांकित किया.
महामारी शुरू होने के बाद से पहली बार सेंट पीटर्स स्क्वॉयर पर भीड़ के साथ पाम संडे की प्रार्थना की गई. इस मौके पर पोप फ्रांसिस ने अपील की कि‘‘ईस्टर शुरू होने से पहले सभी हथियार रख दिए जाएं और इन हथियारों में दोबारा गोली नहीं भरी जाए और युद्ध नहीं शुरू किया जाए.’’ पोप ने हालांकि यूक्रेन पर रूस की सैन्य कार्रवाई का सीधे तौर पर उल्लेख नहीं किया.

हेंिल्सकी– फिनलैंड ने कहा कि रूसी संग्राहलय की कलाकृतियों से भरे जहाज को रूस को वापस कर दिया जाएगा, जिसे यूरोपीय संघ द्वारा मॉस्को पर लगाए गए प्रतिबंध के तहत जब्त किया गया था. फिनलैंड के सीमा शुल्क सेवा ने बताया कि शनिवार देर रात विदेश मंत्रालय ने खेप को लौटाने की विशेष अनुमति दी जिसका बीमित मूल्य करीब 4.6 करोड़ डॉलर है.

मॉस्को– रूाी सेना ने कहा कि उसने यूक्रेन के दक्षिण और पूर्वी हिस्से में लगी यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली पर हमला किया है.
रूसी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल इगोर कोनाशेन्कोव ने रविवार को बताया कि सेना ने हवा से मार करने वाली मिसाइल का इस्तेमाल यूक्रेन की एस-300 वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली पर हमला करने के लिए किया जिसे दक्षिणी मिकोलाइव क्षेत्र के स्टारोबोह्निव्का में और खारकीव क्षेत्र के चुहुइ स्थित हवाई ठिकाने पर तैनात किया गया था. उन्होंने दावा किया कि समुद्र से दागी गई क्रूज मिसाइल ने दिनीप्रोक्षेत्र के ज्वोनेत्स्के स्थित यूक्रेनी सेना के मुख्यालय को नष्ट कर दिया. हालांकि, रूसी दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी.

कीव–यूक्रेन की उप प्रधानमंत्री इरियाना वरश्चुक ने कहा कि रविवार को मारियुपोल से और भी लोगों के अपने वाहन की मदद से शहर छोड़कर जाने की उम्मीद है. मारियुपोल रणनीतिक बंदरगााह शहर है जिसकी करीब डेढ़ महीने से रूस ने घेराबंदी कर रखी है.

जिनेवा–संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी ने बताया कि रूस द्वारा सैन्य कार्रवाई करने के बाद से यूक्रेन छोड़कर जाने वालों की संख्या 45 लाख के करीब पहुंच गई है. शरणार्थियों पर संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) द्वारा रविवार को अपने पोर्टल पर अद्यतन की गई जानकारी के मुताबिक 24 फरवरी से अबतक 45.04 लाख लोग यूक्रेन छोड़ चुके हैं. जानकारी के मुताबिक करीब 26 लाख लोगों ने पोलैंड में गए और 6,86,000 से अधिक रोमानिया गए हैं. हालांकि, यूएनएचसीआर ने रेखांकित किया कि यूरोपीय संघ के बहुत कम देश हैं जो सीमा को नियंत्रित करते हैं और ऐसा माना जाता है कि ‘‘बड़ी संख्या में लोग रास्ते में सबसे पहले पड़ने वाले देशों में गए हैं.

लंदन–ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि रूस के सशस्त्र बल बढ़ रहे नुकसान की भरपाई के लिए वर्ष 2012 से अबतक सैन्य सेवा से अवकाश प्राप्त कर चुके सैनिकों की बहाली कर मौजूदा सैनिकों की संख्या बढ़ा रहे हैं. खुफिया जानकारी ट्विटर पर साझा करते हुए मंत्रालय ने रविवार को कहा कि रूसी सेना ‘लड़ाई के लिए अधिक ताकत जुटाने की कोशिश कर रही है और इसके लिए यूक्रेन की सीमा पर माल्दोवा से अलग हुए ट्रांस निस्टर इलाके से भी भर्ती की कोशिश की जा रही है.

बोरोदियांका (यूक्रेन) — अग्निशमन दल के र्किमयों ने शनिवार को भी उत्तरी यूक्रेन की नष्ट हो चुकी इमारतों में लोगों की तलाश जारी रखी, जिनपर कई हफ्तों से रूस का कब्जा था. बोरोदियांका के निवासियों को आशंका है कि दर्जनों की संख्या में लोग इमारतों के मलबे में दबे मिल सकते हैं जो यूक्रेन और रूस की लड़ाई में नष्ट हो गए थे. यह शहर यूक्रेन की राजधानी से 75 किलोमीटर उत्तर पश्चिम में है और यहां के निवासियों की कुल संख्या 12 हजार है.

मारियुपोल (यूक्रेन)— अजोव सागर पर स्थित यूक्रेन के बंदरगाह शहर मारियुपोल पर रूसी सेना की गोलाबारी के कारण कई मानवीय गलियारे बंद हो गए हैं, जिससे लोगों के लिए वहां से निकलना मुश्किल हो गया है. हालांकि, शनिवार को यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि मारियुपोल में कितने लोग फंसे हुए हैं. युद्ध से पहले शहर में 4,30,000 से अधिक लोग रहते थे. यूक्रेन के अधिकारियों ने बताया कि मारयुपोल में करीब एक लाख लोग फंसे हुए हैं. हालांकि, ब्रिटिश रक्षा अधिकारियों ने शहर में 1,60,000 लोगों के फंसे होने का अनुमान जताया है. मारियुपोल में यूक्रेनी सेना ने आत्मसमर्पण करने से इनकार कर दिया है, जबकि शहर का अधिकतर हिस्सा तबाह हो चुका है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button