अयोध्या. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को कहा कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गठबंधन का भगवा महाराष्ट्र में पूरे बहुमत से लहराएगा. मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार अयोध्या पहुंचे शिंदे ने संवाददाता सम्मेलन में आगामी लोकसभा चुनाव में अपनी भूमिका के बारे में पूछे जाने पर कहा, “आने वाले चुनाव में हमारी भूमिका बिल्कुल स्पष्ट है. हमारा भाजपा के साथ गठबंधन है. हम अयोध्या से ऊर्जा लेकर जाएंगे और 2024 में शिवसेना भाजपा का भगवा महाराष्ट्र में पूरे बहुमत से लहराएगा.” शिंदे ने दावा किया कि अयोध्या और राम मंदिर शिवसेना तथा भाजपा के लिए कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है.
उन्होंने कहा, “यह हमारी आस्था और श्रद्धा का विषय है.” महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने किसी का नाम लिए बगैर कहा, “कई लोगों को ंिहदुत्व से एलर्जी रही है और अब भी हो रही है. कई लोग जानबूझकर ंिहदुत्व का अपमान कर रहे थे जबकि ंिहदू धर्म एक जीवन प्रणाली है जिसमें एक सहिष्णुता है लेकिन कई लोगों को लगता है कि ंिहदुत्व अगर सभी के मन में बस जाएगा तो उनकी राजनीतिक दुकान बंद हो जाएगी.’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसी डर की वजह से आजादी के बाद से कई लोगों ने लगातार ऐसी कोशिश की, लेकिन वर्ष 2014 में ंिहदुत्व के विचार वाली सरकार नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस देश में स्थापित हुई तब ंिहदुत्व का जागरण हुआ. शिवसेना और भाजपा की विचारधारा एक ही है. कुछ लोग जानबूझकर गुमराह करने वाली बातें करते हैं लेकिन जनता समझदार है.” शिंदे ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि भगवान राम ने जहां पिता को नहीं दिए गए वचन की लाज रखने के लिए बिना किसी आपत्ति के 14 वर्ष का वनवास भोग लिया वहीं, ठाकरे ने अपने पिता बाला साहब ठाकरे की मंशा और इच्छा के विपरीत उन लोगों (कांग्रेस) के साथ मिलकर सत्ता के लालच में सरकार बना ली जिन्होंने राम मंदिर का विरोध किया था.
उन्होंने कहा, “वर्ष 2019 में महाराष्ट्र का जनादेश था कि राज्य में शिवसेना भाजपा गठबंधन की सरकार बने लेकिन स्वार्थ और कुर्सी के लालच में गलत कदम उठाया गया, लेकिन हम लोगों ने आठ-नौ महीने पहले उसे सुधार दिया.” शिंदे ने उद्धव पर निशाना साधते हुए किसी का नाम लिए बगैर कहा, “मैं आॅफिस या घर में बैठकर आदेश देने वाला मुख्यमंत्री नहीं हूं. मैं फील्ड में जाकर काम करने वाला मुख्यमंत्री हूं.” अपनी अयोध्या यात्रा को लेकर महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की टिप्पणी के बारे में पूछे गए एक सवाल पर शिंदे ने कहा, “अजित पवार को मुझे यही कहना है कि राम मंदिर लाखों-करोड़ों ंिहदुओं की आस्था का प्रश्न है. अगर आप उसे फालतूगीरी बोलते हो तो राम भक्त आपको आपकी जगह दिखा देंगे.”
महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों से जुड़े एक सवाल पर शिंदे ने कहा, “उत्तर भारतीय और महाराष्ट्र कभी अलग नहीं रहे. वह हमारे साथ खड़े हैं कंधे से कंधा मिलाकर. जो उत्तर भारतीय कई सालों से वहां रह रहे हैं वे सभी महाराष्ट्रवासी हो गए हैं और उनको वे सभी सुविधाएं मिलती हैं जो मराठी लोगों को दी जाती हैं.” इससे पहले, शिंदे ने अयोध्या में रामलला के दर्शन किए, राम मंदिर निर्माण कार्य का अवलोकन किया और हनुमानगढ़ी भी गए. इस मौके पर शिवसेना भाजपा गठबंधन के मंत्री, विधायक और कार्यकर्ता भी मौजूद थे.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर ंिहदुत्व का प्रतीक है और इसके साथ हमारी भावनाएं, श्रद्धा और अस्मिता भी जुड़ी है. अयोध्या में 500 साल के लंबे इंतजार के बाद राम मंदिर निर्माण का सपना साकार हो रहा है. मंदिर निर्माण कार्य इतनी तेजी से पूरा होगा यह कोई सोच भी नहीं सकता था. अयोध्या की यह यात्रा अलग ही एहसास दिला रही है और वह इसे सारी ंिजदगी भूल नहीं पाएंगे. उन्होंने कहा कि अयोध्या का बहुत तेजी से विकास हो रहा है और इससे लाखों लोगों को रोजी-रोटी में भी फायदा होगा.
रविवार की शाम शिंदे अयोध्या में वैदिक मंत्रोच्चार और ‘सरयू मैया की जय’ तथा ‘हर-हर महादेव’ के नारों के बीच सरयू आरती में शामिल हुए. रामनामी दुपट्टा और भगवा चादर ओढ़कर उन्होंने सरयू नदी में जाकर दुग्ध अर्पित कर लोकमंगल की कामना की. शिंदे के साथ उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव ंिसह भी सरयू आरती में शामिल हुए.
इसके पहले लक्ष्मण किला (अयोध्या में) में एक अन्य सार्वजनिक समारोह को संबोधित करते हुए शिंदे ने जय श्री राम और पवनसुत हनुमान के उद्घोष के बाद कहा कि, ‘मैं निश्चित रूप से भगवान राम के आशीर्वाद से मुख्यमंत्री बना हूं. लेकिन, मैं यहां मुख्यमंत्री के रूप में नहीं आया हूं. मैं यहां ‘एक रामभक्त’ के रूप में आया हूं.” महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान राम के आशीर्वाद से, महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन हुआ है और ंिहदुओं के लिए, अयोध्या आस्था और पहचान का स्थल है. उन्होंने यह भी कहा, “जब-जब होगा अयोध्या में शंखनाद, आपके साथ हमेशा रहेगा एकनाथ.”