ईडी और मोदी के डर से कुछ कांग्रेस नेता भाजपा की ओर ‘भाग रहे’ : खरगे

देश में 'विभाजनकारी राजनीति का अमृतकाल': खरगे

बीदर. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को कहा कि पार्टी से मिले लाभ की बदौलत मंत्री और मुख्यमंत्री तक बन चुके नेताओं में कुछ भाजपा की ओर इसलिए ‘भाग रहे हैं’ क्योंकि उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का डर सता रहा है. उन्होंने कुछ राज्यों में कांग्रेस के हाथों से उसकी निर्वाचित सरकारों के निकल जाने के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि ऐसा इसलिए हुए क्योंकि उनकी पार्टी से निर्वाचित हुए कुछ लोग सिद्धांतों को लेकर प्रतिबद्ध नहीं थे.

उन्होंने कहा, ” आप जिन सिद्धांतों में विश्वास करते हैं, उनपर कायम रहिये …. जो कांग्रेस में थे, उन्होंने कांग्रेस से फायदा लिया, मंत्री और मुख्यमंत्री भी बने लेकिन वे अब भाजपा की ओर भाग रहे हैं क्योंकि वह उन्हें डरा रही है. ईडी उन्हें डरा रही है, मोदी उन्हें डरा रहे हैं.” खरगे ने बीदर में एक जनसभा में कहा, ” कई राज्यों में हम चुनाव जीतकर आये, लेकिन उन्होंने हमारी सरकार अपदस्थ कर दी या गिरा दी क्योंकि जिन्हें हमने चुना उनका सिद्धांतों में मजबूत विश्वास नहीं था.” उन्होंने इस सिलसिले में कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मणिपुर और गोवा का हवाला दिया.

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ” कुछ पैसे की चाहत में, कुछ सत्ता की चाहत में और कुछ पार्टी के अंदर किसी से मतभेद का हवाला दे (भाजपा में जाने के लिए कांग्रेस छोड़ गये)…जिनमें साहस नहीं है वे सफल नहीं हो सकते. ” कांग्रेस अध्यक्ष का बयान ऐसे समय में आया है जब कई कांग्रेस नेता अन्य राजनीतिक दलों खासकर भाजपा में शामिल होने के लिए पार्टी (कांग्रेस) छोड़ रहे हैं. ऐसी अटकलें हैं कि कुछ और नेता कांग्रेस छोड़ सकते हैं.

राज्यसभा के सभापति के कार्यालय में चाय पर भेंट के दौरान मोदी के साथ हुई बातचीत का हवाला देते हुए खरगे ने कहा, ” मैंने मोदी से पूछा कि और कितने लोगों को आप अपनी पार्टी में लेंगे? आपका पेट अबतक भरा नहीं है? देवेगौड़ा 91 साल के हो गये लेकिन उन्हें भी नहीं छोड़ा. वह (देवेगौड़ा) दावा किया करते थे कि वह धर्मनिरपेक्ष हैं, लेकिन आपने उन्हें भी नहीं बख्शा (भाजपा-जदएस गठबंधन के सिलसिले में). अपनी तरफ लाने के लिए लोगों को ललचाने के लिए आपके पास कौन सी औषधि है.”

खरगे ने कहा, ” उन्होंने (मोदी ने) कहा कि लोग (भाजपा की ओर) आ रहे हैं, मैं क्या कर सकता हूं? मैंने कहा कि वे आते हैं क्योंकि आपके पास ईडी, आयकर विभाग, सीवीसी की गोली है और लोगों को बर्बाद करने की गोली है. इसलिए वे डर के मारे आ रहे हैं.” कर्नाटक से राज्यसभा सदस्य खरगे ने टिप्पणी की कि लोग मूर्ख नहीं हैं. “उन्हें एक या दो बार मूर्ख बनाया जा सकता है, लेकिन तीन बार नहीं. एक-दो बार विश्लेषण करने के बाद वे तय करेंगे कि उन्हें क्या करना है.”

देश में ‘विभाजनकारी राजनीति का अमृतकाल’: खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा एक पुलिस अधिकारी को कथित तौर पर ‘खालिस्तानी’ कहे जाने की घटना को लेकर मंगलवार को आरोप लगाया कि देश में ‘विभाजनकारी राजनीति का अमृतकाल’ चल रहा है. इस घटना से सबंधित एक वीडियो तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी और कुछ अन्य नेताओं ने सोशल मीडिया पर साझा किया. भाजपा ने आरोप को खारिज किया है.

खरगे ने कथित घटना से संबंधित एक वीडियो साझा करते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”भाजपा के कार्यकर्ताओं से आईपीएस अधिकारी जसप्रीत सिंह बोल रहें हैं -ह्लक्योंकि मैंने पगड़ी पहनी है, इसलिए आप मुझे खालिस्तानी बोल रहें हैं.” भाजपा-आरएसएस ने केवल इस देश में धर्म के नाम पर समाज में ज.हर फैलाने का काम किया है.” उन्होंने दावा किया कि भाजपा द्वारा फैलाई धार्मिक कट्टरता का दंश, हमारी विविधता वाली संस्कृति को इतना ज.हरीला बना रहा है कि क.ानून के रक्षक को, धर्म के नाम पर, आतंकवादी करार दिया जा रहा है.

खरगे ने सवाल किया, ”क्या ह्लसबका साथह्व, अब बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान की धज्जियां उड़ाना है?” उन्होंने आरोप लगाया, ”मोदी जी, धर्म, संप्रदाय और समुदायों के बीच वैमनस्य, नफ.रत और हिंसा फैलाना ही आपका एकमात्र उद्देश्य है. आपका राज, विभाजनकारी राजनीति का ह्लअमृत कालह्व है.”

भाजपा के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल में उत्तर 24 परगना जिले के अशांत संदेशखालि का दौरा करने से रोकने के लिए धमखाली में तैनात एक सिख आईपीएस अधिकारी को भाजपा कार्यकर्ताओं के एक समूह द्वारा कथित तौर पर ‘खालिस्तानी’ कहा गया जिससे अधिकारी आक्रोशित हो गए. अधिकारी के साथ मौजूद भाजपा विधायक अग्निमित्र पॉल ने दावा किया कि पुलिस अधिकारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं कर रहे थे और इस आरोप को खारिज कर दिया कि भाजपा समर्थकों ने उन्हें ‘खालिस्तानी’ कहा था.

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