नयी दिल्ली. लद्दाख के शिक्षा सुधारवादी सोनम वांगचुक के लेह स्थित उनके संस्थान में ‘नजरबंद’ किये जाने के दावे के एक दिन बाद मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने सरकार पर निशाना साधा. पार्टी ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश को संविधान की छठी अनुसूची के तहत लाने के विषय पर बोलने से वांगचुक को रोका गया. हालांकि, पुलिस ने वांगचुक के आरोप का खंडन किया है और कहा है कि उन्हें केवल खारदुंग ला टॉप पर पांच दिन का उपवास करने से रोका गया.
माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘मैगसायसाय पुरस्कार से सम्मानित सोनम वांगचुक के जीवन से ‘3 इडियट्स’ प्रेरित है. उन्होंने लद्दाख की अनूठी विशेषताओं की रक्षा के लिए एक अभियान चलाया और इसके लिए नजरबंद हैं. अनुसूची 6 और जलवायु परिवर्तन के खतरों तथा गणतंत्र दिवस पर बोलने से रोका गया…यह निंदनीय है.’’
वांगचुक ने लद्दाख के लोगों की मांगों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का ध्यान आर्किषत करने के लिए 26 जनवरी से 18,380 फुट ऊंचे खारदुंग ला पर भूख हड़ताल की घोषणा की थी. ‘3 इडियट्स’ में इंजीनियर वांगचुक के जीवन से प्रेरित एक महत्वपूर्ण किरदार था. वांगचुक की मांगों में संविधान की छठी अनुसूची का विस्तार और अनियंत्रित औद्योगिक एवं वाणिज्यिक विस्तार से पर्यावरण का संरक्षण भी शामिल है.