दक्षिण अफ्रीका ने भारत को पारी और 32 रन से रौंदा

हम जीत के हकदार नहीं थे: रोहित शर्मा

सेंचुरियन. डीन एल्गर के बड़े शतक और मार्को यानसन के साथ उनकी शतकीय साझेदारी के बाद नांद्रे बर्गर की अगुआई में गेंदबाजों के तूफानी प्रदर्शन से दक्षिण अफ्रीका ने पहले क्रिकेट टेस्ट के तीसरे ही दिन गुरुवार को यहां भारत को पारी और 32 रन से हराकर दो मैच की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बनाई.

पहली पारी में 163 रन से पिछड़ने के बाद भारत दूसरी पारी में बर्गर (33 रन पर चार विकेट), यानसन (36 रन पर तीन विकेट) और कागिसो रबादा (32 रन पर दो विकेट) की धारदार गेंदबाजी के सामने सिर्फ 34.1 ओवर में 131 रन पर ढेर हो गया जिससे दक्षिण अफ्रीका में पहली बार टेस्ट श्रृंखला जीतने का उसका सपना भी टूट गया.

भारत की ओर से विराट कोहली (82 गेंद में 76 रन, 12 चौके, एक छक्का) ही टिककर बल्लेबाजी कर पाए. वह आउट होने वाले अंतिम बल्लेबाज रहे. उनके अलावा शुभमन गिल (26) ही दोहरे अंक में पहुंच पाए. दक्षिण अफ्रीका ने इससे पहले सलामी बल्लेबाज एल्गर (287 गेंद में 185 रन, 28 चौके) और करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेलने वाले यानसन (147 गेंद में नाबाद 84, 11 चौके, एक छक्का) के बीच छठे विकेट की 111 रन की साझेदारी से पहली पारी में 408 रन बनाए. भारत ने पहली पारी में 245 रन बनाए थे. दूसरा टेस्ट तीन जनवरी से केपटाउन में खेला जाएगा.

पहली पारी की तरह दूसरी पारी में भी भारतीय बल्लेबाज दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाजों की गति, उछाल और मूवमेंट के सामने बेबस नजर आए. रबादा ने पारी के तीसरे ओवर में ही कप्तान रोहित शर्मा (00) को बोल्ड कर दिया. रोहित को गेंद के टप्पा खाकर अंदर आने की उम्मीद थी लेकिन यह बाहर की ओर मूव हो गई.

यशस्वी जायसवाल (05) संभवत: इतने अधिक उछाल वाली पिच पर इससे पहले कभी नहीं खेले थे. वह बर्गर की उछाल लेती गेंद को खेलने से बचने की कोशिश में विकेटकीपर काइल वेरिने को कैच दे बैठे. गेंद उनके ग्लव्स को चूमती हुई विकेटकीपर के दस्तानों में पहुंची. गिल ने कुछ अच्छे शॉट खेले लेकिन यानसन की सीधी गेंद को पूरी तरह से चूककर बोल्ड हो गए. कोहली अच्छी लय में नजर आए लेकिन दूसरे छोर से उन्हें साथ नहीं मिला. श्रेयस अय्यर (06) चाय के बाद दूसरे ही ओवर में यानसन की गेंद को विकेटों पर खेल गए.

कोहली ने गेराल्ड कोएट्जी की गेंद पर पारी का पहला छक्का जड़ा और फिर इस तेज गेंदबाज के अगले ओवर में दो चौके मारे.
पहली पारी में शतक जड़ने वाले लोकेश राहुल भी चार रन बनाने के बाद बर्गर की गेंद पर दूसरी स्लिप में ऐडन मार्कराम को कैच दे बैठे. अगली गेंद पर रविचंद्रन अश्विन (00) ने गली में डेविड बेडिंगहम को कैच थमाया जिससे भारत का स्कोर छह विकेट पर 96 रन हो गया. कोहली ने बर्गर पर चौके के साथ 61 गेंद में अर्धशतक पूरा किया. शारदुल ठाकुर दो रन बनाने के बाद रबादा की गेंद पर गली में बेडिंगहम को कैच दे बैठे.

जसप्रीत बुमराह (00) कोहली के साथ गलतफहमी का शिकार होकर रन आउट हुए जबकि बर्गर ने मोहम्मद सिराज (04) को विकेट के पीछे कैच कराया. रबादा ने यानसन की गेंद पर लांग ऑन पर कोहली का शानदार कैच लपकर दक्षिण अफ्रीका की जीत सुनिश्चित की.
इससे पहले एल्गर दोहरे शतक से चूक गए लेकिन यानसन के साथ मिलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया. एल्गर करियर के पहले दोहरे शतक की ओर बढ़ रहे थे लेकिन शारदुल (101 रन पर एक विकेट) की लेग साइड की बाउंसर पर प्रहार करने की कोशिश में विकेटकीपर राहुल को कैच दे बैठे. यानसन ने भारतीय गेंदबाजों का आसानी से सामना करते हुए अपने करियर का दूसरा अर्धशतक जड़ा.

सुबह के सत्र में भारतीय गेंदबाजों ने एक बार फिर निराश किया. शारदुल और प्रसिद्ध (93 रन पर एक विकेट) ने एक बार फिर दिशाहीन गेंदबाजी की जिसका फायदा उठाकर एल्गर और यानसन ने आसानी से रन बटोरे. इस जोड़ी ने पुल और कट के अलावा कई अच्छे ड्राइव भी लगाए. बुमराह (69 रन पर चार विकेट) और सिराज (91 रन पर दो विकेट) फिर दुर्भाग्यशाली रहे. इन दोनों ने सुबह के सत्र में बल्लेबाजों को परेशान किया लेकिन विकेट हासिल करने में नाकाम रहे.

प्रसिद्ध को अच्छी गति और उछाल मिल रही थी लेकिन दिशाहीन गेंदबाजी के कारण गेराल्ड कोएट्जी (19) को भी उनके खिलाफ बाउंड्री लगाने में परेशानी नहीं हुई. अश्विन (41 रन पर एक विकेट) ने कोएट्जी को मिड ऑफ पर सिराज के हाथों कैच कराके भारत को दिन की दूसरी सफलता दिलाई. इससे पहले यानसन ने सिराज पर लगातार दो चौकों के साथ 87 गेंद में अर्धशतक पूरा किया. बुमराह ने रबादा (01) और बर्गर (00) को बोल्ड करके दक्षिण अफ्रीका की पारी का अंत किया. कप्तान तेंबा बावुमा पैर में चोट के कारण बल्लेबाजी के लिए नहीं उतरे.

हम जीत के हकदार नहीं थे: रोहित शर्मा

भारत के कप्तान रोहित शर्मा को यह स्वीकार करने में कोई हिचकिचाहट नहीं है कि उनकी टीम दक्षिण अफ्रीका को चुनौती देने में सक्षम नहीं थी और उन्होंने पहले टेस्ट में पारी और 32 रन की शर्मनाक हार के लिए सामूहिक प्रयास की कमी को जिम्मेदार ठहराया. भारत ने बल्ले और गेंद दोनों से लचर प्रदर्शन किया. दक्षिण अफ्रीका को पहली पारी में 108.4 ओवर में 408 रन बनाने देने के बाद दूसरी पारी में भारतीय टीम 34.1 ओवर में 131 रन पर ढेर हो गई. मेहमान टीम ने पहली पारी में 245 रन बनाए थे.

रोहित ने मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान कहा, ”हम जीत के हकदार नहीं थे. (टॉस हारकर) बल्लेबाजी के लिए भेजे जाने के बाद लोकेश (राहुल) ने हमें उस स्कोर तक पहुंचाने के लिए अच्छी बल्लेबाजी की लेकिन फिर हम गेंद के साथ परिस्थितियों का फायदा नहीं उठा सके और फिर आज भी बल्ले से अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए.”

उन्होंने कहा, ”अगर हमें टेस्ट मैच जीतना है तो हमें सामूहिक रूप से योगदान देना होगा और हमने ऐसा नहीं किया. साथी खिलाड़ी पहले भी यहां खेल चुके हैं और हम जानते हैं कि क्या उम्मीद करनी है. हर किसी की अपनी योजना है.” भारतीय कप्तान ने कहा, ”हमारे बल्लेबाजों को चुनौती मिली और हम अच्छी तरह से सामंजस्य नहीं बैठा पाए. यह बाउंड्री से रन बनाने वाला मैदान है, हमने उन्हें कई बाउंड्री लगाते हुए देखा लेकिन हमें प्रतिद्वंद्वी और उनकी ताकत को भी समझने की जरूरत है. हमने दोनों पारियों में अच्छी बल्लेबाजी नहीं की, यही कारण है कि हम यहां खड़े हैं.” मैच तीन दिन के अंदर समाप्त होने से रोहित को काफी सकारात्मक चीजें नजर नहीं आती.

उन्होंने कहा, ”तीन दिन के भीतर मैच खत्म करने से बहुत अधिक सकारात्मक चीजें नहीं हैं लेकिन राहुल ने दिखाया कि हमें इस तरह की पिच पर क्या करने की जरूरत है.” राहुल ने पहली पारी में शतक लगाया था. अपनी आखिरी अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला खेलते हुए डीन एल्गर ने शानदार 185 रन बनाए. उन्होंने इसे ‘विशेष’ पारी करार दिया और टोनी डिजॉर्जी (28) तथा मार्को यानसन(84) के साथ अपनी साझेदारी पर बात की.

मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गए एल्गर ने कहा, ”काफी खास पारी. कभी-कभी हम जो करना चाहते हैं वह योजना के मुताबिक नहीं हो पाता लेकिन खुशी है कि आज यह काम कर गया. मुझे लगता है कि आपको चीजों को अच्छा और सरल बनाए रखने की जरूरत है, खेल पहले से ही काफी जटिल है.”

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