श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय ने जनता से मदद की अपील की, सुरक्षाकर्मियों की छुट्टियां रद्द कीं

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 08 May 2022 06:48 PM
श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय ने जनता से मदद की अपील की, सुरक्षाकर्मियों की छुट्टियां रद्द कीं
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कोलंबो. श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय ने जनता से देश में मौजूदा आर्थिक संकट और अशांति से ‘‘अत्यधिक बुद्धिमता और संयम’’ से निपटने में उसकी मदद करने की अपील की और साथ ही राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे द्वारा आपातकाल की घोषणा किये जाने के बाद सभी सुरक्षार्किमयों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गयी हैं.

राष्ट्रपति ने कैबिनेट की एक विशेष बैठक में शुक्रवार आधी रात से आपातकाल लागू होने की घोषणा की थी. महज एक महीने में यह दूसरा मौका है जब देश में आपातकाल घोषित किया गया है. राजपक्षे ने इससे पहले अपने निजी आवास के सामने लोगों के बड़े पैमाने पर प्रदर्शन के बाद एक अप्रैल को आपातकाल लगाने की घोषणा की थी. उन्होंने हालांकि, पांच अप्रैल को इसे हटा लिया था.
‘डेली मिरर’ अखबार की खबर के मुताबिक, श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को एलान किया कि आपातकाल की घोषणा के बाद सुरक्षाबलों के र्किमयों की छुट्टियां रद्द कर दी गयी हैं.

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सभी सैन्य र्किमयों को तत्काल प्रभाव से ड्यूटी पर आने के लिए कहा गया है. एक अलग बयान में मंत्रालय ने सभी नागरिकों से ‘‘देश में मौजूदा आर्थिक और सामाजिक संकट तथा अशांति से अत्यधिक बुद्धिमता और संयम के साथ निपटने में मदद करने’’ का अनुरोध किया.

बयान में कहा गया है, ‘‘हम सभी लोकतांत्रिक रूपरेखा के भीतर आंदोलनों और प्रदर्शनों को शांतिपूर्ण तरीके से करने के श्रीलंका के लोगों के लोकतांत्रिक अधिकार का सम्मान करते हैं.’’ मंत्रालय ने कहा, ‘‘खासतौर से पिछले कुछ दिनों में शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा संघर्ष का रुख बदल गया है और देश में लोगों का जनजीवन बाधित करने की कोशिश करते हुए लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन किया गया.’’

उसने कहा, ‘‘यह सच है कि हम प्रदर्शनों के कारण बहुत परेशान हैं और देश के विभिन्न हिस्सों में इस तरीके से हड़ताल की जा रही है जिससे उनकी दैनिक ंिजदगियों पर असर पड़ रहा है.’’ मंत्रालय ने कहा कि ऐसी खबरें हैं कि प्रदर्शनकारी देश में कानून एवं व्यवस्था का सम्मान किए बिना ‘‘डराने और धमकाने वाला’’ से बर्ताव कर रहे हैं और पुलिस तथा सुरक्षाबलों का कामकाज बाधित कर रहे हैं जो कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं. उसने कहा, ‘‘इस कारण देश के कानून का पालन करने वाले अधिकांश लोगों के लिए आवश्यक सेवाओं को बनाए रखना मुश्किल हो रहा है. यथास्थिति पर विचार करते हुए श्रीलंका में छह मई 2022 की आधी रात से आपातकाल की घोषणा की गयी है.’’

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