
कोलकाता. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष का मानना है कि तृणमूल कांग्रेस के शासन में पश्चिम बंगाल बेहद खतरनाक एवं नाजुक स्थिति में है तथा केंद्रीय एजेंसियों को इस सीमावर्ती राज्य में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए ‘र्सिजकल स्ट्राइक’ करने की जरूरत है.
‘पीटीआई-भाषा’ के साथ साक्षात्कार के दौरान घोष ने राज्य में वित्तीय घोटालों तथा आतंकी मॉड्यूल्स के बीच ‘गहरी साठगांठ’ पर चिंता जतायी तथा चुनाव के बाद केंद्रीय एजेंसियों की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान व्यक्त किया. उन्होंने कहा, ”सीमावर्ती राज्य पश्चिम बंगाल में न केवल बिगड़ती कानून व्यवस्था है बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए घातक घटनाएं भी हुयी हैं. बम बनाने वाली फैक्टियों और आतंकी मॉड्यूल्स का भंडाफोड़ होने से संकेत मिलता है कि बंगाल घुसपैठियों और राष्ट्रविरोधी तत्वों के लिए पनाहगाह बन गया है.” उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस की कथित तुष्टिकरण नीति के चलते सीमावर्ती क्षेत्रों में जनसांख्यिकी बदलाव आया है. उन्होंने दावा किया कि तृणमूल के शासन में राष्ट्रीय सुरक्षा दांव पर लग गयी है क्योंकि सत्तारूढ़ दल का राज्य के मामलों पर नियंत्रण नहीं है.
पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ” पश्चिम बंगाल में राष्ट्रविरोधी श्रृंखला है जिसमें न केवल आतंकी मॉड्यूल हैं बल्कि भ्रष्टाचार के कई मामले भी शामिल हैं.” घोष ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के शासन में संदेशखालि और भूपतिनगर जैसे कई क्षेत्र हैं जहां राष्ट्रविरोधी तत्वों को खुली छूट मिली हुई है. उन्होंने कहा, ” आज राज्य बेहद खतरनाक एवं नाजुक स्थिति में है तथा केंद्रीय एजेंसियों को इस सीमावर्ती राज्य में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए ‘र्सिजकल स्ट्राइक’ करने की जरूरत है.”
वर्ष 2019 में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ हुए प्रदर्शन के संबंध में पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष घोष ने कहा, ”सीएए के खिलाफ लुंगी पार्टी सड़कों पर उतर आयी थी तथा उसने बसों एवं सार्वजनिक संपत्ति को आग लगा दी. ये लोग बंगाल में इलाकों पर कब्जा कर रहे हैं तथा स्थानीय लोगों की नौकरियां तथा सरकारी सुविधाएं खाये जा रहे हैं.”



