
दावणगेरे (कर्नाटक). कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने विपक्षी दलों द्वारा रणदीप सिंह सुरजेवाला को ”सुपर सीएम” कहे जाने को महज आरोप करार देते हुए रविवार को कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव का प्रशासन में किसी भी तरह का हस्तक्षेप नहीं है. गृह मंत्री ने कहा कि विपक्ष की बातों में कोई सच्चाई नहीं है.
उन्होंने कहा कि पार्टी का प्रभारी महासचिव होने के नाते सुरजेवाला का राज्य का बार-बार दौरा करना स्वाभाविक है, क्योंकि उन्हें यह निगरानी रखनी होती है कि कांग्रेस सरकार चुनावों से पहले अपने घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा कर रही है या नहीं. सुरजेवाला ने हाल में सत्तारूढ़ पार्टी के विधायकों और मंत्रियों के साथ कई बैठकें कीं, जिसको लेकर विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (सेक्युलर) ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्हें ”सुपर सीएम” करार दिया. विपक्ष ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस आलाकमान का मुख्यमंत्री सिद्धरमैया से पूरा भरोसा उठ गया है और कर्नाटक में ”रणदीप राज” लागू कर दिया है.
सुरजेवाला को ”सुपर सीएम” कहने की विपक्ष की आलोचना के संबंध में एक सवाल के जवाब में परमेश्वर ने कहा, ”ये सिर्फ आरोप हैं. इनमें कोई सच्चाई नहीं है. सुरजेवाला हमारी पार्टी के प्रभारी महासचिव हैं. उन्हें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने नियुक्त किया है. इसमें कुछ भी नया नहीं है. वे चुनाव से पहले भी थे और अब भी हैं.” उन्होंने कहा, ”स्वाभाविक रूप से, वह यह देखने के लिए राज्य का दौरा करते रहते हैं कि क्या सरकार चुनाव से पहले पार्टी द्वारा घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा कर रही है.” परमेश्वर ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में स्पष्ट किया कि सुरजेवाला ने न तो किसी अधिकारी को बैठक के लिए बुलाया है और न ही उन्हें कोई निर्देश दिया है, उनका प्रशासन में कोई हस्तक्षेप नहीं है.
उन्होंने कहा, ”भाजपा और जद(एस) जानबूझकर अनावश्यक आरोप लगा रहे हैं और इसमें कोई सच्चाई नहीं है.” सुरजेवाला पर राज्य सरकार के कुछ अधिकारियों के साथ बैठकें करने के आरोप लगाए गए हैं, लेकिन मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने इन आरोपों का खंडन किया है.
एक सवाल के जवाब में परमेश्वर ने कहा कि सुरजेवाला का विधायकों और मंत्रियों के साथ बैठकें करना कांग्रेस पार्टी का आंतरिक मामला है. उन्होंने कहा, ”भाजपा का इससे क्या लेना-देना है? क्या उनके पार्टी महासचिव राज्य का दौरा नहीं करते और भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें नहीं करते? इसी तरह, हमारे महासचिव भी आते हैं. हमारी पार्टी को यह देखना होगा कि हम जनता से किए गए वादे पूरे कर रहे हैं या नहीं.”



