नवभारत ब्यूरो
छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध महिला उद्यमियों का मानना है कि पुरुष सीईओ पहले दिन से बॉस बन जाते हैं मगर महिलाओं को साबित करना पड़ता है कि वे बॉस हैं। हालांकि महिलाएं परिवार और उद्यम दोनों की जिम्मेदारी संभालती हैं इसलिए परिवार के साथ बेहतर रिश्ते जरूरी हैं तो बदलती शिक्षा और नई स्किल किसी भी कारोबार की सफलता के लिए बेहद आवश्यक है, असली खुशी इसी में है। ‘नवभारत सुरुचि बलब के ‘इनसाइट टॉक’ में महिला उद्यमियों, डॉक्टर, वकील और प्रोफेशनल्स ने कारोबार से लेकर परिवार, शिक्षा और बदलते सामाजिक नजरिये पर खुलकर बात की। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रहीं नवभारत पत्र समूह की डायरेक्टर यश्वी माहेश्वरी. प्रसिद्ध महिला उद्यमी रश्मि अग्रवाल, प्रेरणा भट्ट, मनीषा अग्रवाल, रश्मि अग्रवाल, मधु अरोरा, डॉ प्रिया जोशी, संजना बघेल और कविता देव ने अपने जीवन के अनुभव और कारोबारी सफलता को साझा किया।
बाजार में तेजी से बढ़ी है प्रतिस्पर्धा : अपूर्वा त्रिपाठी , बोटानिकल, और एडवोकेट फाउंडर
“हमारे क्षेत्र में महिला कारोबारी अभी भी कम हैं। एक महिला के रूप में उनको काम करने में कभी दिक्कत सचे को लेकर लेकर अपूर्ण का कह है कि इसमें बदलाव की जरूरत है। विदेशों में पुरुष और महिलाएं सभी समान रूप से जिम्मेदधी निभाते हैं। नजरिये में बदलाव की जरूरत है। जैविक खेती, किसानों के लिए काम करने काली और जमीन से जुड़ी अपूर्ण करती है कि एग्रीकल्चर में भी किताबी ज्ञान और हकीकत में करकी अंतर है। आयुर्वेदिक दवाओं और हां के उनके कारोबार में बहुत प्रतिस्पर्धा है, लेकिन बेहतर क्वालिटी उनको भीड़ से अलग कर देती है।”

