
नई दिल्ली: तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद द्रमुक अध्यक्ष एमके स्टालिन ने मंगलवार को मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा दे दिया है। पार्टी सूत्रों ने जानकारी दी है कि उनका इस्तीफा पत्र राज्य के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर के कार्यालय को भेज दिया गया है। गौरतलब है कि 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में अभिनेता विजय के नेतृत्व वाली पार्टी टीवीके (TVK) ने सत्ताधारी द्रमुक को करारी शिकस्त दी है। इसी हार के बाद स्टालिन ने सत्ता छोड़ने का यह बड़ा कदम उठाया है, जिससे राज्य में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद एमके स्टालिन ने राज्य की जनता का दिल से आभार जताया है। सत्ता हाथ से जाने के बावजूद स्टालिन ने चुनाव नतीजों को स्वीकार करते हुए द्रमुक गठबंधन का साथ देने वाले सभी मतदाताओं को धन्यवाद दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि भले ही उनकी पार्टी चुनाव हार गई है, लेकिन जनता द्वारा दिया गया एक-एक वोट उनके लिए भरोसे का एक अनमोल प्रतीक है।
सोशल मीडया पर क्या बोले स्टालिन
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए स्टालिन ने जनता के सामने कुछ अहम आंकड़े रखे। उन्होंने बताया कि इस चुनाव में द्रमुक गठबंधन को कुल 1 करोड़ 54 लाख 82 हजार 782 वोट मिले हैं। स्टालिन ने कहा कि जीतने वाली पार्टी और द्रमुक के बीच वोटों का फासला बहुत ज्यादा नहीं है। जीतने वाली पार्टी को द्रमुक से सिर्फ 17.43 लाख वोट ही ज्यादा मिले हैं, जो कि कुल वोटों के प्रतिशत में मात्र 3.52 प्रतिशत का मामूली अंतर है।
विपक्ष की भूमिका निभाेगा द्रमुक
इस सवाल का जवाब देते हुए स्टालिन ने अपने कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया और कहा कि द्रमुक छह बार सत्ता में रह चुकी है। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई जीत या हार नहीं है जिसका सामना पार्टी ने नहीं किया हो। स्टालिन ने एलान किया कि अगर वे सत्ता में होते तो जनता के लिए योजनाएं बनाते, लेकिन अब विपक्ष में हैं, तो लोगों की मांगों के लिए पूरी ताकत से लड़ेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि द्रमुक एक मजबूत विपक्षी दल के रूप में जनता के हकों की राजनीति पूरी ईमानदारी से जारी रखेगी।
टीवीके ने किया बड़ा उलटफेर?
इस बार के विधानसभा चुनाव नतीजों ने पूरे राज्य को चौंका दिया है। अपने पहले ही चुनाव में टीवीके (TVK) ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 234 सदस्यों वाली विधानसभा में 107 सीटें जीत ली हैं। हालांकि, यह पार्टी बहुमत के आंकड़े से 11 सीट पीछे रह गई है। वहीं, द्रमुक केवल 59 सीटों पर सिमट गई है। अब सरकार बनाने के लिए टीवीके द्वारा कांग्रेस, वामपंथी दलों, माकपा और वीसीके जैसे छोटे दलों से समर्थन मांगने की उम्मीद है।
विधानसभा चनाव में स्टालिन कहां?
इस चुनाव का सबसे बड़ा और हैरान करने वाला नतीजा खुद द्रमुक प्रमुख एमके स्टालिन की सीट पर देखने को मिला है। कोलाथुर विधानसभा सीट पर स्टालिन को टीवीके के उम्मीदवार वीएस बाबू ने 8,795 वोटों से हरा दिया है। वोट शेयर के मामले में भी टीवीके 32 प्रतिशत से अधिक वोट लेकर सबसे आगे रही। वहीं, द्रमुक को 24.19 प्रतिशत और अन्नाद्रमुक को 21.22 प्रतिशत वोट मिले हैं, जो इन दोनों प्रमुख पार्टियों की बड़ी गिरावट को दर्शाता है।



