तमिलनाडु सरकार का सख्त एक्शन, 155 खदानों में गड़बड़ी मिलने के बाद ड्रोन से निगरानी की तैयारी

Author: Nandkishoryadav
UPDATED: Thu, 04 Jun 2026 01:23 PM
तमिलनाडु सरकार का सख्त एक्शन, 155 खदानों में गड़बड़ी मिलने के बाद ड्रोन से निगरानी की तैयारी
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तमिलनाडु: तमिलनाडु के भूविज्ञान और खनन विभाग ने राज्यभर में खदानों की निगरानी के लिए उन्नत तकनीक से लैस ड्रोन का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। हाल ही में किए गए निरीक्षण अभियान में बड़ी संख्या में नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया।

नियमों के उल्लंघन पर लगाम लगाने के लिए अभियान शुर
यह फैसला पिछले सप्ताह प्राकृतिक संसाधन विभाग की ओर से किए गए औचक निरीक्षणों के बाद लिया गया। इन निरीक्षणों में राज्य के अलग-अलग जिलों की 155 खदानों में अनियमितताएं पाई गईं।अधिकारियों का कहना है कि ड्रोन आधारित निगरानी से अवैध खनन पर रोक लगाने और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। प्राकृतिक संसाधन मंत्री टी.के. प्रभु ने खुद तेनकासी, कन्याकुमारी, विरुधुनगर और मदुरै जिलों की खदानों का निरीक्षण किया। यह अभियान खनन क्षेत्र में नियमों के उल्लंघन पर लगाम लगाने के लिए चलाया गया था। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने खदानों में चल रहे कार्यों, लीज की शर्तों और नियमों के पालन की जांच की।

सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, अभियान के दौरान कुल 431 खदानों का निरीक्षण किया गया। इनमें से 155 खदानों में विभिन्न नियमों और संचालन संबंधी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन पाया गया। जांच के बाद मंत्री ने नियमों का उल्लंघन करने वाली सभी खदानों में खनन गतिविधियां तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश दिए। अधिकारियों के मुताबिक, उल्लंघनों में लीज की शर्तों का पालन न करना, तय सीमा से अधिक खनन करना और अन्य नियामकीय अनियमितताएं शामिल हैं।

आगे की कार्रवाई भी शुरू
विभाग ने निलंबित खदान संचालकों के खिलाफ आगे की कार्रवाई भी शुरू कर दी है। क्योंकि अवैध खनन जारी न रह सके और प्रभावित क्षेत्रों से खनिजों का अवैध परिवहन रोका जा सके। तकनीकी सुधार के तहत अब विभाग ने सभी लीज पर संचालित खदानों का नियमित निरीक्षण ड्रोन के जरिए करने का निर्णय लिया है। यह ड्रोन अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली से लैस होंगे और खुदाई की गतिविधियों पर नजर रखने, स्वीकृत खनन सीमा का पालन सुनिश्चित करने तथा अवैध गतिविधियों की पहचान करने में मदद करेंगे।

अधिकारियों ने बताया कि राज्यभर में ड्रोन के जरिए निरीक्षण किए जाएंगे और इसके लिए खदान पट्टाधारकों को पहले से सूचना दी जाएगी। इस तकनीक से सटीक हवाई तस्वीरें और रियल-टाइम डाटा मिलेगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और नियमों के उल्लंघन का जल्द पता लगाया जा सकेगा। सरकार का मानना है कि उन्नत निगरानी तकनीक के इस्तेमाल से खनन क्षेत्र में नियंत्रण मजबूत होगा। अवैध खनन पर रोक लगेगा और प्राकृतिक संसाधनों की बेहतर सुरक्षा हो सकेगी।

हालिया कार्रवाई और ड्रोन निगरानी लागू करने का फैसला यह संकेत देता है कि राज्य सरकार खदानों में नियमों के उल्लंघन के खिलाफ सख्त रुख अपनाने जा रही है। अधिकारियों ने कहा है कि आने वाले महीनों में भी निरीक्षण और प्रवर्तन कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि तमिलनाडु में खनन कार्य कानूनी, पारदर्शी और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से संचालित हो सके।

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