तमिलनाडु के राज्यपाल को संवैधानिक पद का दुरुपयोग बंद करना चाहिए: मणिकम टैगोर

Author: navabharat digital
UPDATED: Tue, 20 Jan 2026 03:12 PM
तमिलनाडु के राज्यपाल को संवैधानिक पद का दुरुपयोग बंद करना चाहिए: मणिकम टैगोर
ऑडियो सुनें

नयी दिल्ली: कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने तमिलनाडु के राज्यपाल आर. एन. रवि द्वारा विधानसभा में अपना परंपरागत अभिभाषण दिए बिना ही सदन से बाहर चले जाने पर मंगलवार को कहा कि राज्य अपने लोकतांत्रिक संस्थानों के क्षरण को स्वीकार नहीं करेगा और राज्यपाल को संवैधानिक पद का “दुरुपयोग” बंद करना चाहिए।

तमिलनाडु के राज्यपाल रवि, वर्ष के पहले सत्र में विधानसभा को संबोधित करने के बजाय सदन से यह कहते हुए बाहर चले गए कि द्रमुक सरकार द्वारा तैयार किए गए अभिभाषण के पाठ में कई “विसंगतियां” हैं। मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने परंपरा और मर्यादा के उल्लंघन का हवाला देते हुए राज्यपाल के इस कदम की कड़ी आलोचना की और बाद में एक प्रस्ताव पेश किया गया जिसमें कहा गया कि अभिभाषण का अंग्रेज़ी संस्करण पढ़ा हुआ माना जाएगा।

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद टैगोर ने कहा, “राज्यपाल रवि बार-बार भारत के संविधान का पालन करने से इनकार क्यों करते हैं? एक बार फिर उन्होंने तमिलनाडु विधानसभा — जो जनता द्वारा चुनी गई एक लोकतांत्रिक संस्था है — का अपमान और उसे कमजोर करने वाला आचरण किया है।” उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि संविधान स्पष्ट है कि राज्यपाल एक संवैधानिक प्रमुख होते हैं, कोई समानांतर सत्ता नहीं।

टैगोर ने कहा, “उन्हें निर्वाचित राज्य सरकार की सहायता और सलाह पर ही कार्य करना चाहिए (अनुच्छेद 163)। व्यक्तिगत विचार पढ़ना, विधानसभा के अभिभाषण में मनमाने ढंग से बदलाव करना या मंजूरी अनिश्चितकाल तक रोकना — यह संवैधानिक विवेक नहीं बल्कि संवैधानिक अवज्ञा है।” कांग्रेस नेता ने कहा, “सदन का अपमान किसी एक पार्टी का अपमान नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र और संघीय व्यवस्था का अपमान है।”

उन्होंने कहा, “उच्चतम न्यायालय के फैसले (एस. आर. बोम्मई, नबाम रेबिया) से स्पष्ट है कि राज्यपालों को निष्पक्षता, संयम और संवैधानिक नैतिकता के साथ कार्य करना चाहिए, न कि केंद्र के राजनीतिक एजेंट की तरह।” टैगोर ने इस बात पर जोर दिया कि तमिलनाडु अपने लोकतांत्रिक संस्थानों के क्षरण को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा, “राज्यपाल को या तो संविधान का पालन करना चाहिए या फिर टकराव पैदा करने के लिए संवैधानिक पद का दुरुपयोग करना बंद करना चाहिए।”

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By navabharat digital