
चेन्नई/तिरुवनंतपुरम. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन, अन्नाद्रमुक के महासचिव एडप्पाडी के पलानीस्वामी और अन्य नेताओं ने रॉकेट वैज्ञानिक वी नारायणन को अंतरिक्ष विभाग का सचिव और इसरो का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर बुधवार को बधाई दी और इस बात पर खुशी जताई कि वह दक्षिणी राज्य से ताल्लुक रखते हैं. स्टालिन ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि राज्य से ताल्लुक रखने वाले नारायणन को शीर्ष पद पर नियुक्त किया गया है. साथ ही उन्होंने वैज्ञानिक को हार्दिक बधाई भी दी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले के मूल निवासी नारायणन ने सरकारी स्कूल में शिक्षा प्राप्त की और इसरो से उन्होंने अपनी यात्रा शुरू की तथा ”नेतृत्व की भूमिका तक पहुंचने में उनके उत्साह और कड़ी मेहनत की प्रशंसा की जानी चाहिए”.
उन्होंने कहा, ” इसरो निश्चित रूप से नारायणन के नेतृत्व में नई ऊंचाइयों को छुएगा, जिन्होंने देश को वैश्विक स्तर पर ख्याति दिलाने वाले मिशनों – चंद्रयान 2, चंद्रयान 3, आदित्य एल 1, गगनयान में योगदान दिया है और कई अंतरिक्ष कार्यक्रमों में योगदान देना जारी रखा है. नारायणन की यात्रा तमिलनाडु के छात्रों को प्रेरित करेगी.”
राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता पलानीस्वामी ने नारायणन को बधाई दी. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ” राष्ट्र के अंतरिक्ष अनुसंधान में सर्वोच्च पद पर वी नारायणन की नियुक्ति वास्तव में हमारे राज्य के लिए बहुत गर्व की बात है. आपके नेतृत्व में इसरो को और भी अधिक सफलता और गौरव प्राप्त हो.” पट्टाली मक्कल काचि (पीएमके) के अध्यक्ष डॉ. अंबुमणि रामदास और एएमएमके के नेता टीटीवी दिनाकरन ने भी नारायणन को शुभकामनाएं दीं. नारायणन इसरो में एक प्रख्यात वैज्ञानिक हैं और उन्हें लगभग चार दशकों का अनुभव है. उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष संगठन में विभिन्न प्रमुख पदों पर कार्य किया है.
इसरो के पास आगे बड़े मिशन हैं: नवनियुक्त अध्यक्ष वी नारायणन
प्रख्यात रॉकेट वैज्ञानिक एवं भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के नवनियुक्त अध्यक्ष वी नारायणन ने बुधवार को कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी एक सफल दौर से गुजर रही है और उसके पास चंद्रयान-4 तथा गगनयान जैसे मिशन हैं. अंतरिक्ष विभाग के सचिव और इसरो के अध्यक्ष के रूप में अपने नए कार्यकाल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए नारायणन ने कहा कि इस उत्कृष्ट संस्था का हिस्सा बनने पर वह खुद को सौभाग्यशाली मानते हैं.
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ” यह एक महान संस्था है. कई श्रेष्ठ लोगों ने इसका नेतृत्व (अतीत में) किया है. मैं इसका हिस्सा बनना सौभाग्य मानता हूं.” एक प्रश्न के उत्तर में नारायणन ने कहा कि इस नई नियुक्ति के बारे में जानकारी सबसे पहले प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने उन्हें दी थी.
उन्होंने कहा, ” प्रधानमंत्री सब कुछ तय कर रहे हैं. पीएमओ ने संपर्क किया. मौजूदा अध्यक्ष एस सोमनाथ ने भी फोन कर नई नियुक्ति के बारे में जानकारी दी.” इसरो की आगामी परियोजनाओं के बारे में पूछे जाने पर नवनियुक्त अध्यक्ष ने कहा कि यह वह समय है जब अंतरिक्ष एजेंसी महत्वपूर्ण मिशनों पर काम कर रही है.
उन्होंने कहा, ” जैसा कि सभी जानते हैं, यह वह समय है जब इसरो सफलता के सोपान चढ. रहा है.” आगामी परियोजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए नारायणन ने कहा कि इसरो ने 30 दिसंबर को ‘स्पेस डॉकिंग एक्सपेरीमेंट’ (स्पाडेक्स) मिशन की शुरुआत की थी और ‘स्पाडेक्स’ उपग्रहों का डॉकिंग प्रयोग नौ जनवरी को किया जाएगा.



