तेदेपा प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में

नायडू की न्यायिक हिरासत के बाद पार्टी ने सोमवार को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया

विजयवाड़ा/अमरावती. आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा की एक स्थानीय अदालत ने करोड़ों रुपये के कथित भ्रष्टाचार घोटाले में तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू को रविवार को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. सीआईडी के दल ने आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री को शनिवार सुबह करीब छह बजे नंदयाल शहर के ज्ञानपुरम स्थित आर के फंक्शन हॉल के बाहर से कौशल विकास निगम घोटाला मामले में गिरफ्तार किया था. नायडू को उस समय गिरफ्तार किया गया था, जब वह सभी सुविधाओं से लैस अपनी बस में सो रहे थे.

चंद्रबाबू की गिरफ्तारी के लगभग 36 घंटे बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की एक अदालत ने रविवार शाम करीब छह बजकर 50 मिनट पर रिमांड आदेश जारी किया. आंध्र प्रदेश के अतिरिक्त महाधिवक्ता पी. सुधाकर रेड्डी ने पीटीआई-भाषा को बताया, ”यह 370 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का स्पष्ट मामला है. अदालत ने हमारी दलीलें स्वीकार कीं.” आंध्र प्रदेश के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के प्रमुख एन. संजय ने शनिवार को कहा था कि नायडू को कौशल विकास निगम में धन के कथित दुरुपयोग से जुड़े धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया है, जिससे राज्य सरकार को 300 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. नायडू को राजामहेंद्रवरम केंद्रीय जेल में रखे जाने की संभावना है, जो विजयवाड़ा से लगभग 200 किलोमीटर दूर है. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें आज वहां ले जाया जाएगा या नहीं.

तेदेपा प्रमुख की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थन में कई आवाजें उठीं

तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के प्रमुख और आंध्रप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की करोड़ों रुपये के कथित घोटाला मामले में गिरफ्तारी के बीच कई लोगों ने उनके पक्ष में आवाज उठायी है तथा उनकी गिरफ्तारी को अवैध बताया है. उनके पक्ष में आवाज उठाने वालों में कुछ विदेशी भी हैं. वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी जोहो के प्रमुख कार्यकारी श्रीधर वेंबू ने रविवार को नायडू की गिरफ्तारी पर आश्चर्य प्रकट किया.

वेंबू ने ‘एक्स’पर पोस्ट किया, ” मैं यह खबर पढ़कर स्तब्ध रह गया कि नायडू जी को कल गिरफ्तार कर लिया गया. मैं उन्हें जानता हूं तथा उन्होंने जोहो समेत कई कंपनियों को आंध्रप्रदेश में लाने के लिए कठिन परिश्रम किया. मैं आशा करता हूं कि इंसाफ होगा.” इस बीच प्रकाशम जिले के कानगिरि में नायडू की गिरफ्तारी के विरोध में आज एक दिन के उपवास पर बैठने आये तेदेपा समर्थकों को पुलिस ने वहां से भगा दिया. एक पार्टी पदाधिकारी ने यह जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि तिरूपति के श्रीकलाहस्ती और पूर्व गोदावरी जिले के कोव्वुरू में पुलिस ने इस तरह के प्रदर्शनों को नाकाम कर दिया.
उससे पहले तेदेपा ने लंदन में ब्रिटिश संसद के सामने महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास अपने विदेशी समर्थकों द्वारा विरोध प्रदर्शन किये जाने के कुछ वीडियो साझा किये. फिलहाल आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगनमोहन रेड्डी दस दिनों की निजी यात्रा पर लंदन में हैं तथा वह सोमवार को आंध्रप्रदेश लौट सकते हैं.

इस बीच, वाईएसआरसीपी के नेता और राज्यसभा सदस्य वी विजयसाई रेड्डी ने सवाल किया कि नायडू को कथित घोटालों में उनकी भूमिका को लेकर गिरफ्तार क्यों नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि तेदेपा प्रमुख कई अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार हैं जिनमें एपी-सीआरडीए घोटाला, एपी-फाइबरनेट घोटाला, एपी स्किल डेवलपमेंट घोटाला, अमरावती जमीन घोटाला, ईएसआई चिकित्सा खरीद घोटाला और 2016 में वोट के बदले नकद घोटाला आदि शामिल हैं.

अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) ने रविवार को कड़ी सुरक्षा के बीच नायडू को विजयवाड़ा में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो अदालत में पेश किया. विभाग ने ही उन्हें करोड़ों रुपये के कौशल विकास निगम घोटाले में उनकी कथित भूमिका को लेकर गिरफ्तार किया था.
उच्चतम न्यायालय के वकील सिद्धार्थ लूथरा की अगुवाई में नायडू के वकीलों की एक टीम तथा सीआईडी वकीलों के बीच अदालत में करीब सात घंटे बहस चली है . अब फैसले की प्रतीक्षा है. नायडू को शनिवार को नंदयाला में तड़के उस समय गिरफ्तार किया था जब वह सो रहे थे.

पूछताछ के दौरान नायडू ने सहयोग नहीं किया : आंध्र प्रदेश पुलिस

अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने कहा है कि कथित कौशल विकास निगम घोटाला मामले में गिरफ्तार तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू ने पूछताछ के दौरान सहयोग नहीं किया और प्रश्नों के अस्पष्ट उत्तर देते हुए कहा कि उन्हें कुछ बातें याद नहीं हैं.

नायडू को भ्रष्टाचार के कथित मामले में गिरफ्तार किए जाने के एक दिन बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रविवार सुबह यहां भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की एक अदालत के समक्ष पेश किया गया. आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री नायडू की न्यायिक हिरासत की मांग करते हुए रिमांड रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिकारियों ने आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री को नंदयाल से विजयवाड़ा ले जाने के लिए एक हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की थी, लेकिन विपक्ष के नेता ने इसका इस्तेमाल करने से इनकार कर दिया.

रिपोर्ट में कहा गया है कि कार्यकर्ताओं ने काफिले को कई बार रोका, जो उनके द्वारा अपने पद के दम पर कानून प्रवर्तन अधिकारियों को डराए जाने का एक संकेत है. इसमें कहा गया है, ”नायडू से उन नोट फाइल के आधार पर प्रश्न पूछे गए, जो इस ‘केस डायरी’ से जुड़े साक्ष्य का हिस्सा हैं, लेकिन उन्होंने सवालों का जवाब देते समय सहयोग नहीं किया और अस्पष्ट रूप से उत्तर दिया कि उन्हें तथ्य याद नहीं हैं. इस संबंध में, मध्यस्थों की उपस्थिति में रिपोर्ट तैयार की गई और उनके (नायडू) द्वारा विधिवत सत्यापित की गई.” सीआईडी की रिपोर्ट में कहा गया है कि सीआईडी कार्यालय लाए जाने के बाद नायडू से अपराधों में उनकी भूमिका के बारे में मध्यस्थों की उपस्थिति में पूछताछ की गई.

रिपोर्ट के अनुसार, कानूनी सलाहकार से परामर्श करने, अपने परिवार के सदस्यों से मिलने और भोजन एवं जलपान करने के लिए उन्हें उनके अनुरोध के अनुसार पूछताछ से अल्पकालिक विश्राम दिया गया. इसमें कहा गया है कि तेदेपा प्रमुख के भागने का खतरा नहीं है.
सीआईडी ने आरोप लगाया कि चंद्रबाबू नायडू और तेलुगु देशम पार्टी कथित अवैध धन के लाभार्थी थे. अदालत में दाखिल रिमांड रिपोर्ट के अनुसार, नायडू को आरोपी 37 (ए 37) के रूप में नामजद किया गया है. सीआईडी ने मामले में पूर्व सरकारी कर्मचारियों जी सुब्बा राव और के लक्ष्मीनारायण को क्रमश? ए1 और ए2 के रूप में नामजद किया है.

सीआईडी के दल ने आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री को शनिवार सुबह करीब छह बजे नंदयाल शहर के ज्ञानपुरम स्थित आर के फंक्शन हॉल के बाहर से गिरफ्तार किया था. नायडू को उस समय गिरफ्तार किया गया था, जब वह सभी सुविधाओं से लैस अपनी बस में सो रहे थे.

आंध्र प्रदेश पुलिस ने कथित कौशल विकास निगम घोटाले में नायडू को शनिवार को ‘मुख्य षड्यंत्रकारी’ बताया था. ऐसा आरोप है कि इस कथित घोटाले से राज्य सरकार को 300 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. सीआईडी प्रमुख एन संजय ने कहा था कि नायडू इस मामले के ‘मुख्य षड्यंत्रकारी’ थे.

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