
हैदराबाद. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के नेतृत्व वाली तेलंगाना सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश के लोग बदलाव चाहते हैं, क्योंकि उन्हें झूठे वादों की नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस काम की जरूरत है.
मोदी ने यहां महबूबनगर जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए दावा किया कि भाजपा, तेलंगाना के लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है.
उन्होंने कहा, ”मैं आश्वस्त हूं कि तेलंगाना के लोगों ने बदलाव का अपना इरादा पक्का कर लिया है. तेलंगाना बदलाव चाहता है, क्योंकि आप राज्य में भ्रष्टाचार नहीं, पारदर्शी व ईमानदार सरकार चाहते हैं. तेलंगाना बदलाव चाहता है, क्योंकि अब उसे झूठे वादे नहीं, जमीन पर काम चाहिए और भाजपा सरकार चाहिए.” प्रधानमंत्री ने उत्साहित भीड़ से कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन’ विधेयक हाल ही में पारित किया गया है और अब महिलाओं की आवाज को न केवल संसद में, बल्कि हर राज्य विधानसभा में पहले से अधिक मजबूत किया जाएगा.
महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों व विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि तेलंगाना की बहनें जानती हैं कि उनका एक भाई दिल्ली में है, जो निरंतर उनका जीवन बेहतर करने के प्रयास में ‘जी-जान’ से जुटा है.
मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली तेलंगाना सरकार पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने केंद्र की योजनाओं को ‘अपनी काली कमाई का जरिया बना’ लिया है.
उन्होंने कहा, ”तेलंगाना में सिंचाई परियोजनाओं के नाम पर सिर्फ और सिर्फ भ्रष्टाचार हुआ है.” उन्होंने भीड़ से सवाल किया, ”क्या आपने सुना है कि किसी सिंचाई परियोजना का उद्घाटन हो गया, लेकिन उससे किसानों को पानी नहीं मिल रहा है?” उन्होंने कहा कि ऐसा तेलंगाना में हो रहा है और यहां के किसान यह सब देख रहे हैं.
प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार पर किसानों से किए वादों से भी मुकरने का आरोप लगाया और दावा किया कि इन ‘खोखले वादों’ की वजह से कई किसानों को अपनी जान देनी पड़ी, क्योंकि राज्य सरकार ने उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया. उन्होंने कहा, ”तेलंगाना में हमारी सरकार नहीं है, फिर भी हमने यहां के किसानों की मदद करने का भरपूर प्रयास किया.” उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने वर्षों से बंद पड़े रामागुंडम उर्वरक संयंत्र को फिर से शुरू किया, ताकि किसानों को इसका फायदा मिले.
इस क्रम में प्रधानमंत्री ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना का भी उल्लेख किया और कहा कि इसके तहत तेलंगाना के किसानों को करीब 10,000 करोड़ रुपये सीधे बैंक खाते में दिए गए हैं. बड़ी संख्या में मौजूद लोगों की भीड़ की ओर इशारा करते हुए मोदी ने कहा, ”आपने तो कांग्रेस और बीआरएस दोनों की नींद हराम कर दी है.” प्रधानमंत्री ने कहा कि आज ही उन्होंने तेलंगाना में केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय स्थापित किए जाने की घोषणा की है.
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इसके लिए जमीन देने के काम को 5 साल तक टालती रही, जो यह दिखाता है कि बीआरएस सरकार को आदिवासी हितों और आदिवासी गौरव की कोई परवाह नहीं है. प्रधानमंत्री ने यह आरोप भी लगाया कि तेलंगाना सरकार के ‘कार की स्टेयरिंग’ दो परिवारवादी पार्टियों के पास है, जिनकी पहचान भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी है.
उन्होंने कहा, ”इन दोनों पार्टियों का एक ही फार्मूला है. परिवार की पार्टी, परिवार द्वारा संचालित पार्टी और परिवार के लिए पार्टी. ये लोग प्रजातंत्र को परिवारतंत्र बना रहे हैं. यह एक राजनीतिक दल को प्राइवेट लिमिटेड लिमिटेड कंपनी बनाकर चलाते हैं.” उन्होंने कहा कि इस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में प्रेसिडेंट भी परिवार का, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) भी परिवार का और निदेशक से लेकर प्रबंधक और कोषाध्यक्ष के पदों पर भी परिवार का ही सदस्य होता है और ‘सहयोगी कर्मचारी’ के रूप में कुछ बाहरी लोगों को ‘दिखावे’ के लिए जरूर रख लिया जाता है.
उन्होंने कहा, ”ये परिवारवादी पार्टियां अपने परिवार का ही भला करने में जुटी हैं. लेकिन भाजपा को देश के सामान्य नागरिक के परिवार की चिंता है. हमारा ध्यान आपके परिवार को बेहतर जीवन और बेहतर अवसर देने पर है.” प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा पर तेलंगाना के लोगों का समर्थन और विश्वास लगातार बढ.ता जा रहा है यहां के युवाओं, महिलाओं और किसानों को सिर्फ ‘मोदी की गारंटी’ पर भरोसा है.
उन्होंने कहा, ”क्योंकि मोदी जो गारंटी देता है, वह पूरी करके रहता है. तेलंगाना के लोग भी यही चाहते हैं कि उनसे किए गए सभी वादे पूरे हों. हमें मिलकर तेलंगाना को प्रगति के नए रास्ते पर लेकर जाना है.” इस रैली को संबोधित करने से पहले मोदी ने राज्य में 13,500 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. ज्ञात हो कि तेलंगाना में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं.
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड के गठन, तेलंगाना में केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय खोले जाने की घोषणा की
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को तेलंगाना में 13,500 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं को राष्ट्र को सर्मिपत किया और कुछ महत्वपूर्ण योजनाओं की आधारशिला रखी. इस मौके पर उन्होंने राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड के गठन और राज्य में एक केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय खोले जाने की घोषणा की.
महबूबनगर जिले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विभिन्न परियोजनाओं के उद्घाटन व शिलान्यास के बाद अपने संबोधन में मोदी ने इनसे पूरे क्षेत्र में पर्यटन का विकास होगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे. उन्होंने कहा, ”केंद्र सरकार ने हल्दी किसानों के लाभ के लिए एक राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड स्थापित करने का फैसला किया है. यह बोर्ड किसानों की मदद करेगा.” प्रधानमंत्री ने इसके साथ ही तेलंगाना के मुलुगु जिले में 900 करोड़ रुपये की लागत से एक केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना किए जाने की घोषणा की.
उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय का नाम समक्का सरक्का केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय रखा जाएगा. कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने नागपुर-विजयवाड़ा आर्थिक गलियारे से संबंधित महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखी, भारतमाला परियोजना के तहत विकसित हैदराबाद-विशाखापत्तनम गलियारे से संबंधित सड़क परियोजना का लोकार्पण किया, प्रमुख तेल और गैस पाइपलाइन परियोजनाओं की आधारशिला रखी और राष्ट्र को सर्मिपत की और साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हैदराबाद (काचीगुडा)-रायचूर ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.
प्रधानमंत्री ने जिन प्रमुख सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखी, उनमें 108 किलोमीटर लंबा ‘वारंगल से राष्ट्रीय राजमार्ग-163जी के खम्मम खंड तक फोर लेन एक्सेस नियंत्रित ग्रीनफील्ड राजमार्ग’ और 90 किमी लंबा ‘फोर लेन एक्सेस नियंत्रित ग्रीनफील्ड राजमार्ग’ शामिल हैं. इन सड़क परियोजनाओं को कुल लगभग 6400 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा. परियोजनाओं से वारंगल और खम्मम के बीच यात्रा की दूरी लगभग 14 किलोमीटर और खम्मम तथा विजयवाड़ा के बीच लगभग 27 किलोमीटर कम हो जाएगी.
प्रधानमंत्री ने ‘एनएच-365बीबी पर सूर्यापेट से खम्मम के बीच चार लेन वाले 59 किमी लंबे खंड’ को भी राष्ट्र को सर्मिपत किया. यह परियोजना लगभग 2,460 करोड़ रुपये की लागत से बनायी गयी है और यह हैदराबाद-विशाखापत्तनम कॉरिडोर का एक हिस्सा है. इसे भारतमाला परियोजना के तहत विकसित किया गया है. यह खम्मम जिले और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी भी प्रदान करेगी.
प्रधानमंत्री ने ’37 किलोमीटर लंबी जक्लेर-कृष्णा नई रेलवे लाइन’ का भी लोकार्पण किया. उन्होंने कृष्णा स्टेशन से हैदराबाद (काचीगुडा)-रायचूर-हैदराबाद (काचीगुडा) के बीच पहली ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. यह ट्रेन सेवा तेलंगाना के हैदराबाद, रंगारेड्डी, महबूबनगर, नारायणपेट जिलों को कर्नाटक के रायचूर जिले से जोड़ेगी.
मोदी ने इस दौरान ‘हसन-चेरलापल्ली एलपीजी पाइपलाइन परियोजना’ को राष्ट्र को सर्मिपत किया. उन्होंने कृष्णापट्टनम से हैदराबाद (मलकापुर) तक ‘भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की बहु-उत्पादक पेट्रोलियम पाइपलाइन’ की आधारशिला भी रखी.
प्रधानमंत्री ने हैदराबाद विश्वविद्यालय के पांच नये भवन, यानी स्कूल ऑफ इकॉनोमिक्स, गणित एवं सांख्यिकी विद्यालय, प्रबंधन अध्ययन स्कूल, व्याख्यान कक्ष परिसर-तृतीय और सरोजिनी नायडू स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड कम्युनिकेशन (एनेक्सी) का भी उद्घाटन किया.
प्रधानमंत्री ने तेलंगाना में 13,500 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, लोकार्पण किया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को तेलंगाना में 13,500 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं को राष्ट्र को सर्मिपत किया और कुछ महत्वपूर्ण योजनाओं की आधारशिला भी रखी. महबूबनगर जिले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने नागपुर-विजयवाड़ा आर्थिक गलियारे से संबंधित महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखी, भारतमाला परियोजना के तहत विकसित हैदराबाद-विशाखापत्तनम गलियारे से संबंधित सड़क परियोजना का लोकार्पण किया, प्रमुख तेल और गैस पाइपलाइन परियोजनाओं की आधारशिला रखी और राष्ट्र को सर्मिपत की और साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हैदराबाद (काचीगुडा)-रायचूर ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.
प्रधानमंत्री ने जिन प्रमुख सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखी, उनमें 108 किलोमीटर लंबा ‘वारंगल से राष्ट्रीय राजमार्ग-163जी के खम्मम खंड तक फोर लेन एक्सेस नियंत्रित ग्रीनफील्ड राजमार्ग’ और 90 किमी लंबा ‘फोर लेन एक्सेस नियंत्रित ग्रीनफील्ड राजमार्ग’ शामिल हैं. इन सड़क परियोजनाओं को कुल लगभग 6400 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा. परियोजनाओं से वारंगल और खम्मम के बीच यात्रा की दूरी लगभग 14 किलोमीटर और खम्मम तथा विजयवाड़ा के बीच लगभग 27 किलोमीटर कम हो जाएगी.
प्रधानमंत्री ने ‘एनएच-365बीबी पर सूर्यापेट से खम्मम के बीच चार लेन वाले 59 किमी लंबे खंड’ को भी राष्ट्र को सर्मिपत किया. यह परियोजना लगभग 2,460 करोड़ रुपये की लागत से बनायी गयी है और यह हैदराबाद-विशाखापत्तनम कॉरिडोर का एक हिस्सा है. इसे भारतमाला परियोजना के तहत विकसित किया गया है. यह खम्मम जिले और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी भी प्रदान करेगी.
प्रधानमंत्री ने ’37 किलोमीटर लंबी जक्लेर-कृष्णा नई रेलवे लाइन’ का भी लोकार्पण किया. उन्होंने कृष्णा स्टेशन से हैदराबाद (काचीगुडा)-रायचूर-हैदराबाद (काचीगुडा) के बीच पहली ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. यह ट्रेन सेवा तेलंगाना के हैदराबाद, रंगारेड्डी, महबूबनगर, नारायणपेट जिलों को कर्नाटक के रायचूर जिले से जोड़ेगी.
मोदी ने इस दौरान ‘हसन-चेरलापल्ली एलपीजी पाइपलाइन परियोजना’ को राष्ट्र को सर्मिपत किया. उन्होंने कृष्णापट्टनम से हैदराबाद (मलकापुर) तक ‘भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की बहु-उत्पादक पेट्रोलियम पाइपलाइन’ की आधारशिला भी रखी.
प्रधानमंत्री ने हैदराबाद विश्वविद्यालय के पांच नये भवन, यानी स्कूल ऑफ इकॉनोमिक्स, गणित एवं सांख्यिकी विद्यालय, प्रबंधन अध्ययन स्कूल, व्याख्यान कक्ष परिसर-तृतीय और सरोजिनी नायडू स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड कम्युनिकेशन (एनेक्सी) का भी उद्घाटन किया.



