बाजार में गिरोहबंदी की चुनौती से निपटना होगा: सीतारमण

नयी दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ‘गिरोहबंदी’ को एक चुनौती बताते हुए शुक्रवार को कहा कि आपूर्ति व्यवधानों की वजह पता लगाने की जरूरत है ताकि बाजार में एक-दो कंपनियों का एकाधिकार कायम न हो पाए क्योंकि इससे कीमतों में वृद्धि या आपूर्ति में चालबाजी की स्थिति बनती है.

कोविड-19 महामारी के बाद बढ़ती मुद्रास्फीति के कारण आर्थिक पुनरुद्धार को लेकर पैदा हुई ंिचताओं के बीच वित्त मंत्री ने कहा कि ऐसी शिकायतें मिली हैं कि वस्तुओं की निर्माण लागत बढ़ गई है जबकि भारत के पास अपनी मांगों को पूरा करने के अलावा निर्यात की भी क्षमता है. सीतारमण ने कहा कि महामारी और पूर्वी यूरोप में युद्ध के हालात की वजह से मूल्य श्रृंखलाओं और आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान की स्थिति बनी है और दुनिया भर में जिसों एवं कच्ची सामग्री की किल्लत है.

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के नयी दिल्ली में आयोजित 13वें वार्षिक कार्यक्रम के अवसर पर वित्त मंत्री ने कहा कि विभिन्न प्रकार के व्यवधानों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा, ‘‘कई स्तरों पर व्यवधानों का सामना करना पड़ रहा है. यह देखने की जरूरत है कि क्या ये कोविड या युद्ध की वजह से उत्पन्न हुए वास्तविक व्यवधान ही हैं. कम आपूर्ति के कारणों का पता लगाने की जरूरत है. यह भी सुनिश्चित करना होगा कि किन्ही एक या दो कंपनी का एकाधिकार कायम न हो जिसकी वजह से कीमतों में वृद्धि हो रही हो या आपूर्ति में छल-कपट किया जा रहा हो.’’

कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय का प्रभार भी संभालने वालीं सीतारमण ने कहा कि बीते दो वर्षों में सीसीआई ने बेहद सकारात्मक ढंग से चुनौतियों का सामना किया है. उन्होंने कहा, ‘‘चुनौतियां अधिक जटिल, सूक्ष्म तथा प्रौद्योगिकी-आधारित होती जा रही हैं. प्रतिस्पर्धा आयोग के पास ऐसा कौशल होना चाहिए कि वह कभी भी पीछे न रहे.’’ उन्होंने कहा कि गिरोहबंदी की चुनौती का सामना करना पड़ेगा क्योंकि कंपनियां बहुत अधिक मांग वाले क्षेत्रों में बढ़ रही हैं और वृद्धि कर रही हैं. उन्होंने कहा कि गिरोहबंदी एक संभावित खतरा हो सकता है.

कॉरपोरेट मामलों के सचिव राजेश वर्मा ने कहा कि सीसीआई ने प्रतिस्पर्धा रोधी मामलों से निपटने के लिए अहम हस्तक्षेप किए हैं. उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा कानून समीक्षा समिति (सीएलआरसी) की सिफारिशों को भी देखा जा रहा है. वहीं प्रतिस्पर्धा कानून में संशोधनों पर भी विचार चल रहा है.

सीसीआई के अध्यक्ष अशोक कुमार गुप्ता ने इस कार्यक्रम में कहा कि नियामक ने बीते 13 वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में न्यायशास्त्र का एक मजबूत निकाय स्थापित किया है. सीतारमण ने कोलकाता में सीसीआई के पूर्वी क्षेत्रीय कार्यालय का आॅनलाइन उद्घाटन भी किया. यह सीसीआई का दूसरा क्षेत्रीय कार्यालय है. पहला क्षेत्रीय कार्यालय चेन्नई में है.

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