महाकाल मंदिर की आधारशिला जनवरी के दूसरे सप्ताह में रखी जाएगी : ममता बनर्जी

लोग मुझ पर तुष्टीकरण का गलत आरोप लगाते हैं; मैं सही मायने में धर्मनिरपेक्ष हूं : ममता

कोलकाता. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को घोषणा की कि राज्य के सबसे बड़े महाकाल मंदिर की आधारशिला जनवरी के दूसरे सप्ताह में रखी जाएगी. उन्होंने कहा कि इसके लिए आवश्यक धनराशि की व्यवस्था कर ली गई है और तैयारियां की जा रही हैं. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि शेष विवरण को अंतिम रूप देने के लिए जल्द ही एक बैठक की जाएगी.

यह घोषणा सिलीगुड़ी में महाकाल मंदिर के संबंध में उनके द्वारा की गई पिछली घोषणा के बाद आई है, जो प्रमुख धार्मिक पहलों को बढ.ावा देने पर राज्य सरकार के निरंतर ध्यान केंद्रित करने का संकेत देती है. यहां न्यू टाउन में देवी दुर्गा को सर्मिपत सांस्कृतिक परिसर ‘दुर्गा आंगन’ के आधारशिला समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने महाकाल मंदिर के लिए भूमि का निरीक्षण पहले ही कर लिया है. उन्होंने कहा, ”मैं आपको एक खुशखबरी दे रही हूं. हम जनवरी के दूसरे सप्ताह में महाकाल मंदिर की नींव रखेंगे. मैंने पूजा के दौरान ही यह तारीख तय कर ली थी.”

लोग मुझ पर तुष्टीकरण का गलत आरोप लगाते हैं; मैं सही मायने में धर्मनिरपेक्ष हूं : ममता

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को तुष्टीकरण के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह ”सही मायने में धर्मनिरपेक्ष” हैं और बिना किसी भेदभाव के सभी धर्मों के कार्यक्रमों में भाग लेती हैं. वह कोलकाता के न्यू टाउन में देवी दुर्गा को सर्मिपत एक सांस्कृतिक परिसर ‘दुर्गा आंगन’ की आधारशिला रखने के लिये आयोजित समारोह को संबोधित कर रही थीं.

उन्होंने कहा, ”लोग मुझ पर तुष्टीकरण का आरोप लगाते हैं, लेकिन यह सही नहीं है. मैं सही मायने में धर्मनिरपेक्ष हूं.” उन्होंने कहा कि वह सभी धर्मों के कार्यक्रमों में भाग लेती हैं. तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने यह नहीं बताया कि किसने उन पर ये आरोप लगाए हैं, लेकिन विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अक्सर उन पर मुसलमानों के तुष्टीकरण का आरोप लगाती है.

बनर्जी ने कहा, ”जब मैं गुरुद्वारे जाती हूं, तो आप कुछ नहीं कहते, लेकिन जब मैं ईद के कार्यक्रम में जाती हूं, तो मेरी आलोचना करने लगते हैं.” बनर्जी ने जारी एसआईआर प्रक्रिया पर भी चिंता जताई और आरोप लगाया कि इसके कारण लोगों को उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है तथा कुछ लोगों की जान भी गई है.

उन्होंने दावा किया, ”लोगों को बेवजह परेशान किया जा रहा है. एसआईआर प्रक्रिया के दौरान एक महीने के भीतर 50 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है.” मुख्यमंत्री ने कहा, ”हम लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ते रहेंगे और इसके लिए अपनी जान कुर्बान करने को भी तैयार हैं.”

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