नयी दिल्ली. कैबिनेट सचिव राजीव गौबा सरकारी कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए सरकार के महत्वाकांक्षी मिशन ‘कर्मयोगी’ कार्यक्रम के कार्यान्वयन की निगरानी के वास्ते एक शीर्ष समिति का नेतृत्व करेंगे जिसमें प्रधानमंत्री कार्यालय से एक वरिष्ठ अधिकारी और सात सचिव भी शामिल होंगे. अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी.
दुनिया में कहीं भी सरकारी संगठनों में सबसे बड़ी क्षमता निर्माण पहलों में से एक के रूप में कल्पित मिशन ‘कर्मयोगी’ का उद्देश्य देश की प्राथमिकताओं की साझा समझ के साथ भारतीय लोकाचार में निहित एक सक्षम लोकसेवा बनाना तथा प्रभावी एवं कुशल सार्वजनिक सेवा प्रदायगी के लिए सामंजस्य स्थापित करना है. यह मिशन लोकसेवा को सभी बदलावों के केंद्र में रखना चाहता है. इस प्रकार मिशन ‘कर्मयोगी’ लोकसेवा सुधारों के लिए एक नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाता है.
अधिकारियों ने कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा जारी एक आदेश का हवाला देते हुए सोमवार को कहा कि सरकार ने हाल में राष्ट्रीय सिविल सेवा क्षमता निर्माण कार्यक्रम (एनपीसीएससीबी) या मिशन कर्मयोगी के तहत संस्थागत ढांचे के हिस्से के रूप में कैबिनेट सचिवालय समन्वय इकाई या सीएससीयू की स्थापना को मंजूरी दे दी है. सीएससीयू में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), सचिव (समन्वय), कैबिनेट सचिवालय, डीओपीटी सचिव, गृह सचिव, व्यय सचिव, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन सचिव, उच्च शिक्षा सचिव और राजस्व सचिव नामित सदस्य होंगे.
आदेश के अनुसार ‘कर्मयोगी भारत’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और क्षमता निर्माण आयोग के सचिव इस 12 सदस्यीय समिति में स्थायी आमंत्रित सदस्य होंगे, जबकि डीओपीटी के अतिरिक्त सचिव/संयुक्त सचिव (प्रशिक्षण) सदस्य सचिव होंगे. इसमें कहा गया कि सीएससीयू की बैठक त्रैमासिक या जब भी उचित समझी जाएगी, बुलाई जाएगी. आईजीओटी (एकीकृत राजकीय आॅनलाइन प्रशिक्षण) कर्मयोगी डिजिटल र्लिनंग प्लेटफॉर्म पर जनवरी 2023 तक 1,532 मंत्रालयों/विभागों और उनके संगठनों द्वारा 341 पाठ्यक्रम प्रकाशित किए गए हैं.