
बेंगलुरु. कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने सोमवार को कहा कि धर्मस्थल शहर में ”कई हत्याओं, दुष्कर्म और पीड़ितों को गुप्त रूप से दफनाने” के आरोपों की जांच कर रही एसआईटी अक्टूबर के अंत तक अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है. उन्होंने हालांकि कहा कि यह देखना होगा कि मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) अंतिम रिपोर्ट सौंपेगी या अंतरिम रिपोर्ट.
परमेश्वर ने एक सवाल के जवाब में कहा, ”एसआईटी ने कहा है कि वह अक्टूबर में रिपोर्ट देगी. वह संभवत: 31 अक्टूबर से पहले रिपोर्ट दे सकती है या दो दिन बाद दे सकती है. हमने उससे कहा है कि वे व्यापक रूप से रिपोर्ट दें और अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करें. उसने कहा है कि वह संभवत? अक्टूबर में अपनी जांच पूरी कर लेगी.” उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि एसआईटी ने जानकारी दी है कि फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की रिपोर्ट, रासायनिक विश्लेषण और अन्य रिपोर्ट मिलने के बाद वह अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.
परमेश्वर ने कहा, ”क्योंकि जो हड्डियां एकत्र की गई थीं, उनका रासायनिक विश्लेषण कर निष्कर्ष निकाला जाना था. एसआईटी ने कहा कि वह इस प्रक्रिया के बाद अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. संभवत? इस महीने के अंत तक रिपोर्ट आने की उम्मीद है.”
गृहमंत्री ने जांच से संबंधित सभी सूचनाएं एक ही रिपोर्ट में शामिल होने के सवाल पर कहा कि यह देखना होगा कि क्या एसआईटी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी या जांच से संबंधित सभी प्रमुख सूचनाओं के साथ एक अंतरिम रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी. विवाद तब शुरू हुआ जब एक शिकायतकर्ता ने दावा किया कि पिछले दो दशकों में धर्मस्थल में यौन उत्पीड़न वाली महिलाओं सहित कई शवों को दफनाया गया है और उसका इशारा इन कथित घटनाओं को लेकर एक स्थानीय मंदिर के प्रशासकों की ओर था. हालांकि बाद में शिकायतकर्ता की पहचान सी एन चिन्नैया के रूप में हुई और उसे झूठी गवाही के आरोप में गिरफ्तार किया गया. राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी आरोपों की जांच कर रही है. उसने धर्मस्थल में नेत्रवती नदी के किनारे वन्य क्षेत्रों में शिकायतकर्ता द्वारा चिह्नित कई स्थानों पर खुदाई की है, जहां दो स्थानों पर कंकाल के कुछ अवशेष पाए गए हैं.



