
रायपुर. उप मुख्यमंत्री अरुण साव आज अयोध्या में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के गौरवशाली पल का साक्षी बनने मुंगेली जिले के बरेला में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए. बरेला में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री साव और अन्य अतिथियों ने जय श्रीराम की आकृति के दीपों का प्रज्वलन कर तथा रामलला की पूजा-अर्चना कर रामोत्सव का शुभारंभ किया.
उप मुख्यमंत्री रुण साव ने रामोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि 500 वर्षों की लंबी तपस्या के बाद भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा हुई है. यह केवल एक मंदिर का निर्माण नहीं है, बल्कि पूरे भारतवासियों की आन, बान, शान और स्वाभिमान का प्रतीक है. प्रभु श्रीराम हम सबके श्रद्धा और आस्था के केन्द्र हैं. उनके बताए रास्ते से दुनिया में सुख, शांति और समृद्धि आ सकती है. उन्होंने कहा कि आज भगवान राम के इस उत्सव को पूरे देश के लोग मना रहे हैं. लोरमी में भी बेर से बने भगवान राम की आकृति निर्मित करने का रिकॉर्ड बना है. अब पूरा हिन्दुस्तान एक नई दिशा में एक नई सोच के साथ बढ़ेगा तथा छत्तीसगढ़ में रामराज्य का सपना साकार होगा.
साव ने कार्यक्रम में कहा कि छत्तीसगढ़ को खुशहाल और समृद्ध बनाने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हम सभी मिलकर कार्य कर रहे हैं. उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन सहित सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप सब के सहयोग से हम राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने हैं.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुंगेली के विधायक पुन्नूलाल मोहले ने कहा कि 500 वर्षों की कठिन मेहनत के बाद आज रामलला की अपने स्थान पर प्राण प्रतिष्ठा हुई है. छत्तीसगढ़ भगवान राम का ननिहाल है. हमारी सरकार ने सभी जिलों और विकासखंडों में रामोत्सव आयोजित करने का निर्णय लिया था. प्रभु श्रीराम आदर्श जीवन के प्रतीक रहे हैं. भगवान राम ने अपने आचरण से सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया, इसलिए उनको मर्यादा पुरूषोत्तम राम कहा जाता है. उन्होंने उपस्थित सभी लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए शांति के मार्ग पर चलते हुए लोगों की सेवा करने के लिए प्रेरित किया.
मानस मंडलियों की भक्तिमय प्रस्तुति, चेक एवं वाद्य यंत्र वितरित कर किया गया सम्मानित
बरेला में आयोजित कार्यक्रम में रामायण मंडलियों के मानस भजन कीर्तन से पूरा माहौल राम नाम की धुन से गुंजित हो गया. रामायण मंडलियों ने मानस गायन के माध्यम से रामकथा का रसपान कराया. मानस मंडलियों को अतिथियों ने चेक एवं वाद्य यंत्र प्रदान कर सम्मानित किया.
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार सेवकों को शॉल और श्रीफल भेंटकर किया सम्मानित
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मंदिर निर्माण में सहयोग देने वाले कार सेवकों को सम्मानित किया. उन्होंने विधायक पुन्नुलाल मोहले, द्वारिका जायसवाल, मोहन भोजवानी और अन्य कारसेवकों को शॉल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया. कार्यक्रम में लोरमी के पूर्व विधायक तोखन साहू, जिला पंचायत की सदस्य दुर्गा उमाशंकर साहू, मुंगेली के कलेक्टर राहुल देव, पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन सिंह, वनमंडलाधिकारी सत्यदेव शर्मा और जिला पंचायत के सीईओ श्री प्रभाकर पांडेय सहित अनेक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद थे.
500 साल का इंतजार हुआ पूरा, अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा ऐतिहासिक क्षण : उप मुख्यमंत्री अरुण साव
उप मुख्यमंत्री अरुण साव आज अयोध्या में नवनिर्मित श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर लोरमी में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए. उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों और जनप्रतिनिधियों के साथ अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान का सीधा प्रसारण देखा और इसके साक्षी बने. कार्यक्रम में अतिथियों का तिलक लगाकर और गमछा भेंटकर स्वागत किया गया. पूरे देश की तरह मुंगेली जिले में भी आज हर तरफ हर्ष और उल्लास का माहौल रहा. जिले में दिनभर पूरा वातावरण राममय रहा. लोगों ने स्वस्फूर्त जगह-जगह विविध कार्यक्रम आयोजित किए.
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लोरमी के हाई स्कूल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में रामलला की बेर से बनी आकृति का दर्शन किया और महाआरती में शामिल होकर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की. उन्होने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज ऐतिहासिक क्षण है. अयोध्या धाम में नवनिर्मित श्रीराम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान का आयोजन किया गया है. पिछले 500 साल से रामभक्त आज के इस ऐतिहासिक दिन का इंतजार कर रहे थे. आज भगवान राम के इस उत्सव को पूरे देश के लोग अपने-अपने तरीके से मना रहे हैं. हर गली, हर मोहल्ले को सजाया गया है. अनेक धार्मिक और सामाजिक संगठनों द्वारा उत्सव का आयोजन किया जा रहा है. ये आयोजन भगवान राम के प्रति लोगों के स्नेह, श्रद्धा और सम्मान को दर्शा रहे हैं.
उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान राम का ननिहाल है, जिसके कारण यहां खुशी और उमंग बहुत ज्यादा है. आज दीपावली जैसा उत्सव का वातावरण है. ऐसे माहौल में लोरमी भी किसी से पीछे नहीं रहने वाला है. जिस बेर को शबरी माता ने भगवान राम को खिलाया था, वैसे पांच टन बेर से भगवान राम की आकृति बनाने का रिकॉर्ड यहां की धरती पर बना है. उन्होने कहा कि यह केवल एक मंदिर का निर्माण नहीं है, बल्कि पूरे भारतवासियों के मान-सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक है. एक स्वाभिमानी, समृद्ध, आत्मनिर्भर और खुशहाल भारत की मजबूत नींव का निर्माण आज अयोध्या में भगवान राम के मंदिर निर्माण के साथ हुई है. उन्होंने इसके लिए पूरे छत्तीसगढ़ की जनता को बधाई एवं शुभकामनाएं दी.
बेर से बनी रामलला की आकृति रही आकर्षण का केन्द्र
अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर लोरमी के हाई स्कूल मैदान में पांच टन बेर से भगवान श्रीराम के बालरूप की आकृति बनाई गई, जो लोगों के खासे आकर्षण का केंद्र रहा. बड़ी संख्या में लोग इसका दर्शन करने पहुंचे. इस आकृति की खास बात यह है कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के जिस बालरूप की प्राण प्रतिष्ठा हुई है, उसी बालरूप की आकृति मैदान में बेर से उकेरी गई है. इस आकृति को 30 से अधिक कलाकारों ने 22 घंटे की कड़ी मेहनत से बनाया है, जो अपने आप में अनूठा रिकॉर्ड है.
कार्यक्रम के दौरान भक्तिमय गाने पर जमकर झूमे उप मुख्यमंत्री, मानस मंडलियों को किया सम्मानित
प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान के अवसर पर कलाकारों द्वारा भक्तिमय सांस्कृतिक कार्यक्रम, मानस गायन और भगवान श्रीराम द्वारा शबरी के जूठे बेर खाते हुए झांकी की मनमोहक प्रस्तुति दी गई. इस दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव भी अपने आप को भक्तिमय वातावरण में झूमने से नहीं रोक सके और वहां उपस्थित अतिथियों के साथ भक्तिमय गाने सुनकर जमकर झूमे. उन्होंने कार्यक्रम में मानस मंडलियों को पांच-पांच हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि तथा तबला व हरमोनियम प्रदान कर सम्मानित किया. साव ने लोरमी के मानस मंच में नवनिर्मित राम दरबार में भी पहुंचकर दर्शन किया और महाआरती में शामिल होकर सभी की खुशहाली की कामना की. नगरवासियों के सहयोग से मात्र 11 दिनों में ही इस राम दरबार का निर्माण किया गया है.



