130वें संविधान संशोधन विधेयक के पीछे गुप्त एजेंडा, इसे पेश करने का कोई तर्क नहीं: हेमंत सोरेन

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 28 Aug 2025 09:14 PM
130वें संविधान संशोधन विधेयक के पीछे गुप्त एजेंडा, इसे पेश करने का कोई तर्क नहीं: हेमंत सोरेन
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रांची. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 130वें संविधान संशोधन विधेयक को लेकर बृहस्पतिवार को भाजपा-नीत केंद्र सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि इसे पेश करने के पीछे एक ”बड़ा गुप्त एजेंडा” है. सोरेन ने कहा कि वह यह समझ पाने में असमर्थ हैं कि 30 दिन या उससे अधिक जेल में रहने की स्थिति में मंत्रियों को उनके पदों से हटाने का प्रावधान करने वाला विधेयक संसद में क्यों पेश किया गया.

उन्होंने मानसून सत्र के अंतिम दिन विधानसभा में कहा, ”संविधान संशोधन विधेयक के पीछे एक बड़ा गुप्त एजेंडा है, जिसे हम समझ नहीं पा रहे हैं… लेकिन, यह भविष्य में स्पष्ट हो जाएगा.” उन्होंने भाजपा सरकार पर निर्वाचन आयोग की मदद से बिहार में लाखों मतदाताओं के नाम हटाने का भी आरोप लगाया और दावा किया कि केंद्र और उसकी नीतियों का विरोध करने वालों को ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग जैसी एजेंसियों द्वारा झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है.

सोरेन ने कहा, ”केंद्र सरकार ने मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को पद पर रहते हुए लिये गए निर्णयों के लिए किसी भी कानूनी कार्रवाई से छूट देने वाले कानून बनाए हैं, जो दुनिया में कहीं भी नहीं है.” उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी को भाजपा के दुष्प्रचार पर विश्वास करने के लिए मजबूर किया जा रहा है.

मुख्यमंत्री ने दावा किया, ”प्रधानमंत्री, झारखंड में खदानों की नीलामी की निगरानी में व्यस्त हैं, जबकि आदिवासी लोग भीषण गरीबी से जूझ रहे हैं और यहां यूरेनियम जैसे खनिजों के उत्खनन के कारण विभिन्न विकृतियों से पीड़ित हैं.” उन्होंने कहा कि झारखंड देश के विकास में योगदान देता है, लेकिन बदले में उसे केंद्र की उदासीनता मिलती है. सोरेन ने यह भी कहा कि उन्हें केंद्र द्वारा झामुमो संस्थापक शिबू सोरेन को मरणोपरांत भारत रत्न दिए जाने पर संदेह है. शिबू सोरेन का छह अगस्त को निधन हो गया था.

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