
नयी दिल्ली/फर्रुखाबाद/ग्वालियर. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को आपातकाल की 50वीं बरसी पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हमले को लेकर उन पर पलटवार किया और आरोप लगाया कि पिछले 11 साल से देश में ”अघोषित आपातकाल” है तथा भारतीय जनता पार्टी
(भाजपा) मोदी सरकार की विफलताओं को छिपाने के लिए ‘संविधान हत्या दिवस’ मनाने का नाटक कर रही है.
उन्होंने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए यह दावा किया कि निर्वाचन आयोग मोदी सरकार की कठपुतली बन गया है.
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कारण ही आज संविधान संकट में है. खरगे ने संवाददाताओं से कहा, ”जिनका देश की आजादी के आंदोलन और संविधान निर्माण में कोई योगदान नहीं रहा. जिन लोगों ने इस संविधान को बनाने में सहयोग नहीं किया. जो लोग हमेशा संविधान के खिलाफ बात करते रहे, वे आज तरह-तरह की बातें कर रहे हैं.” उन्होंने दावा किया, ”जिस संविधान को बाबा साहेब आंबेडकर जी, (जवाहर लाल) नेहरू जी, (महात्मा) गांधी जी और संविधान सभा ने तैयार किया था, उसे भी आरएसएस के लोगों ने रामलीला मैदान में जलाया था. यही नहीं, आरएसएस के लोगों ने बाबा साहेब आंबेडकर जी, नेहरू जी और गांधी जी का पुतला भी जलाया था.”
खरगे ने कहा, ”आरएसएस के लोगों का कहना था कि जो संविधान बाबा साहेब आंबेडकर जी ने बनाया है, उसमें हमारी पारंपरिक संस्कृति और मनुस्मृति के अंश नहीं हैं, इसलिए हम इस संविधान को नहीं मानेंगे.” उन्होंने दावा किया, ”भाजपा हमारे देशव्यापी ‘संविधान बचाओ आंदोलन’ से घबरा गई है, इसीलिए आज वे लोग फिर से आपातकाल की बात कर रहे हैं.” कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ”सच्चाई यह है कि जो लोग अपने शासन में नाकामयाब रहे और जिनकी खुद की सरकार में महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और आर्थिक बदहाली चरम पर है, वे आज लोगों का ध्यान भटका रहे हैं.” खरगे ने आरोप लगाया, ”सरकार गरीब को और गरीब, अमीर को और अमीर बना रही है. हालात ये हैं कि देश में गरीब और अमीर के बीच की खाई बढ़ती जा रही है, जिसे ये मिटा नहीं सकते. भाजपा सरकार में चुनिंदा उद्योगपतियों को ही सब सौंपा जा रहा है. नरेन्द्र मोदी अपने ही दोस्तों को देश का सारा धन सौंप रहे हैं.”
उन्होंने यह आरोप लगाया कि यह एक तरह से ‘अघोषित आपातकाल’ है तथा सरकार संविधान और संसद का सम्मान नहीं करती है.
कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया, ”मोदी सरकार अपनी नाकामी और कमजोरी छिपाना चाहती है. लोगों का ध्यान असल मुद्दों पर न जाए इसलिए ध्यान भटकाने के लिए तरह-तरह की बातें करती रहती है. जब राहुल गांधी जी देश में जगह-जगह जाकर संविधान बचाने की बात कर रहे हैं, जिससे लोगों में जोश और जज्बा आया है. तब नरेन्द्र मोदी उस जोश को ख.त्म करने के लिए देश में बहुत बड़ा नाटक कर रहे हैं.” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संसद में मनमाने ढंग से कानून पारित करवाती है.
उन्होंने कहा, ” जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बहुत बड़ी आतंकी घटना हुई, हमने इसके लिए एक विशेष संसद सत्र की मांग की थी, लेकिन सरकार ने ये मांग नहीं मानी. हमने ये भी कहा कि एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए, जिसमें नरेन्द्र मोदी भी मौजूद रहें. लेकिन नरेन्द्र मोदी सर्वदलीय बैठक को छोड़कर, बिहार में प्रचार करते रहे, दूसरे देशों के दौरे पर निकल गए.” खरगे ने कहा, ”मोदी जी खुद को असली देशभक्त कहते हैं, लेकिन सर्वदलीय बैठक में नहीं आते, जनता से जुड़ी बातें नहीं सुनते. इससे पता चलता है कि इन्हें देशवासियों से कितनी हमदर्दी है?”
उन्होंने मणिपुर हिंसा का उल्लेख किया और पूछा कि प्रधानमंत्री मोदी अब तक वहां क्यों नहीं आए? खरगे ने दावा किया, ”अगर आज हमारा संविधान संकट में है, तो वह नरेन्द्र मोदी की वजह से है. नरेन्द्र मोदी देश को बर्बाद कर रहे हैं. कोई छात्र देशहित में बात करता है तो उसे देशद्रोही बताया जाता है. कोई पत्रकार कुछ लिखता है तो उसे जेल में डाल दिया जाता है. कोई पत्रिका सरकार की खामियों पर लिखती है तो उसे भी नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार द्वारा स्वीकार नहीं किया जाता.”
भाजपा ने देश में लागू किया हुआ है अघोषित आपातकाल : अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को कहा कि जून 1975 में घोषित तौर पर आपातकाल लागू किया गया था लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस समय देश में अघोषित आपातकाल लागू किया हुआ है.
पूर्व सांसद छोटे सिंह यादव की तेरहवीं में शामिल होने पहुंचे सपा प्रमुख ने आपातकाल की 50वीं बरसी से जुड़े एक सवाल पर संवाददाताओं से कहा, “इस समय देश में अघोषित आपातकाल जारी है. जयप्रकाश नारायण के भ्रष्टाचार रोधी आंदोलन के बाद तो घोषित तौर पर आपातकाल लागू किया गया था लेकिन भाजपा ने इस वक्त अघोषित आपातकाल लगाया हुआ है.”
उन्होंने कहा, “देश में जाति और धर्म के नाम पर भेदभाव किया जा रहा है. भाजपा के राज में महंगाई और भ्रष्टाचार चरम पर है. भाजपा धर्म से धर्म और जाति से जाति को लड़ा रही है. भाजपा नकारात्मक राजनीति करती है.” पूर्व मुख्यमंत्री ने इटावा में यादव समाज के एक कथावाचक और उनके साथियों से मारपीट की घटना का जिक्र करते हुए कहा, “इटावा की घटना को शोषण करने वाले वर्चस्ववादी लोगों ने अंजाम दिया. भाजपा सपना दिखाती हैं कि हम विश्व गुरु हो गए हैं और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी मेरी बात मानते हैं, लेकिन इटावा जैसी घटनाएं समाज में बेहद निंदनीय है. ऐसी सभी घटनाये भाजपा सरकार में हो रहीं हैं.”
भाजपा शासन में संविधान की धज्जियां उड़ाई गईं लेकिन पार्टी आपातकाल की बरसी मना रही: कांग्रेस
मध्यप्रदेश में कांग्रेस नेताओं ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पिछले 11 वर्षों में देश में संविधान की धज्जियां उड़ाई गईं लेकिन सत्तारूढ़ दल आपातकाल लागू होने की 50वीं बरसी मना रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा द्वारा आपातकाल की बरसी मनाने का उद्देश्य खरीद-फरोख्त के जरिए निर्वाचित सरकारों को गिराना और दलितों, आदिवासियों व महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के अपने स्वयं के कुकृत्यों को छिपाना है.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह, प्रदेश पार्टी प्रमुख जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और पार्टी के कई अन्य नेताओं ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर पीठ के परिसर में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की मांग को लेकर यहां आयोजित विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया. मेला ग्राउंड के पास सूर्य नमस्कार चौराहे पर विरोध प्रदर्शन किया गया.
सिंह ने इस दौरान कहा, “हम भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार को चेतावनी दे रहे हैं कि अगर वे उच्च न्यायालय की ग्वालियर पीठ परिसर में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति नहीं देते हैं, तो यह माना जाएगा कि वे संविधान के मुख्य निर्माता के खिलाफ हैं.” मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास गवाह है कि राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ ने संविधान को जलाया और इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया.
उन्होंने कहा, “आज यह साबित हो गया कि हम संविधान बचाने के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि वे इसे संविधान हत्या दिवस के रूप में मना रहे हैं. भाजपा और कांग्रेस में यही अंतर है. आप आपातकाल की 50वीं बरसी मना रहे हैं, लेकिन पिछले 11 वर्षों में उनके (भाजपा के) शासन के दौरान संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं.” सिंह ने कहा, “अगर आपको संविधान से इतना ही प्यार है तो आप ग्वालियर में उच्च न्यायालय के परिसर में आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति क्यों नहीं देते हैं.”



