
नयी दिल्ली. कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के लिए रविवार को जारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के घोषणापत्र को बयानबाजी से भरा ”जुमला पत्र” करार दिया. पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि मोदी की गारंटी ”जुमलों की वारंटी” है, क्योंकि वह पूर्व में किए गए वादों को पूरा करने में नाकाम रहे हैं.
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर नौकरियां देने, किसानों की आय दोगुनी करने और मूल्य वृद्धि तथा मंहगाई से निपटने के वादे को पूरा नहीं करने का भी आरोप लगाया. कांग्रेस ने कहा कि वह अब 2047 के बारे में बात करके मुद्दा ही बदल दे रहे हैं. कांग्रेस ने कहा कि भाजपा के घोषणापत्र को ”माफीनामा” नाम दिया जाना चाहिए था और मोदी को पिछले 10 वर्षों में किए गए वादों को पूरा नहीं करने के लिए किसानों, युवाओं, गरीबों और दलितों से माफी मांगनी चाहिए. खरगे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने अपने कार्यकाल के दौरान कोई ऐसा बड़ा काम नहीं किया, जिससे देश की जनता, युवाओं और किसानों को फायदा हो.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को लोकसभा चुनाव के लिए गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं के सशक्तीकरण पर केंद्रित भाजपा का घोषणापत्र जारी किया और इस बात पर बल दिया कि जब दुनिया अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है तो भारत में पूर्ण बहुमत वाली स्थिर सरकार की आवश्यकता है. खरगे ने कहा कि युवा नौकरियों के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं, महंगाई के कारण खाद्य पदार्थों की कीमतें आसमान छू रही हैं और लोग इससे परेशान हैं, लेकिन घोषणापत्र में इस पर कोई बात नहीं कही गयी है. उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी ने पिछले 10 वर्षों में केवल बेरोजगारी और महंगाई बढ़ाई है. उन्होंने हिंदी में एक पोस्ट में प्रधानमंत्री से 14 सवाल भी पूछे.
खरगे ने कहा, ”पुरानी गारंटियों के लिए कोई जवाबदेही नहीं, कोरी बयानबाजी! ‘मोदी की गारंटी’ ‘जुमलों की वारंटी’ के जैसी है.” कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, ”भाजपा के घोषणापत्र और नरेन्द्र मोदी के भाषण से दो शब्द गायब हैं – महंगाई और बेरोजगारी.” गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”लोगों के जीवन से जुड़े सबसे अहम मुद्दों पर भाजपा चर्चा तक नहीं करना चाहती. ‘इंडिया’ (गठबंधन) की योजना बिल्कुल स्पष्ट है – 30 लाख पदों पर भर्ती और हर शिक्षित युवा को एक लाख रुपये की पक्की नौकरी. युवा इस बार मोदी के झांसे में नहीं आने वाला, अब वो कांग्रेस का हाथ मजबूत कर देश में ‘रोजगार क्रांति’ लाएगा.”
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि 2014 के अपने घोषणापत्र में मोदी ने एक विशेष कार्यबल बनाकर काला धन वापस लाने का वादा किया था, लेकिन इसके बजाय आए चुनावी बॉण्ड. खेड़ा ने दावा किया कि उन्होंने पूर्वोत्तर में कानून व्यवस्था को मजबूत करने का भी वादा किया था, लेकिन आज मणिपुर में हिंसा जारी है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी चुप्पी साधे हुए हैं.
राम मंदिर मुद्दे के बारे में पूछे जाने पर खेड़ा ने कहा, ”राम आस्था का मुद्दा हैं, राजनीति का नहीं. हम भाजपा को उन्हें राजनीति में घसीटने की इजाजत नहीं देंगे.” ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव कुछ राज्यों में सात चरणों में होंगे और भाजपा एक साथ चुनाव की बात कर रही है.
कांग्रेस प्रवक्ता ने दावा किया, ”मोदी नारे देने के आदी हैं. एक राष्ट्र, एक गलती और वह हैं – नरेन्द्र मोदी.” उन्होंने कहा कि मोदी ने वादा किया था कि विशेष पैकेज के जरिये 100 जिलों से गरीबी खत्म की जाएगी, लेकिन भूख सूचकांक के आंकड़े हकीकत बयां कर रहे हैं. कांग्रेस नेता ने कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा ने 100 नए स्मार्ट शहर बनाने का वादा किया था, लेकिन ये तो नहीं बनाए गए, अलबत्ता चीन सीमा पर ”स्मार्ट गांव” बना रहा है.
उन्होंने दावा किया कि ”जनता मोदी के इन वादों से तंग आ चुकी है और बेहद गुस्से में है.” खेड़ा ने कहा, ”हमें भाजपा के ‘संकल्प पत्र’ के नाम पर सख्त आपत्ति है, इसका नाम ‘माफीनामा’ रखा जाना चाहिए था. मोदी को देश के दलितों, किसानों, युवाओं और आदिवासियों से माफी मांगनी चाहिए.” वहीं कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, ”यह घोषणापत्र नहीं बल्कि जुमला पत्र है.” श्रीनेत ने कहा, ”लोग कह रहे हैं बहुत हो गए आपके जुमले, अब दूसरी सरकार लाने का समय आ गया है.” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा संविधान पर सबसे बड़े हमले की तैयारी कर रही है. श्रीनेत ने कहा, ”ऐसे देश में जहां सबसे ज्यादा बेरोजगारी है, भाजपा के घोषणापत्र में नौकरियों का जिक्र केवल दो बार आया है. एमएसपी (फसलों के लिए) पर कानूनी गारंटी का कोई जिक्र नहीं है. घोषणापत्र में मणिपुर या चीन की घुसपैठ का भी कोई जिक्र नहीं है.”



