
मुंबई. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा कि राज्य में मराठी और गैर-मराठी के बीच कोई तनाव नहीं है तथा दोनों में किसी के भी साथ कोई अन्याय नहीं हो रहा है. फडणवीस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे को भाषा से जुड़े भावनात्मक मुद्दे में न पड़ने की सलाह भी दी. उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि राज्य में भाषा को लेकर विवाद राजनीतिक कारणों से पैदा किया जा रहा है.
महाराष्ट्र में भाषा के मुद्दे पर दुबे की ओर से पिछले महीने की गई विवादास्पद टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर फडणवीस ने अपने पार्टी सहयोगी को सावधानी बरतने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि झारखंड से सांसद दुबे को ‘मराठी बनाम गैर-मराठी’ मुद्दे में नहीं पड़ना चाहिए, जिसे राजनीतिक कारणों से खड़ा किया जा रहा है.
फडणवीस ने कहा, “हम इससे निपटने में सक्षम हैं. यहां मराठी और गैर-मराठी के बीच कोई तनाव नहीं है. दोनों में से किसी के भी साथ कोई अन्याय नहीं हो रहा है. महाराष्ट्र में मराठी और गैर-मराठी भाषी उन नेताओं को सबक सिखाएंगे, जो उन्हें बांटने की कोशिश कर रहे हैं.” गुजरात के एक वन्यजीव पुनर्वास केंद्र में स्थानांतरित की गई एक हथिनी की वापसी की मांग को लेकर कोल्हापुर में हो रहे विरोध प्रदर्शन और मुंबई उच्च न्यायालय के निर्देश पर मुंबई के ‘कबूतरखानों’ में कबूतरों को दाना खिलाना बंद किए जाने के बारे में पूछे जाने पर फडणवीस ने कहा कि उन्होंने दोनों मुद्दों पर चर्चा करने और सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने के लिए मंगलवार को एक बैठक बुलाई है. एक सवाल के जवाब में फडणवीस ने कहा कि कम आय वर्ग की महिलाओं के लिए चलाई जा रही ‘लाडकी बहीण योजना’ के तहत धोखाधड़ी से लाभ लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, लेकिन उन्होंने विस्तृत जानकारी नहीं दी.
शिवसेना (उबाठा) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे की विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के नेताओं से मुलाकात के लिए प्रस्तावित दिल्ली यात्रा के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने उद्धव पर अपने पिता दिवंगत बाल ठाकरे द्वारा दिखाए गए मार्ग से भटकने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, “जो लोग बालासाहेब ठाकरे के दिखाए मार्ग से भटक गए हैं, वे चाहे कुछ भी कर लें, दोबारा सत्ता में नहीं आएंगे.”



