
बेंगलुरु. कर्नाटक के गृहमंत्री जी. परमेश्वर ने कहा है कि हसन से सांसद प्रज्वल रेवन्ना द्वारा महिलाओं के कथित यौन शोषण से संबंधित मामलों से निपटने में राज्य सरकार की ओर से कोई लापरवाही नहीं हुई है और विशेष जांच दल सभी पहलुओं की जांच कर रहा है. परमेश्वर ने कर्नाटक में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब होने के विपक्षी दलों के आरोपों को भी खारिज कर दिया और राज्य पुलिस का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने (पुलिस ने) अच्छा काम किया है.
परमेश्वर ने कहा, ”एसआईटी इस मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है और वे पूरी तरह सक्षम हैं. जैसे ही हमें इस मामले के बारे में पता चला हमने सबसे पहले इसे अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) ??को सौंप दिया और फिर स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया. सरकार की ओर से कोई लापरवाही नहीं हुई. अगर कर्नाटक में खुफिया तंत्र विफल रहा तो केंद्रीय खुफिया तंत्र भी विफल रहा, क्योंकि उसने उन्हें (प्रज्वल को) देश से बाहर जाने दिया.” उन्होंने ‘पीटीआई वीडियो’ से बातचीत के दौरान कहा कि एक अदालत ने प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है जिसके बाद राज्य सरकार ने केंद्र को पत्र लिखकर उसका राजनयिक पासपोर्ट रद्द करने का आग्रह किया है.
उन्होंने कहा, “यह बहुत संवेदनशील मामला है और आप लोगों को प्रज्वल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए मजबूर नहीं कर सकते. हमें बहुत सारी रिपोर्ट मिल रही हैं, हसन में लोग अपने घरों से भाग रहे हैं, बहुत सी महिलाएं अपने घरों में कठिनाइयों से गुजर रही हैं. कथित तौर पर वीडियो में देखी गईं कई महिलाओं की समाज में अपना स्थान है. वे सभी अपने ही परिवारों की निगरानी में हैं. यह एक भयानक घटनाक्रम है.” प्रज्वल पर महिलाओं के साथ यौन शोषण के कई मामले दर्ज हैं. ये मामले तब प्रकाश में आए जब कथित तौर पर उनसे जुड़े कई अश्लील वीडियो सार्वजनिक हो गए.
प्रज्वल कथित तौर पर हासन सीट के लिए हुए मतदान के एक दिन बाद 27 अप्रैल को जर्मनी चला गया था और अब भी फरार है. परमेश्वर ने कहा कि आवाज और तस्वीर की पुष्टि के लिए कुछ वीडियो फुटेज एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) को भेजे गए हैं और पुलिस ने वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान की पुष्टि कर दी है. उन्होंने कहा, “जांच अब भी जारी है, इसलिए इस मामले में और अधिक जानकारी देना मेरे लिए उचित नहीं है.” एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह कहना गलत होगा कि कांग्रेस पार्टी प्रज्वल रेवन्ना कांड को राजनीतिक मुद्दा बना रही है.
प्रज्वल के ‘400 महिलाओं से दुष्कर्म’ करने संबंधी राहुल के दावे पर जद(एस) ने की शिकायत
जनता दल सेक्युलर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस कथित दावे को लेकर कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक आलोक मोहन से शिकायत की है कि यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे हासन के सांसद प्रज्वल रेवन्ना ने ‘400 महिलाओं से दुष्कर्म’ किया है.
पूर्व विधान पार्षद (एमएलएसी) और जद(एस) की बेंगलुरु इकाई के अध्यक्ष एच.एम.रमेश गौड़ा ने शिकायत में शिवमोगा और रायचूर जिला मुख्यालयों में दो मई को आयोजित चुनावी सभाओं को संबोधित करते समय राहुल गांधी द्वारा दिए गए कथित बयान के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 202 (अपराध की जानकारी देने में जानबूझकर चूक करना) के तहत उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की.
जद(एस) नेता ने राहुल गांधी के कथित बयान का हवाला दिया है. गौड़ा के मुताबिक राहुल ने चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कथित तौर पर कहा, ”प्रज्वल रेवन्ना ने 400 महिलाओं के साथ दुष्कर्म किया और वीडियो बनाया. यह सेक्स स्कैंडल नहीं है बल्कि घोर दुराचार है. और प्रधानमंत्री कर्नाटक में मंच से एक घोर दुराचारी का समर्थन कर रहे थे और उसके लिए वोट मांग रहे थे. उन्होंने (मोदी ने) कर्नाटक में कहा कि अगर आप बलात्कारी के पक्ष में मतदान करेंगे तो इससे मुझे मदद मिलेगी.” शिकायत में कहा गया कि कथित पीड़िताओं के हित में गांधी जनसेवक होने के नाते अपराध की जानकारी देने को बाध्य हैं.



