क्वांटम विज्ञान पर कार्य करने के लिए तीन वैज्ञानिकों को मिला भौतिकी का नोबेल पुरस्कार

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 04 Oct 2022 09:38 PM
क्वांटम विज्ञान पर कार्य करने के लिए तीन वैज्ञानिकों को मिला भौतिकी का नोबेल पुरस्कार
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स्टॉकहोम. महत्वपूर्ण उपयोग वाले क्वांटम सूचना विज्ञान पर कार्य करने के लिए तीन वैज्ञानिकों को संयुक्त रूप से इस वर्ष का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार देने की मंगलवार को घोषणा की गई. रॉयल स्वीडिश एकेडमी आॅफ साइंसेज ने ‘क्वांटम सूचना विज्ञान’ के लिए फ्रांस के एलै एस्पै, अमेरिका के जॉन एफ क्लाउसर और आॅस्ट्रिया के एंतन साइंिलगर को यह पुरस्कार देने की घोषणा की.

‘फोटोन’ कहे जाने वाले कणों को अधिक दूरी तक अलग-अलग किए जाने के बावजूद उन्हें जोड़ सकने वाले या पकड़ने के तरीकों की खोज के लिए तीनों वैज्ञानिकों को यह पुरस्कार दिया गया है. क्वांटम सूचना विज्ञान का एक उदाहरण ‘इनक्रिप्शन’ भी है. उल्लेखनीय है कि ‘इनक्रिप्शन’ एक ऐसी पद्धति है, जिसके जरिए सूचना को गुप्त कोड में परिर्वितत किया जाता है जो सूचना के सही अर्थ को छिपा देता है.

नोबेल कमेटी की सदस्य इवा ओलसन ने कहा, ‘‘क्वांटम सूचना विज्ञान एक जीवंत और तेजी से विकसित हो रहा क्षेत्र है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘सूचना के सुरक्षित स्थानांतरण, क्वांटम कंप्यूंिटग और सेंसिंग प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में इसके व्यापक उपयोग की संभावना है.’’ इवा ने कहा, ‘‘इसकी जड़ें क्वांटम मेकैनिक्स तक जाती हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसके अनुमानों ने एक दूसरी दुनिया के द्वार खोल दिए हैं और माप की हमारी व्याख्या की पूरी बुनियाद को भी इसने हिलाकर रख दिया है.’’

घोषणा के बाद साइंिलगर ने एक संवाददाता सम्मेलन में फोन पर कहा कि उन्हें पुरस्कार मिलने की घोषणा सुनकर वह स्तब्ध हैं. वियना विश्वविद्यालय से संबद्ध साइंिलगर (77) ने कहा, ‘‘लेकिन यह सकारात्मक अनुभव है.’’ उल्लेखनीय है कि तीनों वैज्ञानिकों को 2010 में इजराइल में वुल्फ पुरस्कार मिला था, जिसे नोबेल पुरस्कार मिलने की संभावना बनाने वाला पुरस्कार माना जाता है.

नोबेल कमेटी ने कहा कि क्लाउसर (79) क्वाटम सिद्धांत को व्यावहारिक प्रयोग में लेकर आए और एस्पै (75) ने 1960 के दशक में पहली बार प्रतिपादित किए गए इस सिद्धांत की खामियों को दूर किया, जबकि साइंिलगर ने ‘क्वांटम टेलीपोर्टेशन’ को प्रर्दिशत किया जिसने दूरी तक सूचना के पारेषण में मदद की.

साइंिलगर ने कहा कि उन्होंने जब अपना अनुसंधान कार्य शुरू किया था तो प्रयोग पूरी तरह से दार्शनिक थे जो किसी संभावित उपयोग के बगैर थे. तब से, इन वैज्ञानिकों के कार्य का उपयोग क्वांटम कंप्यूटर, क्वांटम नेटवर्क और सुरक्षित क्वांटम इनक्रिप्टेड संचार के क्षेत्रों के विकास में किया गया.

सोमवार को, चिकित्सा के क्षेत्र में पुरस्कार के ऐलान के साथ इस वर्ष के लिए नोबेल पुरस्कारों की घोषणा की शुरुआत हुई. बुधवार को रसायन विज्ञान और बृहस्पतिवार को साहित्य के क्षेत्र में इन पुरस्कारों की घोषणा की जाएगी. इस वर्ष (2022) के नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा शुक्रवार को और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में पुरस्कार की घोषणा 10 अक्टूबर को होगी. पुरस्कार के रूप में विजेता को करीब एक करोड़ स्वीडिश क्रोनर (करीब 9,00,000 डॉलर) दिए जाएंगे.

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