भारतीय उद्योग का आकार और स्तर बदलने का समय: शाह

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 29 Sep 2023 08:02 PM
भारतीय उद्योग का आकार और स्तर बदलने का समय: शाह
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नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय उद्योग के आकार और स्तर दोनों को बदलने का समय आ गया है और समय की मांग है कि कंपनियों को बहुराष्ट्रीय बनना चाहिए. गृह मंत्री ने पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) के 118वें वार्षिक सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि बड़े उद्योगों के साथ-साथ छोटे उद्योगों के नेटवर्क को मजबूत करना होगा और इसमें मार्गदर्शन तथा बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने के लिए चैंबर को मजबूती से आगे आना होगा.

उन्होंने कहा कि चैंबर को एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाना होगा ताकि युवाओं, महिलाओं और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को सरकार की नीतियों से अधिकतम लाभ मिल सके. शाह ने कहा कि अगले 25 वर्षों के अमृत काल में, यानी आजादी की 75वीं वर्षगांठ से शताब्दी वर्ष के बीच की अवधि में, देश के उद्योगों को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने में पीएचडीसीसीआई की निर्णायक भूमिका है.

उन्होंने कहा कि इन 75 वर्षों में सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही है कि एक देश के रूप में भारत लोकतंत्र की जड़ों को गहरा करने में सफल रहा है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत ने दुनिया को दिखाया है कि नीति के संदर्भ में शासन एक सतत प्रक्रिया है. शाह ने कहा कि भारत ”वसुधैव कुटुंबकम” के दृष्टिकोण के अनुसार सभी क्षेत्रों में वैश्विक समस्याओं को हल करने में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है.

उन्होंने कहा, ”अब दुनिया आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, सौर गठबंधन, हरित ऊर्जा सहित सभी क्षेत्रों में भारत की ओर देख रही है और हमारी कई पहल आज दुनिया का मार्गदर्शन कर रही हैं.” शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आने वाले 25 वर्षों के लिए विश्व अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले सभी क्षेत्रों में भारत के लिए एक मजबूत नींव रखने की दृष्टि से काम किया है.

उन्होंने कहा, ”समय आ गया है कि भारतीय उद्योग के आकार और स्तर दोनों को बदला जाए और चैंबर ऑफ कॉमर्स को इस पहल की दिशा में सोचना चाहिए. हमारी कंपनियों को बहुराष्ट्रीय बनने की दिशा में काम करना होगा और अब समय की मांग है भारतीय कंपनियां बहुराष्ट्रीय बनें.” शाह ने कहा कि भारत ने हरित हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर, इले्ट्रिरक वाहन, सौर ऊर्जा, रक्षा, ड्रोन, अंतरिक्ष, खनन और हरित ईंधन इथेनॉल जैसे सभी क्षेत्रों में अपना स्थान सुरक्षित कर लिया है, जो अगले 25 वर्षों तक विश्व अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले हैं.

दालों, दूध, जूट उत्पादन और रेलवे इंजन के उत्पादन में भारत के अहम स्थान हासिल करने का हवाला देते हुए गृह मंत्री ने कहा, ”हमें अनुसंधान और विकास में निवेश बढ.ाना होगा.” उन्होंने कहा, ”इसके अलावा, आज हम मोबाइल हैंडसेट उत्पादन, सीमेंट, इस्पात और कपास उत्पादन में दुनिया में दूसरे स्थान पर हैं. चाय उत्पादन में भी हम दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं. स्टार्टअप और मोटर वाहन में हम तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं. यह दर्शाता है कि यदि हम निर्णय लेते हैं, तो हम उसे पूरा भी करते हैं.”

शाह ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में संघीय ढांचे में निर्णायक नीतियां, राजनीतिक स्थिरता, लोकतंत्र और टीम वर्क देखा गया है, जिसने देश को ”नीतिगत जड़ता” से बाहर निकाला है जो 2004-14 तक मौजूद थी. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 2004 से 2014 के कालखंड ने ”देश को हिलाकर रख दिया” जो राजनीतिक अस्थिरता का ”आखिरी कालखंड” भी था जबकि पिछले नौ वर्षों में काम का नतीजा देखा गया है.

उन्होंने कहा, ”पिछले नौ वर्ष राजनीतिक स्थिरता और निर्णायक नीति निर्माण के रहे हैं…इस अवधि के दौरान हमारा सकल घरेलू उत्पाद 2030 अरब डॉलर से बढ.कर 3750 अरब डॉलर हो गया है जो लगभग दोगुना है. प्रति व्यक्ति आय 2013-14 में 68,000 रुपये थी और अब बढ.कर 1.80 लाख रुपये तक पहुंच गयी है.” शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले नौ वर्षों में भारत को हर क्षेत्र में बदलने की कोशिश की है और सफल भी हुए हैं. उन्होंने कहा कि भारत में जी20 बैठक के बाद न केवल व्यापार और उद्योग बल्कि देश के हर क्षेत्र में एक नयी ऊर्जा का संचार हुआ है.

उन्होंने कहा कि जी20, चंद्रयान, मिशन आदित्य की सफलता और लोकसभा तथा राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण ने पूरे देश में नयी उत्साह का संचार किया है. गृह मंत्री ने कहा कि व्यापार और उद्योग देश की अर्थव्यवस्था का केंद्र हैं, जहां से अर्थव्यवस्था को ऊर्जा मिलती है. उन्होंने कहा, ”नीतियों में आए बदलावों के कारण आज हर जगह ‘इंडियाज मोमेंट’ की चर्चा होती है और भारत को पूरी दुनिया में एक जीवंत स्थान के रूप में जाना जाता है.”

उन्होंने कहा कि दुनिया में जब भी कोई कंपनी अपना आधार बदलना चाहती है तो भारत एक आकर्षक स्थल के रूप में उभरता है. उन्होंने कहा, ”हमारा देश सबसे युवा है, और हमारे पास इंजीनियर, डॉक्टर और तकनीकी पेशेवरों की संख्या भी सबसे अधिक है. यहां लोकतंत्र है, टीम वर्क है और मोदी जी के नेतृत्व में नीति निर्माण भी स्पष्ट है. इसलिए, अब अमृत काल में भारत को हर क्षेत्र में प्रथम स्थान पर आने से कोई नहीं रोक सकता.” गृह मंत्री ने कहा कि उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना ने देश के भीतर 14 क्षेत्रों में ‘मेक इन इंडिया’ के सपने को पूरा किया है.

उन्होंने कहा कि मोदी नीत सरकार द्वारा लाई गई नयी शिक्षा नीति के कारण भारत अगले 10 वर्षों में छात्रों के लिए दुनिया का सबसे अच्छा गंतव्य बनने जा रहा है. शाह ने कहा, ”हम संघीय ढांचे में रहते हैं और जब तक ‘टीम इंडिया’ की अवधारणा का पालन नहीं किया जाएगा तब तक इस देश का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है.”

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘टीम इंडिया’ की अवधारणा को बढ.ावा दिया है, और केंद्र सरकार ने राज्यों का आवंटन बढ.ा दिया है. शाह ने कहा कि 2004 से 2014 के दौरान राज्यों को 30 लाख करोड़ रु. आवंटित किए गए जो 2014 से 2023 तक नौ वर्षों में 100 लाख करोड़ रुपये हो गया. शाह ने कहा, ”देश का हर किसान, हर छोटा-बड़ा उद्योग मिलकर टीम इंडिया बनाते हैं, तभी हम 2047 के अपने लक्ष्य तक पहुंच पाएंगे.”

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