त्रिपुरा: भाजपा ने आदिवासी परिषद चुनावों की सभी 28 सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की

अगरतला: त्रिपुरा में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (टीटीएएडीसी) की सभी 28 सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की। टीटीएएडीसी के चुनाव 12 अप्रैल को होने हैं। भाजपा द्वारा जनजातीय परिषद के इन महत्वपूर्ण चुनावों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा टिपरा मोथा पार्टी के सुप्रीमो प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा के उस बयान के एक दिन बाद की गई, जिसमें उन्होंने कहा था कि टिपरासा समझौते के कार्यान्वयन की गारंटी के बिना वे किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेंगे।

टीटीएएडीसी पूर्वोत्तर राज्य के लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्र का प्रशासन संभालती है। भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष राजीव भट्टाचार्जी ने कहा, “हमने सभी 28 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है। सात मौजूदा सदस्यों को पुन? टिकट दिया गया है, जबकि माचमारा और मनु-चैलेंगटा में नए उम्मीदवार उतारे गए हैं।” टिपरा मोथा पार्टी के नेता अनंत देबबर्मा और राजेश देबबर्मा, जो भाजपा में शामिल हो गए थे, उन्हें टिकट दिया गया है।

भट्टाचार्जी ने कहा कि भाजपा ने नौ सीटों पर उम्मीदवारों की “एकतरफा” घोषणा करने के बाद भी अपने सहयोगी इंडिजिनस नेशनलिस्ट पार्टी आॅफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) से संपर्क किया था, लेकिन सीटों का बंटवारा तय नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि टिपरा मोथा पार्टी के साथ भी कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन सीटों के बंटवारे पर सहमति न बन पाने के कारण भाजपा ने आदिवासी परिषद चुनाव अकेले लड़ने का फैसला किया।

मुख्यमंत्री माणिक साहा ने चुनाव के बाद गठबंधन को लेकर कहा, “कुछ कहना बहुत मुश्किल है, क्योंकि भविष्य का किसी को पता नहीं।” टिपरा मोथा पार्टी और आईपीएफटी राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार का हिस्सा हैं। हालांकि, आदिवासी परिषद में भाजपा विपक्ष में है, जिसका प्रशासन टिपरा मोथा पार्टी द्वारा किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास भाजपा का मुख्य चुनावी मुद्दा होगा, क्योंकि पार्टी ने राज्य के मूल निवासियों (आदिवासी) लोगों के लिए बहुत काम किया है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 25 मार्च है, जबकि वोटों की गिनती 17 अप्रैल को होगी। पिछले चुनाव में टिपरा मोथा पार्टी ने 18 सीटें जीती थीं, जबकि भाजपा ने 12 सीटों पर चुनाव लड़कर नौ सीटें हासिल की थीं। परिषद के दो सदस्यों को राज्यपाल द्वारा मनोनीत किया जाता है।

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